भारत ने 2028 तक मॉड्यूल, सेल, वेफर और इंगट सहित पूरी तरह स्वदेशी सौर विनिर्माण तंत्र बनाने का लक्ष्य घोषित किया। नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा के केंद्रीय मंत्री ने 24,000 करोड़ रुपये की PLI (उत्पादन से जुड़े प्रोत्साहन) सहायता के साथ यह घोषणा की। इस पहल का उद्देश्य चीनी आपूर्तिकर्ताओं पर भारत की निर्भरता कम करना और घरेलू रोजगार सृजित करना है। यह योजना 2030 तक 500 GW गैर-जीवाश्म ईंधन क्षमता के भारत के लक्ष्य और पेरिस समझौते की प्रतिबद्धताओं के अनुरूप है।