प्रकाशित: 31 जनवरी 2026समाचार स्रोतअर्थव्यवस्था
आर्थिक सर्वेक्षण: प्रमुख सिफारिशें — विनियमन में ढील, बॉटम-अप AI, रणनीतिक अपरिहार्यता
आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26 भारत के लिए आगे की दिशा बताते हुए कई प्रमुख नीतिगत सिफ़ारिशें पेश करता है।
विकास के लिए विनियमन में ढील: सर्वेक्षण बताता है कि उत्पादन के अहम साधनों — भूमि, भवन, श्रम, माल-ढुलाई और उपयोगिता सेवाओं — से जुड़े नियमों में कहाँ-कहाँ ढील दी जा सकती है। इसमें प्रतिस्पर्धी बनने की क्षमता को बुनियादी ढाँचे जितना ही ज़रूरी मानते हुए इनपुट लागत घटाने की राष्ट्रीय रणनीति प्रस्तावित की गई है।
ज़मीनी ज़रूरतों पर आधारित कृत्रिम बुद्धिमत्ता रणनीति: सर्वेक्षण की सिफ़ारिश है कि भारत सबसे उन्नत मॉडल बनाने के बजाय व्यावहारिक उपयोग से निकले नवाचार पर ध्यान दे। भारत वैश्विक कृत्रिम बुद्धिमत्ता शोध में प्रमुख योगदानकर्ताओं में है; उसके पास बड़ी संख्या में तकनीकी विशेषज्ञ और कृत्रिम बुद्धिमत्ता की अच्छी समझ रखने वाला बड़ा कार्यबल है। कृत्रिम बुद्धिमत्ता का प्रशिक्षण स्कूल और विश्वविद्यालय स्तर से शुरू होना चाहिए तथा निजी क्षेत्र की भागीदारी भी होनी चाहिए। विकसित भारत शिक्षा अधिष्ठान विधेयक, 2025 लचीले और उद्योग की ज़रूरतों के अनुरूप पाठ्यक्रमों का समर्थन करता है।
'अनुशासित स्वदेशी' रणनीति: रणनीतिक मज़बूती के लिए तीन स्तर सुझाए गए हैं — (1) रणनीतिक रूप से अत्यंत ज़रूरी क्षेत्रों की गंभीर कमज़ोरियाँ, (2) ऐसी क्षमताएँ जिन्हें प्रतिस्पर्धी लागत पर विकसित करके रणनीतिक लाभ पाया जा सकता है और (3) जिन क्षेत्रों में रणनीतिक ज़रूरत कम है या घरेलू विकल्प बहुत महँगा है, वहाँ वैश्विक बाज़ार से खरीद जारी रखना। इसका लक्ष्य आत्मनिर्भरता से आगे बढ़कर वैश्विक मूल्य शृंखलाओं में 'रणनीतिक अपरिहार्यता' हासिल करना है।
अन्य प्रमुख सिफ़ारिशें: निजी अनुसंधान एवं विकास निवेश बढ़ाना — भारत का कुल खर्च अभी सकल घरेलू उत्पाद का केवल 0.64 प्रतिशत है; कृषि में केवल उत्पादन नहीं, उत्पादकता भी बढ़ाना; कई शहरी केंद्रों के विकास के लिए नमो भारत क्षेत्रीय तीव्र परिवहन प्रणाली के ज़रिए शहरी बुनियादी ढाँचा बेहतर करना; जलवायु वित्त की सीमाओं को देखते हुए अनुकूलन को प्राथमिकता देना; और उद्योग की ज़रूरतों के अनुरूप कौशल कार्यक्रम चलाने के लिए राष्ट्रीय योजना के तहत 1,000 सरकारी औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों को उन्नत करना, जिनमें 200 मुख्य केंद्र और उनसे जुड़े 800 सहायक केंद्र होंगे।
सर्वेक्षण के अनुसार, वैश्विक नवाचार सूचकांक में भारत 2019 के 66वें स्थान से सुधरकर 2025 में 38वें स्थान पर पहुँचा है। कारोबारी क्षेत्र के अनुसंधान एवं विकास खर्च को बढ़ाकर इस स्थिति में और सुधार किया जाना चाहिए।
मेन्स दृष्टिकोण
प्रश्न: आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26 की विनियमन-मुक्ति, एआई रणनीति तथा रणनीतिक अपरिहार्यता संबंधी सिफारिशों को रेखांकित कीजिए।
उत्तर (50 शब्द):
आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26 भूमि, श्रम एवं लॉजिस्टिक्स में विनियमन-मुक्ति; अनुप्रयोग-केंद्रित नीचे-से-ऊपर एआई रणनीति; तथा आत्मनिर्भरता से रणनीतिक अपरिहार्यता की ओर बढ़ने वाले त्रिस्तरीय अनुशासित स्वदेशी दृष्टिकोण की सिफारिश करता है। सकल घरेलू उत्पाद के 0.64 प्रतिशत से आगे निजी अनुसंधान चाहता है; भारत का वैश्विक नवाचार सूचकांक 66वें से 38वें पर पहुंचा।
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जुड़ा प्रश्नआसान
आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26 भारत में कृत्रिम बुद्धिमत्ता के विकास के लिए कौन-सा दृष्टिकोण अपनाने की सिफारिश करता है?
व्याख्या · सही उत्तर Bसर्वेक्षण भारत के लिए बॉटम-अप AI दृष्टिकोण की सिफारिश करता है, जो स्वास्थ्य, कृषि, शहरी प्रबंधन, शिक्षा और आपदा तैयारी में व्यावहारिक अनुप्रयोग-आधारित नवाचार पर केंद्रित है — महंगे फ्रंटियर मॉडल (पश्चिमी बड़ी तकनीकी कंपनियों का टॉप-डाउन दृष्टिकोण) बनाने के बजाय।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26 में सुझाई गई 'अनुशासित स्वदेशी' रणनीति क्या है?
**आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26** ने औद्योगिक नीति के लिए **'अनुशासित स्वदेशी'** की तीन-स्तरीय रणनीति प्रस्तावित की: **(1) महत्वपूर्ण कमज़ोरियाँ** — रणनीतिक रूप से ज़रूरी क्षेत्रों में घरेलू क्षमता विकसित करना; **(2) आर्थिक रूप से व्यवहार्य क्षमताएँ** — जहाँ लागत प्रतिस्पर्धी हो; **(3) कम रणनीतिक ज़रूरत वाले क्षेत्र** — वैश्विक बाज़ार से खरीद जारी रखना। इससे हर क्षेत्र को संरक्षण देने के बजाय रणनीतिक आत्मनिर्भरता सुनिश्चित की जा सकती है।
आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26 के अनुसार भारत की कृत्रिम बुद्धिमत्ता रणनीति कैसी होनी चाहिए?
**आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26** भारत को कृत्रिम बुद्धिमत्ता के लिए **ज़मीनी ज़रूरतों पर आधारित रणनीति** अपनाने की सिफ़ारिश करता है। इसमें सबसे उन्नत मॉडल बनाने के बजाय **व्यावहारिक उपयोग से निकले नवाचार** पर ध्यान दिया गया है। भारत इस क्षेत्र के वैश्विक शोध में प्रमुख योगदानकर्ताओं में शामिल है, उसके पास बड़ी संख्या में तकनीकी विशेषज्ञ हैं और कृत्रिम बुद्धिमत्ता की अच्छी समझ रखने वाला बड़ा कार्यबल है। **प्रशिक्षण स्कूल और विश्वविद्यालय स्तर से शुरू होना चाहिए और निजी क्षेत्र को इसमें निवेश करना चाहिए।**
आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26 में सुझाई गई इनपुट लागत घटाने की राष्ट्रीय रणनीति क्या है?
**आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26** ने **इनपुट लागत घटाने की राष्ट्रीय रणनीति** प्रस्तावित की है। इसमें प्रतिस्पर्धी बनने की क्षमता को भी बुनियादी ढाँचे जितना ही ज़रूरी माना गया है। उत्पादन से जुड़े अहम क्षेत्रों — **भूमि, भवन निर्माण की मंज़ूरी, श्रम नियम, माल-ढुलाई की लागत और उपयोगिता सेवाओं की दरों** — में विनियमन घटाने की बात है, ताकि कारोबार की लागत कम हो और भारत का विनिर्माण क्षेत्र अधिक प्रतिस्पर्धी बने।
आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26 भारत के 'रणनीतिक अपरिहार्यता' के लक्ष्य के बारे में क्या कहता है?
**आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26** का तर्क है कि भारत को **'रणनीतिक अपरिहार्यता'** हासिल करनी चाहिए — यानी वैश्विक आपूर्ति शृंखलाओं और व्यवस्थाओं में इतना अहम बनना कि प्रमुख शक्तियों को भारत के रणनीतिक हितों पर विचार करना पड़े। इसके लिए भारत को **जेनेरिक दवाओं, सूचना प्रौद्योगिकी सेवाओं, नवीकरणीय ऊर्जा विनिर्माण और महत्वपूर्ण खनिज प्रसंस्करण** में बढ़त बनानी चाहिए।
आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26 किस मुख्य आर्थिक सलाहकार के मार्गदर्शन में तैयार किया गया?
**आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26** मुख्य आर्थिक सलाहकार **वी. अनंत नागेश्वरन** के मार्गदर्शन में तैयार किया गया था। वित्त मंत्री **निर्मला सीतारमण** ने इसे **29 जनवरी 2026** को, केंद्रीय बजट पेश किए जाने से एक दिन पहले, संसद में प्रस्तुत किया। यह भारत की अर्थव्यवस्था का सरकार द्वारा किया जाने वाला वार्षिक आकलन है।