भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) ने 9 दिसंबर 2025 को पास्ट रिस्क एंड रिटर्न वेरिफिकेशन एजेंसी (PaRRVA) शुरू की। PaRRVA एक स्वतंत्र सत्यापन व्यवस्था है। इसके ज़रिए विनियमित संस्थाएँ (REs) वित्तीय उत्पादों के विज्ञापनों में अपने पिछले प्रदर्शन के प्रामाणिक और सत्यापित आँकड़े प्रस्तुत कर सकेंगी तथा भ्रामक दावों पर रोक लगेगी।

SEBI के परिपत्र के अनुसार, एक क्रेडिट रेटिंग एजेंसी (CRA) को PaRRVA के रूप में मान्यता दी जाएगी। यह एजेंसी किसी मान्यता प्राप्त स्टॉक एक्सचेंज (SE) के साथ काम करेगी, जो PaRRVA डेटा केंद्र (PDC) की भूमिका निभाएगा। इस पहल का उद्देश्य खुदरा निवेशकों को सोशल मीडिया पर अपंजीकृत सलाहकारों और फिनफ्लुएंसरों द्वारा रिटर्न के बारे में बढ़ा-चढ़ाकर किए गए दावों से बचाना है। सभी विनियमित संस्थाओं को प्रदर्शन संबंधी दावे प्रकाशित करने से पहले PaRRVA से उनका सत्यापन कराना होगा।