प्रकाशित: 10 मार्च 2026DD Newsशासन
आधार की साइबर सुरक्षा मजबूत करने के लिए UIDAI ने बग बाउंटी कार्यक्रम शुरू किया
भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण ने 11 मार्च 2026 को आधार प्रणाली की सुरक्षा मजबूत करने के लिए अपना पहला व्यवस्थित बग बाउंटी कार्यक्रम शुरू किया। कार्यक्रम में 20 अनुभवी सुरक्षा शोधकर्ताओं और एथिकल हैकरों का चयन किया गया है, जो UIDAI की आधिकारिक वेबसाइट, मायआधार पोर्टल और सुरक्षित क्यूआर कोड एप्लिकेशन जैसी डिजिटल प्रणालियों की जांच करेंगे।
UIDAI यह कार्यक्रम साइबर सुरक्षा समाधान प्रदाता कॉमओल्हो आईटी प्राइवेट लिमिटेड की साझेदारी में चला रहा है। इसका उद्देश्य छिपी कमजोरियों की जिम्मेदार रिपोर्टिंग कराकर आधार प्लेटफ़ॉर्म को निवासियों और हितधारकों के लिए अधिक सुरक्षित बनाना है।
मेन्स दृष्टिकोण
प्रश्न: महत्वपूर्ण राष्ट्रीय डिजिटल अवसंरचना के रूप में आधार की सुरक्षा में UIDAI के बग बाउंटी कार्यक्रम के महत्व पर चर्चा कीजिए।
उत्तर (50 शब्द): UIDAI ने 11 मार्च 2026 को पहला संरचित बग बाउंटी कार्यक्रम शुरू किया। 20 सुरक्षा शोधकर्ता UIDAI वेबसाइट, मायआधार पोर्टल और सुरक्षित क्यूआर कोड अनुप्रयोग की जांच करेंगे। कॉमओल्हो आईटी की साझेदारी वाली यह पहल छिपी कमजोरियों की जिम्मेदार तरीके से पहचान कराकर आधार सुरक्षा को मजबूत करती है।
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UIDAI ने मार्च 2026 में बग बाउंटी कार्यक्रम शुरू किया। क्यूरेटेड पैनल में कितने सुरक्षा पेशेवर हैं?
व्याख्या · सही उत्तर CUIDAI के बग बाउंटी प्रोग्राम में 20 अनुभवी सुरक्षा पेशेवरों का एक चुना हुआ पैनल है, जो UIDAI वेबसाइट, माईआधार पोर्टल और सिक्योर QR कोड एप्लिकेशन का आकलन करेगा। यह कार्यक्रम कॉमओल्हो आईटी प्राइवेट लिमिटेड के साथ साझेदारी में शुरू किया गया।