प्रकाशित: 29 अक्टूबर 2025अर्थव्यवस्था
नीति आयोग का रोडमैप: 2035 तक भारत को शीर्ष 3 वैश्विक विनिर्माण केंद्रों में शामिल करने का लक्ष्य
नीति आयोग के फ्रंटियर टेक हब ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता, रोबोटिक्स और डिजिटल ट्विन जैसी अग्रणी प्रौद्योगिकियों से 2035 तक भारत को दुनिया के शीर्ष-तीन उन्नत विनिर्माण केंद्रों में शामिल करने का रणनीतिक रोडमैप जारी किया। रोडमैप में चेतावनी दी गई है कि अग्रणी तकनीक न अपनाने पर 2035 तक विनिर्माण सकल घरेलू उत्पाद में 270 अरब डॉलर की अतिरिक्त संभावित हानि हो सकती है, जबकि लक्षित हस्तक्षेपों से 10 करोड़ से अधिक कुशल रोजगार सृजित किए जा सकते हैं।
रोडमैप में तेरह ऐसे प्राथमिक क्षेत्रों को चिह्नित किया गया है जिनका प्रभाव अधिक होगा। इन्हें पांच मुख्य समूहों में बांटा गया है। इसमें देश भर में बीस प्लग एंड प्ले औद्योगिक पार्क बनाने की सिफारिश की गई है, जो अग्रणी तकनीक से लैस होंगे और जिनके साथ एकीकृत कौशल सहायता भी होगी। वर्तमान में भारत का विनिर्माण सकल घरेलू उत्पाद का लगभग 17% है, जबकि मेक इन इंडिया का लक्ष्य 25% है। विकसित राजस्थान दृष्टिकोण के तहत राजस्थान के विनिर्माण क्षेत्र — सीमेंट, वस्त्र, रत्न और आभूषण — का लक्ष्य 2047 तक राज्य के सकल राज्य मूल्य वर्धन में 20% योगदान करना है।
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जुड़ा प्रश्नआसान
NITI आयोग के रोडमैप का लक्ष्य किस वर्ष तक भारत को शीर्ष तीन वैश्विक विनिर्माण केंद्रों में शामिल करना है?
व्याख्या · सही उत्तर Bनीति आयोग का फ्रंटियर टेक हब रोडमैप 2035 तक भारत को विश्व के शीर्ष तीन विनिर्माण केंद्रों में लाने का लक्ष्य रखता है। इसमें सकल घरेलू उत्पाद में 270 अरब डॉलर की वृद्धि और 10 करोड़ से अधिक कुशल रोजगार सृजित होने का अनुमान है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
नीति आयोग का 2035 तक भारत को शीर्ष-3 वैश्विक विनिर्माण केंद्र बनाने का रोडमैप क्या है?
नीति आयोग के **फ्रंटियर टेक हब** ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता, रोबोटिक्स और डिजिटल ट्विन से भारत को **2035 तक शीर्ष-3 वैश्विक उन्नत विनिर्माण केंद्र** बनाने का रणनीतिक रोडमैप जारी किया। इसमें चेतावनी दी गई है कि अग्रणी तकनीक न अपनाने पर 2035 तक विनिर्माण क्षेत्र के अतिरिक्त सकल घरेलू उत्पाद में **270 अरब डॉलर** की संभावित हानि हो सकती है, जबकि लक्ष्य **10 करोड़+ रोजगार** का है।
नीति आयोग विनिर्माण रोडमैप 2035 में किन क्षेत्रों को प्राथमिकता दी गई है?
नीति आयोग फ्रंटियर टेक हब रोडमैप में अग्रणी तकनीकों को **13 प्राथमिक विनिर्माण क्षेत्रों** में लागू करने की रूपरेखा दी गई है, जिन्हें पांच मुख्य समूहों में बांटा गया है। इसमें कृत्रिम बुद्धिमत्ता और मशीन लर्निंग, उन्नत सामग्री, डिजिटल ट्विन और रोबोटिक्स को प्रमुख आधारभूत तकनीक माना गया है।
नीति आयोग विनिर्माण रोडमैप 2035 के अनुसार विनिर्माण क्षेत्र के सकल घरेलू उत्पाद में कितनी संभावित हानि हो सकती है?
नीति आयोग विनिर्माण रोडमैप में आगाह किया गया है कि अग्रणी तकनीक न अपनाने पर 2035 तक विनिर्माण क्षेत्र के अतिरिक्त सकल घरेलू उत्पाद में **270 अरब डॉलर** की संभावित हानि हो सकती है। साथ ही, इसमें **10 करोड़+ कुशल रोजगार** सृजित करने का लक्ष्य रखा गया है। इसमें कृत्रिम बुद्धिमत्ता, रोबोटिक्स और डिजिटल ट्विन को 13 प्राथमिक क्षेत्रों में लागू करने की बात कही गई है।
नीति आयोग फ्रंटियर टेक हब रोडमैप किन प्रौद्योगिकियों पर ध्यान केंद्रित करता है?
नीति आयोग फ्रंटियर टेक हब रोडमैप भारत को 2035 तक शीर्ष-3 विनिर्माण केंद्र बनाने के लिए **कृत्रिम बुद्धिमत्ता, रोबोटिक्स और डिजिटल ट्विन** पर केंद्रित है। ये प्रौद्योगिकियां पांच मुख्य समूहों में बंटे, ज्यादा प्रभाव वाले 13 प्राथमिक क्षेत्रों में लागू होंगी।
नीति आयोग विनिर्माण केंद्र रोडमैप 2035 में रोजगार लक्ष्य क्या है?
नीति आयोग फ्रंटियर टेक हब रोडमैप में 2035 तक **10 करोड़+ कुशल रोजगार** सृजित करने का लक्ष्य रखा गया है। साथ ही, इसमें आगाह किया गया है कि अग्रणी तकनीक न अपनाने पर विनिर्माण क्षेत्र के अतिरिक्त सकल घरेलू उत्पाद में **270 अरब डॉलर** की संभावित हानि हो सकती है। इससे भारत को शीर्ष-3 वैश्विक उन्नत विनिर्माण केंद्र बनाने में मदद मिलेगी।