सरकार ने प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना (PMDDKY) के साथ दलहन में आत्मनिर्भरता मिशन शुरू किया। इस मिशन के लिए 2025-26 से 2030-31 तक ₹11,440 करोड़ का परिव्यय रखा गया है। भारत दुनिया का सबसे बड़ा दलहन उत्पादक, उपभोक्ता और आयातक है। देश में हर साल लगभग 270 लाख टन दलहन का उत्पादन होता है, जबकि माँग 300 लाख टन है।

मिशन के तहत अधिक उपज देने वाली किस्मों और गुणवत्तापूर्ण बीजों को बढ़ावा देने तथा वर्षा पर निर्भर और अर्ध-शुष्क क्षेत्रों में दलहन की खेती बढ़ाने पर ज़ोर है। इसका लक्ष्य खास तौर पर तूर (अरहर), उड़द और मसूर में देश को आत्मनिर्भर बनाना है। राजस्थान मूँग और मोठ (मटकी) के सबसे बड़े उत्पादक राज्यों में से एक है। मिशन के तहत यहाँ सरकारी खरीद बढ़ेगी और न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) का दायरा विस्तृत होगा। बाड़मेर, जालोर, नागौर और जोधपुर जिले दलहन की खेती के प्रमुख क्षेत्र हैं।