प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 24 सितंबर 2025 को भारत के मौजूदा सरकारी कॉलेजों एवं अस्पतालों में 10,023 नई चिकित्सा सीटें जोड़ने की महत्वपूर्ण पहल को मंजूरी दी। इसके तहत 2025-26 से 2028-29 तक चार वर्षों में 15,034 करोड़ रुपये का रणनीतिक निवेश होगा। इस मंजूरी में 5,000 अतिरिक्त स्नातकोत्तर सीटें तथा 5,023 नई स्नातक MBBS सीटें शामिल हैं, जिन्हें 2028-29 शैक्षणिक चक्र के अंत तक सृजित किया जाएगा। यह निवेश लागत साझा करने के आधार पर है, जिसमें केंद्र सरकार 68.5 प्रतिशत (10,303.20 करोड़ रुपये) और राज्य शेष 4,731.30 करोड़ रुपये का योगदान देंगे; प्रति सीट औसतन 1.5 करोड़ रुपये का निवेश होगा। यह एक केंद्र प्रायोजित योजना का चरण-III है तथा प्रधानमंत्री मोदी के अगले पाँच वर्षों में 75,000 चिकित्सा सीटें जोड़ने के विज़न की दिशा में एक कदम है। तेज़ क्रियान्वयन और बेहतर क्षेत्रीय संतुलन के लिए इस पहल में विशेष रूप से सरकारी कॉलेजों एवं अस्पतालों के मौजूदा बुनियादी ढाँचे का उपयोग किया जाएगा। भारत में अब 2025-26 में विश्व में सर्वाधिक 808 चिकित्सा कॉलेज हैं, जो 2013-14 के 387 से बढ़े हैं, तथा देशभर में 1,23,700 MBBS सीटें हैं — पिछले दशक में 69,352 स्नातक सीटों की 127 प्रतिशत वृद्धि तथा 43,041 नई स्नातकोत्तर सीटों के साथ 143 प्रतिशत वृद्धि। नए 2025 नियम अनुभवी सरकारी विशेषज्ञों को अनिवार्य रेज़िडेंसी आवश्यकता के बिना प्रोफेसर बनने की अनुमति भी देते हैं। यह योजना वंचित ग्रामीण एवं जनजातीय समुदायों को लक्षित करती है और भारत की 1.4 अरब जनसंख्या के लिए सार्वभौमिक स्वास्थ्य कवरेज को मज़बूत करने का लक्ष्य रखती है।
केंद्रीय मंत्रिमंडल ने चरण-III केंद्र प्रायोजित योजना के तहत 15,034 करोड़ रुपये से 10,023 नई चिकित्सा सीटों को मंजूरी दी
केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 24 सितंबर 2025 को मौजूदा सरकारी कॉलेजों एवं अस्पतालों में 10,023 नई चिकित्सा सीटों (5,000 PG + 5,023 UG) को मंजूरी दी। 2025-26 से 2028-29 के दौरान इसमें 15,034 करोड़ रुपये का निवेश होगा, 68.5 प्रतिशत वित्त-पोषण केंद्र करेगा और यह प्रधानमंत्री मोदी के 75,000 सीट विज़न को लक्ष्य बनाकर चल रही केंद्र प्रायोजित योजना का चरण-III है।
मुख्य तथ्य
- केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 24 सितंबर 2025 को 15,034 करोड़ रुपये के निवेश वाली 10,023 नई चिकित्सा सीटों को मंजूरी दी
- 2028-29 तक बनाई जाने वाली 5,000 PG तथा 5,023 UG MBBS सीटें शामिल हैं
- केंद्र 68.5 प्रतिशत (10,303.20 करोड़ रुपये) तथा राज्य 4,731.30 करोड़ रुपये का वित्त पोषण करेंगे; प्रति सीट 1.5 करोड़ रुपये का निवेश
- केंद्र प्रायोजित योजना का चरण-III; प्रधानमंत्री मोदी के अगले पाँच वर्षों में 75,000 सीटों के लक्ष्य की ओर एक कदम
- भारत में अब 808 चिकित्सा कॉलेज हैं (2013-14 में 387 से बढ़कर) तथा 1,23,700 MBBS सीटें; दशक में 127 प्रतिशत UG तथा 143 प्रतिशत PG वृद्धि
- 2025 के नियम अनुभवी सरकारी विशेषज्ञों को अनिवार्य रेज़िडेंसी के बिना प्रोफेसर बनने की अनुमति देते हैं
मेन्स दृष्टिकोण
प्रश्न: भारत के चिकित्सा शिक्षा विस्तार एवं सार्वभौमिक स्वास्थ्य कवरेज लक्ष्यों के लिए केंद्र प्रायोजित योजना के चरण-3 के अंतर्गत 10,023 नई चिकित्सा सीटों को केंद्रीय मंत्रिमंडल से मिली स्वीकृति के महत्व की समीक्षा कीजिए।
उत्तर (50 शब्द):
24 सितंबर 2025 को केंद्रीय मंत्रिमंडल ने केंद्र प्रायोजित योजना का चरण-3 स्वीकृत किया—सरकारी कॉलेजों में 10,023 चिकित्सा सीटें (5,000 स्नातकोत्तर, 5,023 स्नातक), 2025-26 से 2028-29 तक 15,034 करोड़ रुपये आवंटन। केंद्र 68.5 प्रतिशत (10,303.20 करोड़) वहन करेगा। भारत में अब 808 चिकित्सा कॉलेज एवं 1,23,700 एमबीबीएस सीटें हैं।
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केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 24 सितंबर 2025 को कितनी नई चिकित्सा सीटों और कुल कितने निवेश को मंजूरी दी?
केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 24 सितंबर 2025 को मौजूदा सरकारी कॉलेजों में 10,023 नई चिकित्सा सीटों (5,000 PG + 5,023 UG) को 2025-26 से 2028-29 तक कुल 15,034 करोड़ रुपये के निवेश के साथ मंजूरी दी।
स्रोत: समाचार स्रोत
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 24 सितंबर 2025 को चिकित्सा शिक्षा के लिए क्या मंजूरी दी?
मंत्रिमंडल ने 2025-26 से 2028-29 तक 15,034 करोड़ रुपये के चार वर्षीय निवेश से मौजूदा सरकारी कॉलेजों एवं अस्पतालों में 10,023 नई चिकित्सा सीटों (5,000 PG + 5,023 UG) को मंजूरी दी।
केंद्र तथा राज्यों के बीच निवेश लागत कैसे साझा की गई है?
केंद्र सरकार 68.5 प्रतिशत (10,303.20 करोड़ रुपये) और राज्य शेष 4,731.30 करोड़ रुपये का वित्त पोषण करेंगे; प्रति सीट औसत लागत 1.5 करोड़ रुपये है।
यह मंजूरी प्रधानमंत्री मोदी की चिकित्सा शिक्षा संबंधी परिकल्पना से कैसे जुड़ती है?
यह केंद्र प्रायोजित योजना का चरण-III है और अगले पाँच वर्षों में 75,000 अतिरिक्त चिकित्सा सीटें जोड़ने की प्रधानमंत्री मोदी की परिकल्पना की दिशा में एक कदम है।
पिछले दशक में भारत में चिकित्सा कॉलेजों की संख्या कैसे बढ़ी है?
भारत में 2025-26 में अब 808 चिकित्सा कॉलेज हैं, जबकि 2013-14 में 387 थे। देशभर में 1,23,700 MBBS सीटें हैं, यानी UG में 127 प्रतिशत और PG में 143 प्रतिशत वृद्धि हुई है।
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