किसान दिवस, जिसे राष्ट्रीय किसान दिवस भी कहा जाता है, 23 दिसंबर को मनाया जाता है। 2025 में यह दिन पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह की जयंती के सम्मान में मनाया गया। चौधरी चरण सिंह भारत के 5वें प्रधानमंत्री थे और उन्हें किसानों, ग्रामीण मुद्दों और कृषि सुधार के पैरोकार के रूप में याद किया जाता है। इसी संदर्भ में नई दिल्ली में चौधरी चरण सिंह पुरस्कारों का दूसरा संस्करण प्रदान किया गया। इन पुरस्कारों में ग्रामीण विकास, किसान-कल्याण और समावेशी विकास में योगदान को सम्मानित किया गया।

परीक्षा की दृष्टि से यह विषय सीधे तथ्यों और व्यापक नीति-संदर्भ, दोनों के लिए उपयोगी है। प्रारंभिक परीक्षा में 23 दिसंबर की तारीख, चौधरी चरण सिंह से संबंध, नई दिल्ली में पुरस्कारों का आयोजन और पुरस्कारों का उद्देश्य पूछा जा सकता है। RAS और UPSC जैसी परीक्षाओं में यह किसान-कल्याण, ग्रामीण विकास और कृषि विकास पर नीति-चर्चा से जुड़ता है। राज्य-स्तर की परीक्षाओं में भी राष्ट्रीय किसान दिवस जैसे स्थिर तथ्य को कृषि विकास और ग्रामीण नीति के उदाहरण के रूप में पूछा जा सकता है।

स्टैटिक जीके के लिए चौधरी चरण सिंह की पहचान भारत के 5वें प्रधानमंत्री और कृषि सुधार के पैरोकार के रूप में याद रखनी चाहिए। एक अच्छे उत्तर में किसान दिवस की तारीख, चौधरी चरण सिंह की विरासत और नई दिल्ली में दिए गए दूसरे चौधरी चरण सिंह पुरस्कारों को संक्षेप में जोड़ना पर्याप्त है।