राजस्थान के खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री सुमित गोदारा ने सीकर जिले की खंडेला तहसील में एक यूरेनियम खनन परियोजना की जानकारी दी। इस परियोजना में परमाणु ऊर्जा विभाग (DAE) के तहत भारत सरकार के उद्यम, यूरेनियम कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (UCIL) का लगभग 3,000 करोड़ रुपये का निवेश शामिल है। परियोजना से 1,623 प्रत्यक्ष रोजगार सृजित होने की उम्मीद है, जिनमें से 80% स्थानीय निवासियों के लिए आरक्षित हैं। परमाणु खनिज निदेशालय अन्वेषण एवं अनुसंधान (AMD) अन्वेषण और डिक्लाइन माइनिंग का काम कर रहा है।
राजस्थान के सीकर जिले में 3,000 करोड़ रुपये की यूरेनियम खनन परियोजना घोषित
यूसीआईएल सीकर के खंडेला में 3,000 करोड़ रुपये की यूरेनियम खनन परियोजना विकसित करेगी; इससे 1,623 रोजगार सृजित होंगे, जिनमें लगभग 80% स्थानीय निवासियों को मिलेंगे।
मुख्य तथ्य
- UCIL सीकर की खंडेला तहसील में यूरेनियम खनन में 3,000 करोड़ निवेश करेगी।
- परियोजना से 1,623 रोजगार सृजित होंगे, जिनमें 80% स्थानीय राजस्थान निवासियों के लिए होंगे।
- परमाणु ऊर्जा विभाग (DAE) की निगरानी और पर्यवेक्षण में संचालित होगी।
- भारत की परमाणु ऊर्जा आत्मनिर्भरता रणनीति को आगे बढ़ाती है।
- राजस्थान भारत में यूरेनियम संसाधनों वाले प्रमुख राज्यों में से एक है।
- खनन परियोजना परमाणु ऊर्जा क्षमता विस्तार के लिए महत्वपूर्ण है।
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खंडेला (सीकर) यूरेनियम खनन परियोजना से कितने प्रत्यक्ष रोजगार सृजित होंगे, और उनमें स्थानीय निवासियों के लिए कितना प्रतिशत आरक्षण निर्धारित है?
यूसीआईएल खंडेला यूरेनियम परियोजना से 1,623 प्रत्यक्ष रोजगार सृजित होने की आशा है, जिनमें से 80% स्थानीय निवासियों के लिए आरक्षित हैं, जिससे सीकर जिले के सामाजिक-आर्थिक विकास को बढ़ावा मिलेगा।
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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
सीकर, राजस्थान में यूरेनियम खनन परियोजना कौन सी कंपनी लागू कर रही है और निवेश कितना है?
परमाणु ऊर्जा विभाग के अधीन यूरेनियम कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (UCIL) सीकर जिले की खंडेला तहसील में 3,000 करोड़ रुपये के निवेश के साथ यह परियोजना क्रियान्वित कर रही है।
सीकर यूरेनियम खनन परियोजना में कितने रोजगार सृजित होंगे और स्थानीय रोजगार का प्रावधान क्या है?
परियोजना 1,623 रोजगार सृजित करेगी, जिनमें से 80% पद राजस्थान के स्थानीय निवासियों के लिए आरक्षित हैं। इससे क्षेत्रीय रोजगार और आर्थिक विकास को बढ़ावा मिलेगा।
राजस्थान में यूरेनियम खनन का भारत के लिए क्या रणनीतिक महत्व है?
यूरेनियम भारत के परमाणु ऊर्जा संयंत्रों का प्राथमिक ईंधन है। राजस्थान में खनन से आयातित यूरेनियम पर निर्भरता कम होगी और घरेलू परमाणु ईंधन आपूर्ति बढ़ेगी, जिससे भारत की परमाणु ऊर्जा आत्मनिर्भरता रणनीति को बल मिलेगा।
सीकर में यूरेनियम खनन परियोजना का पर्यवेक्षण कौन सा विभाग करता है?
यह परियोजना परमाणु ऊर्जा विभाग (DAE) की निगरानी में है। DAE भारत में UCIL द्वारा किए जाने वाले यूरेनियम खनन सहित सभी परमाणु ऊर्जा संबंधी गतिविधियों का संचालन करता है।
भारत के यूरेनियम संसाधनों के लिए राजस्थान क्यों महत्वपूर्ण है?
राजस्थान भारत के उन प्रमुख राज्यों में से एक है जहां यूरेनियम के महत्वपूर्ण भंडार हैं। सीकर जैसे क्षेत्रों की भूगर्भीय संरचनाएं इसे भारत के घरेलू परमाणु ईंधन आधार के विस्तार के लिए रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण बनाती हैं।
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