अंतरिक्ष विभाग ने 17 दिसंबर को अपनी वर्षांत समीक्षा 2025 जारी की। इसकी प्रमुख उपलब्धियाँ थीं: (1) LVM3-M6 ने 24 दिसंबर को 6,100 किग्रा के BlueBird Block-2 का प्रक्षेपण किया, जो भारत से प्रक्षेपित अब तक का सबसे भारी उपग्रह था; (2) अर्धचालक प्रयोगशाला (SCL), चंडीगढ़ के सहयोग से अंतरिक्ष में इस्तेमाल के लिए बने स्वदेशी 32-बिट माइक्रोप्रोसेसर VIKRAM3201 और KALPANA3201 उपलब्ध कराए गए; (3) गगनयान के पैराशूट परीक्षण पूरे हुए; (4) मई में अंतिम एबॉर्ट परीक्षण पूरा हुआ; और (5) अगस्त में पहला एकीकृत एयर-ड्रॉप परीक्षण पूरा हुआ।

भारतीय अंतरिक्ष यात्री शुभांशु शुक्ला Axiom-04 मिशन के तहत अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) पहुँचे और वहाँ 18 दिन रहकर सूक्ष्म-गुरुत्वाकर्षण प्रयोग किए। इसके साथ भारत ने ISS पर मानव अनुसंधान की शुरुआत की। गगनयान का मानवयुक्त मिशन 2027 की शुरुआत में होना तय है।