प्रकाशित: 6 अक्टूबर 2025NobelPrize.orgअंतरराष्ट्रीय
भौतिकी का नोबेल 2025: क्वांटम कंप्यूटिंग की नींव के लिए क्लार्क, डेवोरे और मार्टिनिस विजेता
भौतिकी का 2025 नोबेल पुरस्कार जॉन क्लार्क, मिशेल एच. डेवोरे और जॉन एम. मार्टिनिस को संयुक्त रूप से मिला। रॉयल स्वीडिश एकेडमी ऑफ साइंसेज ने 7 अक्टूबर 2025 को यह पुरस्कार “विद्युत परिपथ में स्थूल क्वांटम यांत्रिक सुरंगन और ऊर्जा क्वांटीकरण की खोज” के लिए घोषित किया। पुरस्कार राशि 1.1 करोड़ स्वीडिश क्रोनर थी, जिसे तीनों विजेताओं में बराबर बाँटा जाना था।
1984 और 1985 में इन वैज्ञानिकों ने अतिचालकों से बने इलेक्ट्रॉनिक परिपथ पर प्रयोग किए। अतिचालक घटकों के बीच गैर-चालक पदार्थ की बहुत पतली परत थी, जिसे जोसेफसन जंक्शन कहा जाता है। इस व्यवस्था में आवेशित कणों का समूह पूरे परिपथ में फैले एक बड़े कण जैसा व्यवहार कर रहा था। क्वांटम यांत्रिकी में सुरंगन का अर्थ है कि कण किसी अवरोध को पार कर सकता है; सामान्यतः बहुत अधिक कणों वाले तंत्र में ऐसे प्रभाव कमज़ोर पड़ जाते हैं। प्रयोगों ने दिखाया कि ऐसा बड़ा तंत्र भी क्वांटम सुरंगन के ज़रिए शून्य-वोल्टेज अवस्था से बाहर निकल सकता है और केवल निश्चित मात्रा में ऊर्जा अवशोषित या उत्सर्जित करता है। यही ऊर्जा क्वांटीकरण है।
परीक्षा की दृष्टि से यह विषय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, समसामयिकी और पुरस्कारों से जुड़ता है। इसका स्टैटिक जीके लिंक क्वांटम यांत्रिकी, अतिचालकता, जोसेफसन जंक्शन, क्वांटम कंप्यूटिंग, क्वांटम सेंसर और क्वांटम क्रिप्टोग्राफी से बनता है। RAS मुख्य परीक्षा 2023 में क्लासिकल कंप्यूटिंग और क्वांटम कंप्यूटिंग के अंतर पर प्रश्न पूछा गया था, इसलिए यह अपडेट प्रीलिम्स में तथ्य और मुख्य परीक्षा में तकनीक के प्रभाव, शोध से नवाचार तक की कड़ी और अगली पीढ़ी की डिजिटल तकनीक पर चर्चा के लिए उपयोगी है।
मेन्स दृष्टिकोण
प्रश्न: नोबेल भौतिकी 2025 के संदर्भ में क्वांटम कंप्यूटिंग प्रौद्योगिकी में स्थूल क्वांटम सुरंगन की खोज के योगदान का परीक्षण कीजिए।
उत्तर (50 शब्द): 2025 के नोबेल भौतिकी पुरस्कार ने क्लार्क, देवोरे एवं मार्टिनिस को 1984-85 में अतिचालक विद्युत परिपथों में स्थूल क्वांटम सुरंगन तथा ऊर्जा क्वांटीकरण की खोज के लिए सम्मानित किया। हाथ के आकार के प्रयोगों ने प्रेक्षणीय पैमाने पर क्वांटम प्रभाव दिखाए और आधुनिक क्वांटम कंप्यूटिंग की नींव रखी। एक करोड़ दस लाख क्रोनर पुरस्कार समान बाँटा।
6-अक्ष वर्गीकरण
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अभ्यास प्रश्न MCQ
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जुड़ा प्रश्नमध्यम
2025 के तीन भौतिकी नोबेल विजेताओं में बराबर बांटी गई कुल पुरस्कार राशि कितनी थी?
व्याख्या · सही उत्तर Bलेख के अनुसार 1.1 करोड़ स्वीडिश क्रोना का पुरस्कार तीनों विजेताओं क्लार्क, डेवोरेट और मार्टिनिस के बीच समान रूप से साझा किया गया।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
भौतिकी का 2025 नोबेल पुरस्कार किसे मिला?
यह पुरस्कार जॉन क्लार्क, मिशेल एच. डेवोरे और जॉन एम. मार्टिनिस को संयुक्त रूप से मिला। उन्हें विद्युत परिपथ में स्थूल क्वांटम यांत्रिक सुरंगन और ऊर्जा क्वांटीकरण की खोज के लिए चुना गया।
1984 और 1985 के प्रयोगों का मुख्य महत्व क्या था?
इन प्रयोगों ने अतिचालक इलेक्ट्रॉनिक परिपथ में दिखाया कि बड़ा, हाथ में पकड़ा जा सकने वाला तंत्र भी क्वांटम सुरंगन और निश्चित ऊर्जा स्तर जैसे क्वांटम गुण दिखा सकता है।
जोसेफसन जंक्शन इस खोज में क्यों महत्वपूर्ण है?
प्रयोग में अतिचालक घटकों के बीच गैर-चालक पदार्थ की पतली परत थी, जिसे जोसेफसन जंक्शन कहा जाता है। इसी व्यवस्था से वैज्ञानिकों ने परिपथ के क्वांटम व्यवहार को नियंत्रित और मापा।
यह विषय परीक्षा की दृष्टि से क्यों महत्वपूर्ण है?
यह विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, पुरस्कार, क्वांटम कंप्यूटिंग और डिजिटल तकनीक से जुड़ा है। RAS मुख्य परीक्षा 2023 में क्लासिकल कंप्यूटिंग और क्वांटम कंप्यूटिंग के अंतर पर प्रश्न पूछा गया था।