प्रसिद्ध हिंदी साहित्यकार, कवि और उपन्यासकार विनोद कुमार शुक्ल का 23 दिसंबर 2025 को रायपुर में 88 वर्ष की आयु में निधन हुआ। वे 2025 में 59वां ज्ञानपीठ पुरस्कार पाने वाले साहित्यकार थे और इस सम्मान को पाने वाले छत्तीसगढ़ के पहले लेखक बने। ज्ञानपीठ पुरस्कार भारतीय भाषाओं के प्रमुख साहित्यकारों को दिया जाने वाला भारत का सर्वोच्च साहित्यिक सम्मान माना जाता है, इसलिए यह घटना पुरस्कार, साहित्य और राज्य-विशेष पहचान, तीनों को जोड़ती है। परीक्षा में इसे लेखक, पुरस्कार, भाषा और राज्य की जोड़ी के रूप में याद रखना चाहिए।

परीक्षा की दृष्टि से यह विषय प्रीलिम्स के लिए अधिक उपयोगी है। RAS और UPSC सहित कई परीक्षाओं में समसामयिकी, पुरस्कार, लेखक और भारतीय भाषाओं से जुड़े छोटे तथ्य पूछे जाते हैं। यहां याद रखने योग्य मुख्य बिंदु हैं: नाम विनोद कुमार शुक्ल, क्षेत्र हिंदी साहित्य, राज्य छत्तीसगढ़, पुरस्कार 59वां ज्ञानपीठ पुरस्कार, वर्ष 2025, निधन की तारीख 23 दिसंबर 2025, स्थान रायपुर और आयु 88 वर्ष। तारीख और पुरस्कार-वर्ष दोनों 2025 से जुड़े हैं, इसलिए रिविजन में इन्हें अलग-अलग नोट करना चाहिए।

स्टैटिक जीके से इसका लिंक भारतीय साहित्यिक पुरस्कारों और भारतीय भाषाओं की साहित्यिक परंपरा से बनता है। ज्ञानपीठ जैसे पुरस्कारों में अक्सर पुरस्कार का दर्जा, प्राप्तकर्ता की भाषा, संबंधित राज्य और “पहला” जैसे तथ्य परीक्षा में काम आते हैं। इस मामले में “छत्तीसगढ़ से ज्ञानपीठ पाने वाले पहले लेखक” वाला तथ्य खास तौर पर महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह लेखक-राज्य-पुरस्कार की सीधी जोड़ी बनाता है। पुरस्कार और प्रकाशन से जुड़े प्रश्नों में ऐसे तथ्य को अलग से दोहराना चाहिए। उत्तर लिखते या विकल्प हल करते समय नाम, राज्य, पुरस्कार और वर्ष की जोड़ी को न बदलें।