1 सितंबर 2025 को संचार मंत्रालय के अंतर्गत डाक विभाग (DoP) ने डिजिटल पोस्टल इंडेक्स नंबर (DIGIPIN) पहल को मजबूत करने के लिए ESRI इंडिया टेक्नोलॉजीज प्राइवेट लिमिटेड के साथ एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए। यह MoU नई दिल्ली के डाक भवन में हुआ। इसका उद्देश्य उन्नत भू-स्थानिक प्रौद्योगिकी की मदद से DIGIPIN प्रणाली को अधिक सुदृढ़ और नागरिक-अनुकूल बनाना है।

इस समझौते के तहत डाक विभाग DIGIPIN पोर्टल के लिए ESRI इंडिया की उच्च-रिजॉल्यूशन इमेजरी और विस्तृत स्ट्रीट बेसमैप्स का उपयोग करेगा। इस सहयोग से DIGIPIN को ESRI इंडिया के लिविंग एटलस पोर्टल से जोड़ा जा सकेगा, जिससे डिजिटल एड्रेसिंग प्रणाली व्यापक भौगोलिक सूचना प्रणाली (GIS) समुदाय के लिए सुलभ होगी। ESRI इंडिया भू-स्थानिक डेटा परतों के निर्बाध एकीकरण के लिए तकनीकी सहायता भी देगा।

DIGIPIN प्रणाली ग्रिड-आधारित तरीका अपनाकर भारत में प्रत्येक स्थान को एक विशिष्ट भू-कोडित डिजिटल पता देती है। यह अक्षांश और देशांतर निर्देशांकों को मानकीकृत अल्फान्यूमेरिक कोड में बदलती है। इससे अपूर्ण या अस्पष्ट भौतिक पतों की समस्या का समाधान होता है, जो अंतिम चरण की डिलीवरी और आपातकालीन सेवाओं में बाधा डालते हैं। यह प्रणाली विशेष रूप से ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों के लिए उपयोगी है, जहां औपचारिक पता अवसंरचना सीमित है।

यह पहल डिजिटल इंडिया कार्यक्रम को बढ़ावा देती है और इससे देश के 1.64 लाख से अधिक डाकघरों में ई-कॉमर्स डिलीवरी, आपातकालीन प्रतिक्रिया समन्वय और सरकारी सेवा वितरण में सुधार होने की उम्मीद है।