31 अक्टूबर 2025 तक प्रधानमंत्री किसान ऊर्जा सुरक्षा एवं उत्थान महाभियान (PM-KUSUM) के घटक-A में राजस्थान 463.75 MW स्थापित सौर क्षमता के साथ देश में पहले स्थान पर था। देशभर में घटक-A के लिए 10,000 MW क्षमता स्वीकृत थी, जिसमें से 653.49 MW स्थापित हो चुकी थी; सभी घटकों को मिलाकर 9,466 MW क्षमता स्थापित थी। राजस्थान में घटक-B के तहत 1,10,898 स्वतंत्र सौर पंप लगाए गए थे और घटक-C के तहत 1,01,527 मौजूदा ग्रिड से जुड़े कृषि पंपों को सौर ऊर्जा से जोड़ा गया था। राजस्थान के 2,12,783 लाभार्थियों को बिजली पर होने वाला खर्च घटने का लाभ मिलता है और वे ग्रिड को अतिरिक्त सौर बिजली देकर आमदनी भी कर सकते हैं।
प्रधानमंत्री किसान ऊर्जा सुरक्षा एवं उत्थान महाभियान (PM-KUSUM) में राजस्थान अग्रणी: घटक-A में 463.75 MW सौर क्षमता स्थापित
31 अक्टूबर 2025 तक प्रधानमंत्री किसान ऊर्जा सुरक्षा एवं उत्थान महाभियान (PM-KUSUM) के घटक-A में राजस्थान 463.75 MW स्थापित सौर क्षमता के साथ देश में पहले स्थान पर था। देशभर में घटक-A के लिए 10,000 MW क्षमता स्वीकृत थी, जिसमें से 653.49 MW स्थापित हो चुकी थी; सभी घटकों को मिलाकर 9,466 MW क्षमता स्थापित थी। राजस्थान में घटक-B के तहत 1,10,898 स्वतंत्र सौर पंप लगाए गए थे और घटक-C के तहत 1,01,527 मौजूदा ग्रिड से जुड़े कृषि पंपों को सौर ऊर्जा से जोड़ा गया था। राजस्थान के 2,12,783 लाभार्थियों को बिजली पर होने वाला खर्च घटने का लाभ मिलता है और वे ग्रिड को अतिरिक्त सौर बिजली देकर आमदनी भी कर सकते हैं।
मुख्य तथ्य
- 31 अक्टूबर 2025 तक राजस्थान PM-KUSUM के घटक-A में 463.75 MW स्थापित सौर क्षमता के साथ देश में पहले स्थान पर था।
- देशभर में घटक-A के लिए स्वीकृत 10,000 MW क्षमता में से 653.49 MW स्थापित हुई थी; सभी घटकों की संयुक्त स्थापित क्षमता 9,466 MW थी।
- राजस्थान में घटक-B के तहत 1,10,898 स्वतंत्र सौर पंप लगाए गए थे और घटक-C के तहत 1,01,527 मौजूदा ग्रिड से जुड़े कृषि पंपों को सौर ऊर्जा से जोड़ा गया था।
- राजस्थान में PM-KUSUM के 2,12,783 लाभार्थी थे।
- सौर संयंत्र बिजली पर होने वाला खर्च घटाते हैं और ग्रिड को अतिरिक्त बिजली देने पर आमदनी भी हो सकती है।
- PM-KUSUM का पूरा नाम प्रधानमंत्री किसान ऊर्जा सुरक्षा एवं उत्थान महाभियान है।
6-अक्ष वर्गीकरण
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अक्टूबर 2025 की रिपोर्ट के अनुसार राजस्थान ने पीएम-कुसुम घटक B के तहत कितने सौर पंप प्रतिष्ठान पूर्ण किए हैं?
पीएम-कुसुम घटक B के तहत राजस्थान में 1,10,898 सौर पंप स्थापित हैं।
स्रोत: समाचार स्रोत
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
PM-KUSUM के किस घटक में राजस्थान देश में पहले स्थान पर था?
31 अक्टूबर 2025 तक राजस्थान PM-KUSUM के घटक-A (भूमि पर स्थापित विकेंद्रीकृत और ग्रिड से जुड़े सौर संयंत्र) में 463.75 MW स्थापित सौर क्षमता के साथ देश में पहले स्थान पर था।
PM-KUSUM का पूरा नाम क्या है और घटक-A में कितनी क्षमता स्थापित हुई थी?
PM-KUSUM का पूरा नाम प्रधानमंत्री किसान ऊर्जा सुरक्षा एवं उत्थान महाभियान है। घटक-A के लिए 10,000 MW क्षमता स्वीकृत थी और 653.49 MW स्थापित हो चुकी थी; 31 अक्टूबर 2025 तक सभी घटकों की संयुक्त स्थापित क्षमता 9,466 MW थी।
PM-KUSUM के तहत राजस्थान में घटक-B के कितने सौर पंप लगे थे और घटक-C में कितने पंपों को सौर ऊर्जा से जोड़ा गया था?
राजस्थान में घटक-B के तहत 1,10,898 स्वतंत्र सौर पंप लगाए गए थे और घटक-C के तहत 1,01,527 मौजूदा ग्रिड से जुड़े कृषि पंपों को सौर ऊर्जा से जोड़ा गया था।
PM-KUSUM से राजस्थान के किसानों को क्या आर्थिक लाभ मिलता है?
PM-KUSUM से किसानों का बिजली पर होने वाला खर्च घटता है और वे ग्रिड को अतिरिक्त सौर बिजली देकर आमदनी भी कर सकते हैं। राजस्थान में इस योजना के 2,12,783 लाभार्थी थे।
PM-KUSUM में घटक-A, घटक-B और घटक-C में क्या अंतर है?
घटक-A में बंजर या परती भूमि पर 2 MW तक के विकेंद्रीकृत और ग्रिड से जुड़े सौर संयंत्र लगाए जाते हैं। घटक-B में किसानों को स्वतंत्र सौर पंप दिए जाते हैं, जबकि घटक-C में मौजूदा ग्रिड से जुड़े कृषि पंपों को सौर ऊर्जा से जोड़ा जाता है।
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