प्रकाशित: 3 जनवरी 2026बिज़नेस स्टैंडर्डअर्थव्यवस्था
सरकार ने निर्यातकों के लिए ₹4,531 करोड़ की बाजार पहुंच सहायता योजना शुरू की
सरकार ने वित्त वर्ष 2025-26 से 2030-31 के लिए भारतीय निर्यातकों की वैश्विक बाजार पहुंच मजबूत करने के लिए ₹4,531 करोड़ की बाजार पहुंच सहायता (MAS) योजना शुरू की। योजना MSME, पहली बार निर्यात करने वालों और कृषि, चमड़ा, हथकरघा, खिलौने जैसे प्राथमिकता क्षेत्रों पर केंद्रित है।
MAS के तहत अंतरराष्ट्रीय व्यापार मेलों, क्रेता-विक्रेता बैठकों और उभरते बाजारों में व्यापार प्रतिनिधिमंडलों के लिए वित्तीय सहायता दी जाएगी। चालू वित्त वर्ष में ₹500 करोड़ आवंटित हुए। MAS नवंबर 2025 में स्वीकृत ₹25,060 करोड़ के निर्यात संवर्धन मिशन का पहला घटक है। DGFT ने MSME निर्यात ऋण के लिए ₹7,295 करोड़ की दो वित्तीय योजनाएं भी शुरू कीं।
मेन्स दृष्टिकोण
प्रश्न: बाजार पहुंच सहायता योजना भारतीय एमएसएमई निर्यातकों को वैश्विक बाजारों तक पहुँच दिलाने का लक्ष्य रखती है। इसके स्वरूप तथा भारत के व्यापक निर्यात संवर्धन मिशन में इसकी भूमिका की परीक्षा कीजिए।
उत्तर (50 शब्द):
सरकार ने वित्त वर्ष 2026-31 के लिए 4,531 करोड़ रुपये की बाजार पहुंच सहायता योजना शुरू की, जो एमएसएमई, नए निर्यातकों तथा चमड़ा, हथकरघा, खिलौने जैसे प्राथमिक क्षेत्रों पर केंद्रित है। यह क्रेता-विक्रेता बैठकों, व्यापार मेलों एवं प्रतिनिधिमंडलों के लिए वित्तीय सहायता देती है। चालू वर्ष में 500 करोड़ आवंटित; एमएएस 25,060 करोड़ निर्यात मिशन का आधार।
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जुड़ा प्रश्नमध्यम
वित्त वर्ष 2025-26 से 2030-31 तक निर्यातकों के लिए शुरू की गई मार्केट एक्सेस सपोर्ट योजना का कुल परिव्यय कितना है?
व्याख्या · सही उत्तर Bसरकार ने वित्त वर्ष 2025-26 से 2030-31 के लिए 4,531 करोड़ रुपये के परिव्यय के साथ मार्केट एक्सेस सपोर्ट (MAS) योजना शुरू की, जो 25,060 करोड़ रुपये के निर्यात संवर्धन मिशन का हिस्सा है। यह योजना MSME और पहली बार निर्यात करने वाले उद्यमियों पर केंद्रित है, और इसमें कम से कम 35% MSME भागीदारी अनिवार्य रखते हुए व्यापार मेलों तथा क्रेता-विक्रेता बैठकों को सहयोग दिया जाता है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
बाजार पहुंच सहायता (MAS) योजना क्या है और इसका बजट कितना है?
**बाजार पहुंच सहायता (MAS) योजना** FY26-FY31 के लिए **₹4,531 करोड़** के बजट से शुरू हुई। यह **नवंबर 2025 में मंजूर ₹25,060 करोड़ के निर्यात प्रोत्साहन मिशन** का **पहला घटक** है, जिसका ध्यान **MSME, पहली बार निर्यात करने वालों** और कृषि, चमड़ा, हथकरघा, खिलौनों पर है।
बाजार पहुंच सहायता (MAS) योजना भारतीय निर्यातकों के लिए किन गतिविधियों को वित्तीय सहायता देती है?
**MAS योजना (₹4,531 करोड़, FY26-FY31)** **खरीदार-विक्रेता बैठकों (BSM), अंतरराष्ट्रीय व्यापार मेलों, भारत में रिवर्स BSM** और **उभरते बाजारों में व्यापार प्रतिनिधिमंडलों** के लिए सहायता देती है। **35% MSME भागीदारी अनिवार्य** है; BSM के लिए **₹5 करोड़** और रिवर्स BSM के लिए **₹10 करोड़** की सीमा है।
₹25,060 करोड़ का निर्यात प्रोत्साहन मिशन क्या है और इसे कब मंजूरी मिली?
**₹25,060 करोड़ का निर्यात प्रोत्साहन मिशन** को **केंद्रीय कैबिनेट** ने **नवंबर 2025** में मंजूरी दी। इसमें **MAS योजना (₹4,531 करोड़)** पहले घटक के रूप में और MSME निर्यात ऋण के लिए **DGFT की ₹7,295 करोड़ योजनाएं** शामिल हैं।
बाजार पहुंच सहायता योजना में MSME भागीदारी की क्या आवश्यकता है?
**MAS योजना** में सभी समर्थित गतिविधियों में **न्यूनतम 35% MSME भागीदारी** अनिवार्य है। वित्तीय सहायता **खरीदार-विक्रेता बैठक (BSM) के लिए ₹5 करोड़** और **रिवर्स BSM के लिए ₹10 करोड़** तक सीमित है।
निर्यात प्रोत्साहन के लिए बाजार पहुंच सहायता (MAS) योजना कौन से मंत्रालय लागू करते हैं?
**MAS योजना (₹4,531 करोड़, FY26-31)** को **वाणिज्य विभाग, MSME मंत्रालय** और **वित्त मंत्रालय** संयुक्त रूप से लागू करते हैं। यह **नवंबर 2025 में मंजूर ₹25,060 करोड़ के निर्यात प्रोत्साहन मिशन** का हिस्सा है।