प्रकाशित: 12 अक्टूबर 2025अर्थव्यवस्था
दालों में आत्मनिर्भरता मिशन: दाल आत्मनिर्भरता के लिए ₹11,440 करोड़
सरकार ने PMDDKY के साथ 2025-26 से 2030-31 के लिए ₹11,440 करोड़ के परिव्यय से दालों में आत्मनिर्भरता मिशन शुरू किया। भारत दालों का विश्व का सबसे बड़ा उत्पादक, उपभोक्ता और आयातक है; वार्षिक उत्पादन लगभग 270 लाख टन है, जबकि माँग 300 लाख टन है।
मिशन का लक्ष्य तूर (अरहर), उड़द और मसूर में आत्मनिर्भरता लाना तथा उच्च उपज वाली किस्मों और गुणवत्तापूर्ण बीजों को बढ़ावा देना है। मूँग और मोठ उत्पादक प्रमुख राज्य राजस्थान को बेहतर खरीद और MSP का व्यापक दायरा मिलेगा। बाड़मेर, जालोर, नागौर और जोधपुर प्रमुख दलहन क्षेत्र हैं।
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दालों में आत्मनिर्भरता मिशन का परिव्यय कितना है?
व्याख्या · सही उत्तर Cदालों में आत्मनिर्भरता मिशन का परिव्यय 2025-26 से 2030-31 के लिए ₹11,440 करोड़।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
दलहन में आत्मनिर्भरता के लिए मिशन क्या है और इसका बजट क्या है?
**दलहन में आत्मनिर्भरता मिशन** 11,440 करोड़ रुपये की सरकारी योजना है जिसका लक्ष्य 2030-31 तक भारत को **दलहन उत्पादन में आत्मनिर्भर** बनाना है। यह मिशन **अरहर, उड़द और मसूर दाल की उत्पादकता बढ़ाने** पर केंद्रित है।
भारत दलहन में आत्मनिर्भर क्यों नहीं है और वर्तमान आयात स्थिति क्या है?
भारत प्रतिवर्ष **20-30 लाख टन से अधिक दलहन आयात** करता है, मुख्यतः **कनाडा (मसूर), ऑस्ट्रेलिया (चना), और म्यांमार (उड़द)** से। **उपज अंतराल, खंडित छोटी जोत खेती, और मूल्य अस्थिरता** किसानों को दलहन उगाने से हतोत्साहित करती है।
आत्मनिर्भरता मिशन किन दलहनों पर केंद्रित है और वे क्यों महत्वपूर्ण हैं?
मिशन **अरहर, उड़द, मसूर, मूँग, और चना** — भारत की पाँच प्रमुख दलहन फसलों पर केंद्रित है। दलहन **खाद्य सुरक्षा, प्रोटीन पोषण (विशेषकर शाकाहारियों के लिए), नाइट्रोजन स्थिरीकरण के माध्यम से मिट्टी के स्वास्थ्य** के लिए महत्वपूर्ण हैं।
11,440 करोड़ रुपये के दलहन आत्मनिर्भरता मिशन के तहत मुख्य हस्तक्षेप क्या हैं?
11,440 करोड़ रुपये के दलहन आत्मनिर्भरता मिशन में **उच्च उपज और रोग-प्रतिरोधी बीज किस्मों का वितरण, न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) आश्वासन, NAFED और NCCF के माध्यम से खरीद, सूक्ष्म-सिंचाई सहायता, और फसल बीमा कवरेज** शामिल हैं।
दलहन आत्मनिर्भरता मिशन की देखरेख कौन सा मंत्रालय करता है और 2027 का लक्ष्य क्या है?
**कृषि और किसान कल्याण मंत्रालय** दलहन आत्मनिर्भरता मिशन की देखरेख करता है। **2030-31 तक घरेलू दलहन उत्पादन को 350 लाख टन** तक बढ़ाने का लक्ष्य है।