सरकार ने वित्त वर्ष 2025-26 से 2030-31 के लिए भारतीय निर्यातकों की वैश्विक बाज़ारों तक पहुँच बढ़ाने के उद्देश्य से ₹4,531 करोड़ की बाज़ार पहुँच सहायता (MAS) योजना शुरू की। यह योजना सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (MSME), पहली बार निर्यात करने वाली कंपनियों तथा कृषि, चमड़ा, हथकरघा और खिलौना उद्योग जैसे प्राथमिकता वाले क्षेत्रों की कंपनियों पर केंद्रित है।

MAS के तहत क्रेता-विक्रेता बैठकों, अंतरराष्ट्रीय व्यापार मेलों में भागीदारी, भारत में आयोजित बड़ी बैठकों, जिनमें विदेशी खरीदार सीधे भारतीय विक्रेताओं से मिलते हैं, और उभरते बाज़ारों में जाने वाले व्यापार प्रतिनिधिमंडलों को वित्तीय सहायता दी जाती है। चालू वित्त वर्ष के लिए ₹500 करोड़ आवंटित किए गए हैं और ₹330 करोड़ के पुराने बकाये का भुगतान पहले किया जाएगा। MAS, केंद्रीय मंत्रिमंडल से नवंबर 2025 में मंज़ूरी प्राप्त ₹25,060 करोड़ के निर्यात संवर्धन मिशन का पहला घटक है। विदेश व्यापार महानिदेशालय (DGFT) ने सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों के निर्यात ऋण पर ब्याज सहायता और जमानत सहायता के लिए कुल ₹7,295 करोड़ की दो वित्तीय योजनाएँ भी शुरू कीं।