संस्कृति मंत्रालय ने 50 लाख से अधिक कृतियों वाली भारत की विशाल पांडुलिपि विरासत को संरक्षित करने, डिजिटल रूप देने और लोगों तक पहुंचाने के लिए ज्ञान भारतम मिशन (GBM) शुरू किया। 'पांडुलिपि विरासत से भारत की ज्ञान विरासत पुनः प्राप्त करना' विषय पर पहला ज्ञान भारतम अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन 11-13 सितंबर 2025 को विज्ञान भवन, नई दिल्ली में आयोजित हुआ, जिसमें भारत और विदेशों के 1,100+ विद्वानों ने भाग लिया।

GBM की घोषणा केंद्रीय बजट 2025-26 में की गई थी। यह PM अटल बिहारी वाजपेयी द्वारा 2003 में शुरू किए गए राष्ट्रीय पांडुलिपि मिशन (NMM) का पुनरुद्धार और विस्तार है। इसे 2024-31 के लिए ₹482.85 करोड़ के कुल परिव्यय वाली केंद्रीय क्षेत्र योजना के रूप में मंजूरी दी गई, जिसमें 2025-26 के लिए ₹60 करोड़ शामिल हैं। डिजिटल पहुंच के लिए ज्ञान पोर्टल लॉन्च किया गया है।