FEMA 1999 के तहत विनियमित RBI का बाह्य वाणिज्यिक उधारी (ECB) नियामक ढांचा अक्टूबर 2025 की शुरुआत में भारतीय कंपनियों द्वारा बढ़ती उधारी के बीच चर्चा में आया। ECB स्वचालित और अनुमोदन मार्गों से संचालित होते हैं, और ऋण पंजीकरण संख्या (LRN) प्रणाली से अनिवार्य रिपोर्टिंग होती है।

ECB पूंजीगत व्यय, बुनियादी ढांचे के विकास और परियोजना वित्तपोषण के लिए अनुमत हैं, लेकिन विशिष्ट अनुमोदन के बिना रियल एस्टेट, शेयर बाजार निवेश या सामान्य कॉर्पोरेट उद्देश्यों के लिए उनका उपयोग नहीं किया जा सकता।