भारतीय रिज़र्व बैंक की 58वीं मौद्रिक नीति समिति बैठक 3 से 5 दिसंबर 2025 तक हुई और समिति ने सर्वसम्मति से नीति रेपो दर 25 आधार अंक घटाकर 5.25% कर दी। स्थायी जमा सुविधा दर 5.00% तथा सीमांत स्थायी सुविधा दर और बैंक दर 5.50% पर समायोजित की गई।

इस निर्णय के पीछे एक प्रमुख कारण यह था कि अक्टूबर 2025 में भारत की उपभोक्ता मूल्य सूचकांक आधारित मुद्रास्फीति घटकर 0.25% पर आ गई थी, जो वर्तमान श्रृंखला में वर्ष-दर-वर्ष आधार पर सबसे कम मुद्रास्फीति थी। रिज़र्व बैंक ने यह भी कहा कि वित्त वर्ष 2025-26 की दूसरी तिमाही में वास्तविक सकल घरेलू उत्पाद वृद्धि छह तिमाहियों के उच्चतम स्तर 8.2% रही, जिससे विकास को सहारा देने की नीतिगत गुंजाइश बनी और रुख तटस्थ रखा गया।