राजस्थान सरकार ने 10 दिसम्बर 2025 को अनिवासी राजस्थानी नीति 2025 शुरू की। यह एक व्यापक ढांचा है, जिसका उद्देश्य राजस्थानी प्रवासियों को सामाजिक, सांस्कृतिक और आर्थिक जुड़ाव के जरिए अपनी मातृभूमि से फिर जोड़ना है। यह नीति राइजिंग राजस्थान वैश्विक निवेश शिखर सम्मेलन की एक महत्वपूर्ण अनुवर्ती कार्यवाही मानी जा रही है।
NRR नीति 2025 में जुड़ाव के कई पहलू शामिल हैं। सामाजिक स्तर पर यह विदेशों में बसे राजस्थानियों के लिए पहचान पंजीकरण और राज्य सेवाओं तक पहुंच की व्यवस्था करती है। सांस्कृतिक दृष्टि से यह प्रवासी समुदायों में राजस्थानी भाषा, कला, संगीत और त्योहारों के संरक्षण और प्रसार को बढ़ावा देती है। आर्थिक रूप से यह NRR के लिए सरलीकृत प्रक्रियाओं, सिंगल विंडो क्लियरेंस और प्राथमिकता क्षेत्र प्रोत्साहन के जरिए राजस्थान में निवेश का एक व्यवस्थित ढांचा बनाती है।
इस नीति की एक प्रमुख पहल प्रवासी राजस्थानी सम्मान पुरस्कार है, जो व्यवसाय, कला, सामाजिक सेवा और विज्ञान में प्रवासी समुदाय के उत्कृष्ट योगदान को मान्यता देता है। वर्तमान में अमेरिका, यूके, कनाडा, ऑस्ट्रेलिया, मध्य पूर्व और दक्षिण-पूर्व एशिया सहित विश्वभर में 26 मान्यता प्राप्त NRR चैप्टर हैं।
नीति में NRR शिकायत निवारण पोर्टल और राजस्थान में एक वार्षिक NRR सम्मेलन का भी प्रावधान है। अनुमानतः 15 से 20 लाख राजस्थानी विदेश में रहते हैं, जिनमें खाड़ी देशों में व्यापार और कुशल श्रम में बड़ी संख्या शामिल है। NRR नीति का उद्देश्य इस प्रवासी सद्भावना को राज्य में वास्तविक निवेश, सांस्कृतिक आदान-प्रदान और परोपकारी योगदान में बदलना है।
