एआई प्रभाव पर नई दिल्ली घोषणापत्र 19 फरवरी 2026 को अपनाया गया और 92 देशों तथा अंतरराष्ट्रीय संगठनों ने इसका समर्थन किया। 'सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय' और 'वसुधैव कुटुम्बकम' से प्रेरित इस घोषणापत्र में कहा गया कि एआई के लाभ पूरी मानवता को न्यायसंगत रूप से मिलने चाहिए।

इसके प्रमुख आधार हैं: एआई के लोकतांत्रिक प्रसार का चार्टर, जिसे 25 देशों और अंतरराष्ट्रीय संगठनों का समर्थन मिला; वैश्विक एआई प्रभाव कॉमन्स, जिसमें 30 से अधिक देशों के 80 से अधिक केस अध्ययन हैं; विश्वसनीय एआई कॉमन्स, जिसके औपचारिक आरंभ से पहले 23 भागीदार देश थे; और नई दिल्ली में तय की गईं वे प्रतिबद्धताएँ, जिन पर अग्रणी एआई मॉडल बनाने वाली 13 प्रमुख कंपनियों ने हस्ताक्षर किए। शिखर सम्मेलन में स्वास्थ्य, ऊर्जा, कृषि, शिक्षा, लिंग और सुलभता के क्षेत्रों में एआई के उपयोग पर छह अध्ययन-संग्रह भी तैयार किए गए। अंतरराष्ट्रीय श्रम संगठन के साथ मिलकर न्यायपूर्ण एआई बदलाव की कार्ययोजना भी जारी की गई।