गृह मंत्रालय ने 23 जनवरी को पराक्रम दिवस के अवसर पर सुभाष चंद्र बोस आपदा प्रबंधन पुरस्कार 2026 के पुरस्कार विजेताओं की घोषणा की। यह पुरस्कार पूरे भारत में आपदा प्रबंधन के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान को मान्यता देता है। यह प्रतिष्ठित राष्ट्रीय पुरस्कार उन व्यक्तियों और संगठनों को सम्मानित करता है जिन्होंने आपदा तैयारी, शमन, बचाव कार्य और आपदा के बाद प्रतिक्रिया तथा पुनर्प्राप्ति प्रयासों में उत्कृष्ट कार्य किया है।

यह पुरस्कार भारत सरकार ने 2019 में शुरू किया था। इसे हर वर्ष 23 जनवरी को नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती पर आपदा प्रबंधन पेशेवरों की निस्वार्थ सेवा और समर्पण के सम्मान में दिया जाता है। वर्तमान पुरस्कार-श्रेणी विवरण के अनुसार व्यक्तिगत पुरस्कार विजेताओं को एक स्क्रॉल और एक पदक दिया जाता है, जबकि संस्थागत पुरस्कार विजेताओं को एक स्क्रॉल और एक पट्टिका दी जाती है।

चयन प्रक्रिया राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण द्वारा देश भर से आए नामांकनों के गहन मूल्यांकन के आधार पर पूरी की जाती है। श्रेणियों में सरकारी संगठन, गैर-सरकारी संगठन, नागरिक सुरक्षा स्वयंसेवक और व्यक्तिगत उत्तरदाता शामिल हैं, जिन्होंने प्राकृतिक और मानव निर्मित आपदाओं के दौरान जीवन बचाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। गृह मंत्रालय ने कहा कि यह पुरस्कार संयुक्त राष्ट्र द्वारा अपनाए गए सेंदाई आपदा जोखिम न्यूनीकरण फ्रेमवर्क के अनुरूप शासन और समाज के सभी स्तरों पर आपदा लचीलापन और तैयारी की संस्कृति को बढ़ावा देता है।