भारत और ओमान ने 18 दिसंबर 2025 को नई दिल्ली में व्यापक आर्थिक भागीदारी समझौते (CEPA) पर औपचारिक रूप से हस्ताक्षर किए। वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल और ओमान के वाणिज्य, उद्योग एवं निवेश संवर्धन मंत्री महामहिम क़ैस बिन मोहम्मद अल युसुफ ने इस पर हस्ताक्षर किए। ओमान ने अपनी 98.08% टैरिफ लाइनों पर शून्य शुल्क प्रवेश देने की पेशकश की है, जिससे भारत के 99.38% निर्यात को लाभ होगा। इनमें वस्त्र, रत्न एवं आभूषण, चमड़ा, जूते, इंजीनियरिंग सामान, फार्मास्यूटिकल और ऑटोमोबाइल शामिल हैं। भारत ने अपनी लगभग 77.79% टैरिफ लाइनों पर शुल्क उदारीकरण पर सहमति जताई है। यह ओमान का 2006 में अमेरिका के साथ हुए समझौते के बाद पहला द्विपक्षीय मुक्त व्यापार समझौता है और भारत के लिए फरवरी 2022 में UAE के साथ हुए CEPA के बाद खाड़ी सहयोग परिषद (GCC) देश के साथ दूसरा समझौता है। ओमान में लगभग 7.8 लाख भारतीय प्रवासी रहते हैं। भारत-ओमान द्विपक्षीय व्यापार वित्त वर्ष 2024-25 में लगभग 10.6 अरब डॉलर रहा।
भारत और ओमान ने व्यापक आर्थिक भागीदारी समझौते (CEPA) पर हस्ताक्षर किए: भारत के 99.38% निर्यात को शून्य शुल्क पर प्रवेश, UAE के बाद दूसरा GCC व्यापार समझौता
भारत और ओमान ने 18 दिसंबर 2025 को नई दिल्ली में व्यापक आर्थिक भागीदारी समझौते (CEPA) पर औपचारिक रूप से हस्ताक्षर किए। वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल और ओमान के वाणिज्य, उद्योग एवं निवेश संवर्धन मंत्री महामहिम क़ैस बिन मोहम्मद अल युसुफ ने इस पर हस्ताक्षर किए। ओमान ने अपनी 98.08% टैरिफ लाइनों पर शून्य शुल्क के साथ प्रवेश देने की पेशकश की है, जिससे भारत के 99.38% निर्यात को लाभ मिलेगा — इनमें वस्त्र, रत्न एवं आभूषण, चमड़ा, जूते, इंजीनियरिंग सामान, फार्मास्यूटिकल और ऑटोमोबाइल शामिल हैं। भारत ने अपनी लगभग 77.79% टैरिफ लाइनों पर शुल्क उदारीकरण पर सहमति जताई है। यह ओमान का 2006 में अमेरिका के साथ हुए समझौते के बाद पहला द्विपक्षीय मुक्त व्यापार समझौता है और भारत के लिए फरवरी 2022 में UAE के साथ हुए CEPA के बाद खाड़ी सहयोग परिषद (GCC) देश के साथ दूसरा समझौता है। ओमान में लगभग 7.8 लाख भारतीय प्रवासी रहते हैं। भारत-ओमान द्विपक्षीय व्यापार वित्त वर्ष 2024-25 में लगभग 10.6 अरब डॉलर रहा।
मुख्य तथ्य
- भारत और ओमान ने 18 दिसंबर 2025 को व्यापक आर्थिक भागीदारी समझौते (CEPA) पर हस्ताक्षर किए।
- ओमान ने 98.08% टैरिफ लाइनों पर शून्य-शुल्क की सुविधा दी, जिससे भारत के 99.38% निर्यात को लाभ होगा।
- वस्त्र, रत्न-आभूषण, चमड़ा, फार्मास्यूटिकल और ऑटोमोबाइल वे क्षेत्र हैं जिन्हें लाभ मिलेगा।
- यह फरवरी 2022 के UAE CEPA के बाद GCC देश के साथ भारत का दूसरा CEPA है।
- भारत-ओमान द्विपक्षीय व्यापार वित्त वर्ष 2024-25 में लगभग 10.6 अरब डॉलर रहा।
- ओमान में लगभग 7.8 लाख भारतीय प्रवासियों की मौजूदगी इस समझौते को रणनीतिक महत्व देती है।
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दिसंबर 2025 में हस्ताक्षरित भारत-ओमान व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौते का मुख्य महत्व क्या था?
भारत और ओमान ने दिसंबर 2025 में CEPA पर हस्ताक्षर किए। परीक्षा की दृष्टि से इसका महत्व यह है कि इससे खाड़ी क्षेत्र में भारत की व्यापारिक पहुंच मजबूत हुई। भारतीय निर्यात को ओमान की 98% से अधिक टैरिफ लाइनों पर शून्य-शुल्क पहुंच मिली और समझौते में सेवाओं तथा निवेश सहयोग को भी शामिल किया गया।
स्रोत: PIB / Ministry of Commerce
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
भारत-ओमान CEPA पर कब और कहाँ हस्ताक्षर किए गए?
भारत-ओमान व्यापक आर्थिक भागीदारी समझौते (CEPA) पर 18 दिसंबर 2025 को नई दिल्ली में वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल और ओमान के मंत्री महामहिम क़ैस बिन मोहम्मद अल युसुफ ने औपचारिक रूप से हस्ताक्षर किए।
भारत-ओमान CEPA के तहत भारत के कितने प्रतिशत निर्यात को शुल्क-मुक्त प्रवेश मिलेगा?
ओमान ने अपनी 98.08% टैरिफ लाइनों पर शून्य-शुल्क की पेशकश की है, जिससे भारत के 99.38% निर्यात को लाभ होगा। वस्त्र, रत्न-आभूषण, चमड़ा, फार्मास्यूटिकल और ऑटोमोबाइल जैसे श्रम-प्रधान क्षेत्र इसके मुख्य लाभार्थी हैं।
भारत ने पहला CEPA किस GCC देश के साथ और कब हस्ताक्षर किया था?
भारत ने फरवरी 2022 में UAE के साथ पहले CEPA पर हस्ताक्षर किए थे। भारत-ओमान CEPA (दिसंबर 2025) खाड़ी सहयोग परिषद (GCC) के किसी सदस्य देश के साथ भारत का दूसरा ऐसा समझौता है।
भारत और ओमान के बीच द्विपक्षीय व्यापार कितना है और ओमान में भारतीय प्रवासी कितने हैं?
वित्त वर्ष 2024-25 में भारत-ओमान द्विपक्षीय व्यापार लगभग 10.6 अरब डॉलर रहा। ओमान में लगभग 7.8 लाख भारतीय निवास करते हैं, इसलिए यह समझौता रणनीतिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है।
व्यापक आर्थिक भागीदारी समझौता (CEPA) क्या होता है?
CEPA एक व्यापक व्यापार समझौता है जिसमें वस्तुओं पर शुल्क कटौती के अलावा सेवाओं में व्यापार, निवेश और बौद्धिक संपदा भी शामिल होती है। यह मुक्त व्यापार समझौते (FTA) से अधिक व्यापक होता है।
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