लद्दाख केंद्र शासित प्रदेश के उपराज्यपाल श्री विनय कुमार सक्सेना ने 18 अप्रैल 2026 को विश्व धरोहर दिवस पर लेह में सिंधु नदी के तट पर सिंधु घाट पर भारत के पहले पेट्रोग्लिफ संरक्षण उद्यान की आधारशिला रखी। दिनभर का कार्यक्रम पर्यटन एवं संस्कृति विभाग, केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख ने भारतीय पुरातात्विक सर्वेक्षण (ASI) मिनी सर्कल लेह तथा हिमालयन कल्चरल हेरिटेज फाउंडेशन (एचसीएचएफ) के सहयोग से क्षेत्रीय विषय "प्राचीन कला, आधुनिक चुनौतियाँ: लद्दाख में पेट्रोग्लिफ की रक्षा एवं पर्यटन सर्किट का निर्माण" पर आयोजित किया। पेट्रोग्लिफ ऐसी शैल नक्काशियाँ हैं जो प्रागैतिहासिक, प्रारंभिक ऐतिहासिक तथा बौद्ध कालों से जुड़ी हैं। उपराज्यपाल ने इन्हें "खुले में स्थित संग्रहालय" बताया, जिन्हें अनियंत्रित पर्यटन, अवसंरचना विकास, जलवायु दबाव तथा अपर्याप्त जागरूकता से खतरा है। सिंधु घाट पर पेट्रोग्लिफ संरक्षण उद्यान का उद्देश्य लद्दाख में दर्ज ऐसी हजारों नक्काशियों के लिए सुरक्षित स्थल उपलब्ध कराना है, जिसमें प्रलेखन, साइनेज, वैज्ञानिक संरक्षण तथा आगंतुक प्रबंधन प्रमुख कार्यों के रूप में शामिल हैं। दिन के अन्य मुख्य आकर्षणों में द जेन होटल में लद्दाख रॉक आर्ट की प्रदर्शनी, लद्दाख रॉक आर्ट हैंडबुक का विमोचन, प्रागैतिहासिक काल, प्रारंभिक ऐतिहासिक काल, बौद्ध कलात्मक अभिव्यक्ति तथा संरक्षण चुनौतियों पर चार अकादमिक सत्र, तथा अभिलेखागार, पुरातत्व एवं संग्रहालय विभाग और ASI के बीच एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर शामिल थे। उपराज्यपाल ने कुमुक गाँव को लद्दाख के पहले विरासत गाँव के रूप में नामित करने का प्रस्ताव भी रखा। आईसीओएमओएस द्वारा विश्व धरोहर दिवस 2026 के लिए अपनाया गया अंतरराष्ट्रीय विषय "संघर्षों एवं आपदाओं के संदर्भ में जीवित विरासत के लिए आपातकालीन प्रतिक्रिया" था।
उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना ने 18 अप्रैल 2026 को विश्व धरोहर दिवस पर लेह के सिंधु घाट पर भारत के पहले पेट्रोग्लिफ संरक्षण उद्यान की आधारशिला रखी
18 अप्रैल 2026 को विश्व धरोहर दिवस पर उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना ने लेह के सिंधु घाट पर भारत के पहले पेट्रोग्लिफ संरक्षण उद्यान की आधारशिला रखी। पर्यटन एवं संस्कृति विभाग, ASI एवं एचसीएचएफ द्वारा आयोजित कार्यक्रम में रॉक आर्ट की प्रदर्शनी, हैंडबुक का विमोचन, समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर और कुमुक को लद्दाख के पहले विरासत गाँव के रूप में नामित करने का प्रस्ताव शामिल था।
मुख्य तथ्य
- उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना ने 18 अप्रैल 2026 को लेह के सिंधु घाट पर भारत के पहले पेट्रोग्लिफ संरक्षण उद्यान की आधारशिला रखी
- दिवस का आयोजन पर्यटन एवं संस्कृति विभाग केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख द्वारा ASI मिनी सर्कल लेह एवं हिमालयन कल्चरल हेरिटेज फाउंडेशन (एचसीएचएफ) के साथ किया गया
- क्षेत्रीय थीम: 'प्राचीन कला, आधुनिक चुनौतियाँ: लद्दाख में पेट्रोग्लिफ की रक्षा एवं पर्यटन सर्किट का निर्माण'
- पेट्रोग्लिफ शैल नक्काशियाँ हैं जो प्रागैतिहासिक, प्रारंभिक ऐतिहासिक तथा बौद्ध कालों में फैली हुई हैं, उपराज्यपाल ने इन्हें 'खुले-में-संग्रहालय' कहा
- मुख्य आकर्षणों में द जेन होटल में लद्दाख रॉक आर्ट प्रदर्शनी एवं लद्दाख रॉक आर्ट हैंडबुक का विमोचन शामिल थे
- अभिलेखागार, पुरातत्व एवं संग्रहालय विभाग एवं भारतीय पुरातात्विक सर्वेक्षण के बीच समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर हुए
- कुमुक गाँव को लद्दाख के पहले विरासत गाँव के रूप में नामित करने का प्रस्ताव; विश्व धरोहर दिवस 2026 के लिए आईसीओएमओएस की थीम 'संघर्षों एवं आपदाओं के संदर्भ में जीवित विरासत के लिए आपातकालीन प्रतिक्रिया' थी
6-अक्ष वर्गीकरण
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अभ्यास प्रश्न MCQ
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18 अप्रैल 2026 को भारत के पहले पेट्रोग्लिफ संरक्षण उद्यान की आधारशिला रखी गई। उसके बारे में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. आधारशिला लद्दाख के उपराज्यपाल श्री विनय कुमार सक्सेना ने लेह में सिंधु नदी के तट पर स्थित सिंधु घाट पर रखी। 2. यह आयोजन लद्दाख के पर्यटन एवं संस्कृति विभाग ने भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण और हिमालयन कल्चरल हेरिटेज फाउंडेशन के सहयोग से किया। ऊपर दिए गए कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
दोनों कथन सही हैं। आधारशिला उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना ने 18 अप्रैल 2026 को विश्व धरोहर दिवस पर लेह के सिंधु घाट पर रखी। कार्यक्रम का संयुक्त रूप से आयोजन पर्यटन एवं संस्कृति विभाग (केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख), एएसआई मिनी सर्कल लेह तथा हिमालयन कल्चरल हेरिटेज फाउंडेशन (एचसीएचएफ) ने किया।
स्रोत: UT Administration of Ladakh
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
भारत के पहले पेट्रोग्लिफ संरक्षण उद्यान की आधारशिला कहाँ एवं किस दिनांक को रखी गई?
आधारशिला 18 अप्रैल 2026 को विश्व धरोहर दिवस पर लद्दाख के उपराज्यपाल श्री विनय कुमार सक्सेना द्वारा लेह में सिंधु नदी के तट पर सिंधु घाट पर रखी गई।
पेट्रोग्लिफ क्या हैं तथा वे लद्दाख में क्यों महत्वपूर्ण हैं?
पेट्रोग्लिफ चट्टानों पर की गई नक्काशियाँ हैं, जो प्रागैतिहासिक, प्रारंभिक ऐतिहासिक और बौद्ध कालों से जुड़ी हैं। उपराज्यपाल ने इन्हें 'खुले आसमान के नीचे संग्रहालय' कहा, क्योंकि ये सिंधु और लद्दाख की अन्य घाटियों में मानव सभ्यता के हजारों वर्षों के इतिहास को दर्ज करती हैं।
लेह में विश्व धरोहर दिवस 2026 कार्यक्रम का आयोजन किन संस्थाओं ने किया?
इसका आयोजन पर्यटन एवं संस्कृति विभाग, केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख द्वारा भारतीय पुरातात्विक सर्वेक्षण (ASI) मिनी सर्कल लेह तथा हिमालयन कल्चरल हेरिटेज फाउंडेशन (एचसीएचएफ) के सहयोग से किया गया।
उस दिन विरासत संरक्षण से जुड़े और कौन-से उपाय घोषित किए गए?
अभिलेखागार, पुरातत्व एवं संग्रहालय विभाग एवं ASI के बीच समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर हुए; लद्दाख रॉक आर्ट हैंडबुक का विमोचन हुआ; द जेन होटल में प्रदर्शनी आयोजित हुई; तथा कुमुक गाँव को लद्दाख के पहले विरासत गाँव के रूप में नामित करने का प्रस्ताव रखा गया।
विश्व धरोहर दिवस 2026 के लिए अंतरराष्ट्रीय और क्षेत्रीय विषय क्या थे?
आईसीओएमओएस द्वारा अपनाया गया अंतरराष्ट्रीय विषय 'संघर्षों एवं आपदाओं के संदर्भ में जीवित विरासत के लिए आपातकालीन प्रतिक्रिया' था, जबकि लद्दाख में क्षेत्रीय विषय 'प्राचीन कला, आधुनिक चुनौतियाँ: लद्दाख में पेट्रोग्लिफ की रक्षा एवं पर्यटन सर्किट का निर्माण' था।
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