राजस्थान राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (RSCERT) ने कक्षा 1-5 के छात्रों के लिए 'खुशी शाला' नाम से मानसिक स्वास्थ्य और कल्याण की एक अग्रणी पहल शुरू की। इसके साथ ही राजस्थान प्राथमिक शिक्षा में ऐसा कार्यक्रम शुरू करने वाला पहला राज्य बन गया।

2024 में 120 शिक्षकों और 1,300+ छात्रों के साथ इसका पायलट सफल रहा था, जिसमें 91% शिक्षक संतुष्टि दर्ज की गई। अब यह कार्यक्रम सार्वजनिक स्कूल प्रणाली के जरिए पूरे राज्य में हर वर्ष 33 लाख+ बच्चों तक पहुंचाने के लिए विस्तारित किया जा रहा है। साक्ष्य-आधारित पाठ्यक्रम बच्चों को अपनी संवेदनाएँ पहचानने, भावनाओं को नाम देने और विचारों को खुलकर साझा करने में मदद करता है।