प्रकाशित: 31 अगस्त 2025PIBशासन
डाक विभाग ने DIGIPIN पहल को मजबूत करने के लिए ESRI इंडिया के साथ MoU पर हस्ताक्षर किए
1 सितंबर 2025 को संचार मंत्रालय के अंतर्गत डाक विभाग (DoP) ने डिजिटल पोस्टल इंडेक्स नंबर (DIGIPIN) पहल को मजबूत करने के लिए ESRI इंडिया टेक्नोलॉजीज प्राइवेट लिमिटेड के साथ एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए। यह MoU नई दिल्ली के डाक भवन में हुआ। इसका उद्देश्य उन्नत भू-स्थानिक प्रौद्योगिकी की मदद से DIGIPIN प्रणाली को अधिक सुदृढ़ और नागरिक-अनुकूल बनाना है।
इस समझौते के तहत डाक विभाग DIGIPIN पोर्टल के लिए ESRI इंडिया की उच्च-रिजॉल्यूशन इमेजरी और विस्तृत स्ट्रीट बेसमैप्स का उपयोग करेगा। इस सहयोग से DIGIPIN को ESRI इंडिया के लिविंग एटलस पोर्टल से जोड़ा जा सकेगा, जिससे डिजिटल एड्रेसिंग प्रणाली व्यापक भौगोलिक सूचना प्रणाली (GIS) समुदाय के लिए सुलभ होगी। ESRI इंडिया भू-स्थानिक डेटा परतों के निर्बाध एकीकरण के लिए तकनीकी सहायता भी देगा।
DIGIPIN प्रणाली ग्रिड-आधारित तरीका अपनाकर भारत में प्रत्येक स्थान को एक विशिष्ट भू-कोडित डिजिटल पता देती है। यह अक्षांश और देशांतर निर्देशांकों को मानकीकृत अल्फान्यूमेरिक कोड में बदलती है। इससे अपूर्ण या अस्पष्ट भौतिक पतों की समस्या का समाधान होता है, जो अंतिम चरण की डिलीवरी और आपातकालीन सेवाओं में बाधा डालते हैं। यह प्रणाली विशेष रूप से ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों के लिए उपयोगी है, जहां औपचारिक पता अवसंरचना सीमित है।
यह पहल डिजिटल इंडिया कार्यक्रम को बढ़ावा देती है और इससे देश के 1.64 लाख से अधिक डाकघरों में ई-कॉमर्स डिलीवरी, आपातकालीन प्रतिक्रिया समन्वय और सरकारी सेवा वितरण में सुधार होने की उम्मीद है।
0मेन्स दृष्टिकोण
प्रश्न: डाक विभाग और ईएसआरआई इंडिया का डिजिपिन सहयोग भारत की भू-स्थानिक पता व्यवस्था तथा अंतिम छोर तक वितरण को किस प्रकार आगे बढ़ाता है, परीक्षण कीजिए।
उत्तर (50 शब्द):
1 सितंबर 2025 का डाक भवन समझौता डिजिपिन के ग्रिड पर आधारित अक्षरांकीय कोड को ईएसआरआई के लिविंग एटलस मानचित्र से जोड़ता है। यह 1.64 लाख से अधिक डाकघरों से प्रत्येक स्थान को विशिष्ट भू-कोड देकर ग्रामीण पतों की अस्पष्टता दूर करता है। डिजिटल इंडिया के तहत ई-कॉमर्स और आपातकालीन सेवाएँ मजबूत होंगी।
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जुड़ा प्रश्नआसान
डाक विभाग ने किस पहल को मजबूत करने के लिए ESRI इंडिया टेक्नोलॉजीज के साथ MoU पर हस्ताक्षर किए?
व्याख्या · सही उत्तर Bडाक विभाग ने 1 सितंबर 2025 को ईएसआरआई इंडिया के साथ समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए। इसका उद्देश्य डिजिपिन यानी डिजिटल पोस्टल इंडेक्स नंबर पहल को मजबूत करना था, जिसमें ईएसआरआई इंडिया की उच्च-रिज़ॉल्यूशन इमेजरी और सड़कों के आधार-मानचित्रों का उपयोग किया जाएगा।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
DIGIPIN क्या है और डाक विभाग ने इसे मजबूत करने के लिए किस MoU पर हस्ताक्षर किए?
**DIGIPIN** भारत की डिजिटल पता प्रणाली है, जो प्रत्येक 4x4 मीटर क्षेत्र को 10 अक्षरों का एक विशिष्ट कोड देती है। **डाक विभाग** ने GIS तकनीक से DIGIPIN को मजबूत करने के लिए **ESRI India के साथ MoU** पर हस्ताक्षर किए।
ESRI India क्या है और यह DIGIPIN पहल में क्या योगदान देती है?
**ESRI India** एक प्रमुख GIS तकनीक कंपनी है। डाक विभाग के साथ MoU के ज़रिए यह DIGIPIN की सटीकता और कवरेज बढ़ाने के लिए **उन्नत GIS मैपिंग और भू-स्थानिक विश्लेषण** उपलब्ध कराएगी।
DIGIPIN कैसे काम करता है और यह किस समस्या का समाधान करता है?
**DIGIPIN** भारत में हर 4x4 मीटर भौगोलिक क्षेत्र को **10 अक्षरों वाला कोड** देता है, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में **असंगत पतों** की समस्या हल होती है।
डाक विभाग और DIGIPIN पहल किस मंत्रालय के अंतर्गत है?
**डाक विभाग** **संचार मंत्रालय** के अंतर्गत कार्य करता है। DIGIPIN IIT हैदराबाद के सहयोग से विकसित किया गया।
शासन और सार्वजनिक सेवाओं के लिए DIGIPIN के संभावित उपयोग क्या हैं?
**DIGIPIN** के उपयोग: **ई-कॉमर्स में अंतिम छोर तक डिलीवरी**, **आपातकालीन प्रतिक्रिया**, **मतदाता पंजीकरण** की सटीकता, **वित्तीय समावेशन**, **आपदा प्रबंधन** और **शहरी नियोजन**।