नीति आयोग के अग्रणी प्रौद्योगिकी केंद्र ने आईबीएम के साथ मिलकर 2047 तक भारत को दुनिया की शीर्ष-3 क्वांटम अर्थव्यवस्थाओं में शामिल करने के लिए राष्ट्रीय कार्ययोजना जारी की। दस्तावेज़ में चरणों में आगे बढ़ने की योजना दी गई है: 2025-2030 में क्वांटम साक्षरता और प्रतिभा निर्माण, 2030-2040 में स्वदेशी क्वांटम हार्डवेयर और एल्गोरिदम का विकास तथा 2040-2047 में दवा खोज, क्रिप्टोग्राफी और जलवायु मॉडलिंग जैसे क्षेत्रों में क्वांटम बढ़त।

भारत का राष्ट्रीय क्वांटम मिशन 2023 में ₹6,003 करोड़ के परिव्यय के साथ शुरू हुआ था। यह 50-1000 भौतिक क्यूबिट वाले क्वांटम कंप्यूटरों के विकास को बढ़ावा देता है। कार्ययोजना में भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थानों और भारतीय विज्ञान संस्थान में 10 क्वांटम नवाचार केंद्र बनाने की सिफारिश की गई है। इसमें भविष्य के क्वांटम खतरों से निपटने के लिए भारत के डिजिटल ढाँचे को तैयार करने वाला अलग क्वांटम-सुरक्षित साइबर सुरक्षा ढाँचा बनाने की सिफारिश भी है।