प्रकाशित: 4 जनवरी 2026बिज़नेस स्टैंडर्डअर्थव्यवस्था
सरकार ने निर्यातकों के लिए ₹4,531 करोड़ की बाज़ार पहुँच सहायता योजना शुरू की
सरकार ने वित्त वर्ष 2025-26 से 2030-31 के लिए भारतीय निर्यातकों की वैश्विक बाज़ारों तक पहुँच बढ़ाने के उद्देश्य से ₹4,531 करोड़ की बाज़ार पहुँच सहायता (MAS) योजना शुरू की। यह योजना सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (MSME), पहली बार निर्यात करने वाली कंपनियों तथा कृषि, चमड़ा, हथकरघा और खिलौना उद्योग जैसे प्राथमिकता वाले क्षेत्रों की कंपनियों पर केंद्रित है।
MAS के तहत क्रेता-विक्रेता बैठकों, अंतरराष्ट्रीय व्यापार मेलों में भागीदारी, भारत में आयोजित बड़ी बैठकों, जिनमें विदेशी खरीदार सीधे भारतीय विक्रेताओं से मिलते हैं, और उभरते बाज़ारों में जाने वाले व्यापार प्रतिनिधिमंडलों को वित्तीय सहायता दी जाती है। चालू वित्त वर्ष के लिए ₹500 करोड़ आवंटित किए गए हैं और ₹330 करोड़ के पुराने बकाये का भुगतान पहले किया जाएगा। MAS, केंद्रीय मंत्रिमंडल से नवंबर 2025 में मंज़ूरी प्राप्त ₹25,060 करोड़ के निर्यात संवर्धन मिशन का पहला घटक है। विदेश व्यापार महानिदेशालय (DGFT) ने सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों के निर्यात ऋण पर ब्याज सहायता और जमानत सहायता के लिए कुल ₹7,295 करोड़ की दो वित्तीय योजनाएँ भी शुरू कीं।
मेन्स दृष्टिकोण
प्रश्न: बाज़ार पहुँच सहायता योजना का उद्देश्य भारत के निर्यातक सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों को वैश्विक बाज़ारों तक पहुँचने में मदद करना है। इसके स्वरूप और भारत के व्यापक निर्यात संवर्धन मिशन में इसकी भूमिका का परीक्षण कीजिए।
उत्तर (50 शब्द):
सरकार ने वित्त वर्ष 2025-26 से 2030-31 के लिए 4,531 करोड़ रुपये की बाज़ार पहुँच सहायता योजना शुरू की। यह निर्यातक सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों, पहली बार निर्यात करने वालों तथा चमड़ा, हथकरघा और खिलौना उद्योग जैसे प्राथमिकता वाले क्षेत्रों पर केंद्रित है। योजना क्रेता-विक्रेता बैठकों, व्यापार मेलों और प्रतिनिधिमंडलों के लिए वित्तीय सहायता देती है। चालू वित्त वर्ष में 500 करोड़ रुपये आवंटित हैं और यह 25,060 करोड़ रुपये के निर्यात संवर्धन मिशन का पहला घटक है।
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वित्त वर्ष 2025-26 से 2030-31 तक निर्यातकों के लिए शुरू की गई मार्केट एक्सेस सपोर्ट योजना का कुल परिव्यय कितना है?
व्याख्या · सही उत्तर Bसरकार ने वित्त वर्ष 2025-26 से 2030-31 के लिए 4,531 करोड़ रुपये के परिव्यय के साथ मार्केट एक्सेस सपोर्ट (MAS) योजना शुरू की, जो 25,060 करोड़ रुपये के निर्यात संवर्धन मिशन का हिस्सा है। यह योजना MSME और पहली बार निर्यात करने वाले उद्यमियों पर केंद्रित है, और इसमें कम से कम 35% MSME भागीदारी अनिवार्य रखते हुए व्यापार मेलों तथा क्रेता-विक्रेता बैठकों को सहयोग दिया जाता है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
बाज़ार पहुँच सहायता (MAS) योजना क्या है और इसका बजट कितना है?
**बाज़ार पहुँच सहायता (MAS) योजना** को वित्त वर्ष 2025-26 से 2030-31 के लिए **₹4,531 करोड़** के बजट से शुरू किया गया। यह **नवंबर 2025 में मंज़ूर ₹25,060 करोड़ के निर्यात संवर्धन मिशन** का **पहला घटक** है। इसका उद्देश्य भारतीय निर्यातकों की वैश्विक बाज़ारों तक पहुँच बढ़ाना है। यह योजना मुख्य रूप से **सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (MSME), पहली बार निर्यात करने वालों तथा कृषि, चमड़ा, हथकरघा और खिलौना उद्योग जैसे प्राथमिकता वाले क्षेत्रों** पर केंद्रित है।
बाज़ार पहुँच सहायता (MAS) योजना भारतीय निर्यातकों की किन गतिविधियों को वित्तीय सहायता देती है?
वित्त वर्ष 2025-26 से 2030-31 के लिए **₹4,531 करोड़ की बाज़ार पहुँच सहायता (MAS) योजना** से **क्रेता-विक्रेता बैठकों (BSM), अंतरराष्ट्रीय व्यापार मेलों में भागीदारी, भारत में आयोजित बड़ी बैठकों (RBSM), जिनमें विदेशी खरीदार सीधे भारतीय विक्रेताओं से मिलते हैं,** और **उभरते बाज़ारों में जाने वाले व्यापार प्रतिनिधिमंडलों** को सहायता मिलती है। इन सभी गतिविधियों में **सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (MSME) की कम-से-कम 35% भागीदारी** अनिवार्य है। प्रत्येक BSM के लिए सहायता की सीमा **₹5 करोड़** और प्रत्येक RBSM के लिए **₹10 करोड़** है।
₹25,060 करोड़ का निर्यात संवर्धन मिशन क्या है और इसे कब मंज़ूरी मिली?
**₹25,060 करोड़ के निर्यात संवर्धन मिशन** को **केंद्रीय मंत्रिमंडल** ने **नवंबर 2025** में मंज़ूरी दी। **₹4,531 करोड़ की बाज़ार पहुँच सहायता (MAS) योजना** इसका पहला घटक है। इसके साथ विदेश व्यापार महानिदेशालय (DGFT) की **₹7,295 करोड़ की दो योजनाएँ** सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों के निर्यात ऋण पर ब्याज सहायता और जमानत सहायता देती हैं।
बाज़ार पहुँच सहायता योजना में सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों की भागीदारी की क्या शर्त है?
**बाज़ार पहुँच सहायता (MAS) योजना** के तहत सहायता पाने वाली सभी गतिविधियों में **सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (MSME) की कम-से-कम 35% भागीदारी** अनिवार्य है। प्रत्येक **क्रेता-विक्रेता बैठक (BSM) के लिए वित्तीय सहायता की सीमा ₹5 करोड़** है। भारत में आयोजित उन **बड़ी बैठकों (RBSM) के लिए यह सीमा ₹10 करोड़ प्रति बैठक** है, जिनमें विदेशी खरीदार सीधे भारतीय विक्रेताओं से मिलते हैं।
निर्यात संवर्धन के लिए बाज़ार पहुँच सहायता (MAS) योजना को कौन-कौन से मंत्रालय मिलकर लागू करते हैं?
वित्त वर्ष 2025-26 से 2030-31 के लिए **₹4,531 करोड़ की बाज़ार पहुँच सहायता (MAS) योजना** को **वाणिज्य विभाग, सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्रालय तथा वित्त मंत्रालय** मिलकर लागू करते हैं। यह **नवंबर 2025 में मंज़ूर ₹25,060 करोड़ के निर्यात संवर्धन मिशन** का हिस्सा है।