राजस्थान के खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री सुमित गोदारा ने बताया कि यूरेनियम कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड सीकर जिले की खंडेला तहसील में लगभग ₹3,000 करोड़ की यूरेनियम खनन परियोजना स्थापित करेगी। यह घोषणा राजस्थान विधानसभा सत्र के दौरान हुई थी, इसलिए यह मामला राजस्थान की अर्थव्यवस्था, संसाधन-आधारित विकास और स्थानीय रोजगार से सीधे जुड़ता है। परियोजना से 1,623 प्रत्यक्ष रोजगार बनने की उम्मीद है और इनमें 80% रोजगार स्थानीय निवासियों के लिए आरक्षित रखे जाएंगे।

परीक्षा की दृष्टि से यह तथ्य राजस्थान की अर्थव्यवस्था, खनिज संसाधन और प्रशासनिक निर्णय-प्रक्रिया, तीनों से जुड़ता है। सीकर जिले में राजस्थान के प्रमुख यूरेनियम अयस्क भंडार बताए गए हैं, इसलिए खंडेला परियोजना को केवल जिला-स्तरीय निवेश के रूप में नहीं देखना चाहिए। यूरेनियम भारत के परमाणु ऊर्जा कार्यक्रम से जुड़ा रणनीतिक खनिज है। इसी कारण यह परियोजना घरेलू परमाणु ईंधन आपूर्ति के संदर्भ में भी महत्वपूर्ण हो जाती है।

RAS और UPSC जैसी परीक्षाओं में इससे स्थान-आधारित तथ्य पूछे जा सकते हैं: खंडेला तहसील किस जिले में है, निवेश करने वाली कंपनी कौन है, निवेश का अनुमान कितना है, कितने प्रत्यक्ष रोजगार बनेंगे और स्थानीय निवासियों के लिए कितनी हिस्सेदारी रखी गई है। मुख्य परीक्षा में इसे संसाधन-आधारित औद्योगिक विकास, स्थानीय रोजगार, खनन परियोजनाओं से जुड़े प्रशासनिक निर्णय और घरेलू परमाणु ईंधन आपूर्ति के उदाहरण के रूप में लिखा जा सकता है। स्टैटिक जीके से जोड़कर पढ़ते समय राजस्थान के खनिज संसाधन, सीकर जिले में यूरेनियम अयस्क भंडार और भारत के परमाणु ऊर्जा कार्यक्रम में यूरेनियम की भूमिका पर ध्यान देना उपयोगी रहेगा।