RBI ने रेपो दर 5.25% पर रखी; तटस्थ रुख बरकरार; GDP पूर्वानुमान बढ़ाकर 7.4%
Aसीधा उत्तर
RBI ने रेपो 5.25% पर सर्वसम्मति से रखा; तटस्थ रुख 5:1; GDP 7.4% तक; सीपीआई दिसंबर में 1.33%।
मुख्य तथ्य
RBI MPC ने 6 फरवरी 2026 को FY25-26 में 125 bps की कुल कटौती के बाद रेपो दर को 5.25% पर अपरिवर्तित रखा।
5:1 बहुमत से तटस्थ रुख बनाए रखा; एक सदस्य ने समायोजनकारी रुख के पक्ष में मतदान किया।
गवर्नर Sanjay Malhotra ने FY26 GDP वृद्धि अनुमान 7.3% से बढ़ाकर 7.4% और CPI मुद्रास्फीति अनुमान 2.0% से बढ़ाकर 2.1% किया।
दिसंबर 2025 में CPI मुद्रास्फीति 1.33% के ऐतिहासिक निचले स्तर पर रही, जो 2-6% के लक्ष्य दायरे से काफी कम थी।
ध्यान अब स्थिरता और पिछली दर कटौती के असर पर है; फिलहाल ढील चक्र को पूरा घोषित किया गया है।
RBI की मौद्रिक नीति समिति ने 6 फरवरी 2026 को सर्वसम्मति से रेपो दर 5.25% पर अपरिवर्तित रखने का निर्णय लिया। इससे पहले वित्त वर्ष 2025-26 में कुल 125 आधार अंकों की कटौती हो चुकी थी। MPC ने 5:1 बहुमत से तटस्थ रुख बरकरार रखा; एक सदस्य ने समायोजी रुख के पक्ष में मतदान किया।
गवर्नर संजय मल्होत्रा ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए सकल घरेलू उत्पाद वृद्धि अनुमान 7.3% से बढ़ाकर 7.4% किया और खुदरा मुद्रास्फीति अनुमान 2.0% से बढ़ाकर 2.1% किया। दिसंबर 2025 में CPI मुद्रास्फीति 1.33% रही, जो 2-6% के लक्ष्य दायरे से काफी नीचे थी। RBI का संदेश है: दर कटौती चक्र अपना काम कर चुका है; अब ध्यान स्थिरता और दर कटौती के असर को आगे पहुँचाने पर है।
0
मेन्स दृष्टिकोण
प्रश्न: भारतीय रिज़र्व बैंक की मौद्रिक नीति समिति के फरवरी 2026 में रेपो दर 5.25% पर रखने के निर्णय और भारत की विकास व मुद्रास्फीति दिशा के लिए इसके निहितार्थों का विश्लेषण कीजिए।
उत्तर (50 शब्द):
6 फरवरी 2026 को भारतीय रिज़र्व बैंक की मौद्रिक नीति समिति ने रेपो दर 5.25% पर रखी; तटस्थ रुख 5:1 से बरकरार रहा। वित्त वर्ष 2025-26 में 125 आधार अंक कटौती के बाद यह निर्णय आया। गवर्नर संजय मल्होत्रा ने सकल घरेलू उत्पाद अनुमान 7.4% और मुद्रास्फीति अनुमान 2.1% रखा; दिसंबर मूल्य सूचकांक 1.33% रहा।
इस विषय की स्थिर तैयारी
इस खबर के पीछे का स्थायी सिलेबस पढ़ें।
मौद्रिक एवं राजकोषीय नीतिभारतीय अर्थव्यवस्थाआर्थिक एवं राजनीतिक घटनाक्रमसमसामयिकी
6-अक्ष वर्गीकरण
कवरेजराष्ट्रीयविषयआर्थिकपरीक्षाबेसिक कंप्यूटर इंस्ट्रक्टर · CET स्नातक · CET सीनियर सेकेंडरी · EO/RO · LDC · महिला पर्यवेक्षक · पटवार · PTI · RAS · REET · RPSC SI · स्कूल व्याख्याता · सीनियर कंप्यूटर इंस्ट्रक्टर · वरिष्ठ अध्यापक · UPSC · वनपाल · दोनोंस्रोतRBI
फरवरी 2026 में RBI MPC ने क्या निर्णय लिया और संशोधित GDP वृद्धि पूर्वानुमान क्या है?
**RBI MPC** ने **6 फरवरी 2026** को सर्वसम्मति से **रेपो दर 5.25% पर अपरिवर्तित** रखी और **5:1 बहुमत** से **तटस्थ रुख** बरकरार रखा। गवर्नर **संजय मल्होत्रा** ने **FY26 GDP वृद्धि अनुमान 7.3% से बढ़ाकर 7.4%** कर दिया और खुदरा मुद्रास्फीति अनुमान **2.0% से बढ़ाकर 2.1%** किया।
दिसंबर 2025 में भारत की CPI मुद्रास्फीति कितनी रही और यह RBI के लक्ष्य की तुलना में कहाँ है?
**CPI मुद्रास्फीति** दिसंबर 2025 में केवल **1.33%** रही — **RBI के 2-6% लक्ष्य बैंड** से काफी नीचे। इस कम मुद्रास्फीति से **MPC के तटस्थ रुख** के लिए गुंजाइश बनी, क्योंकि ध्यान FY25-26 में की गई **125 आधार अंकों की संचयी कटौती** के प्रसार पर केंद्रित हो गया।
फरवरी 2026 से पहले RBI ने चालू कटौती चक्र में कुल कितनी दर कटौती की?
**RBI** ने **फरवरी 2026** की नीति समीक्षा से पहले **FY25-26 कटौती चक्र** में कुल **125 आधार अंक (1.25%)** की कटौती की थी। इन कटौतियों का असर आगे पहुंचने और दिसंबर 2025 में **CPI 1.33%** रहने को देखते हुए MPC ने पिछली कटौतियों के ट्रांसमिशन के लिए दर को **5.25% पर रोककर** रखने का फैसला किया।
RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा के इस कथन का क्या अर्थ है कि कटौती चक्र ने अपना काम कर दिया?
RBI गवर्नर **संजय मल्होत्रा** ने संकेत दिया कि **125 bps दर कटौती** के बाद **मौद्रिक ढील चक्र** ने अपने उद्देश्य पूरे कर लिए हैं — ऋण को बढ़ावा देना, विकास को सहारा देना (GDP **7.4%** संशोधित) और कम मुद्रास्फीति (**दिसंबर 2025 में 1.33%**) बनाए रखना। अब नीति का ध्यान **स्थिरता और ट्रांसमिशन** पर है।
फरवरी 2026 में एक RBI MPC सदस्य ने समायोजी रुख के लिए क्यों मतदान किया?
एक **MPC सदस्य** ने **फरवरी 2026** की नीति में **समायोजी रुख** के लिए मतदान किया। उनका तर्क था कि **CPI 1.33%** के साथ — **2-6% लक्ष्य** से काफी नीचे — और ढील की गुंजाइश है। बहुमत (5 सदस्यों) ने पहले की गई **125 bps** कटौती का असर आगे पहुंचने देने के लिए **रेपो दर 5.25%** पर **तटस्थ रुख** बनाए रखना उचित समझा।
क्या यह उपयोगी था?
सुधार या छूटा परीक्षा दृष्टिकोण संपादकीय टीम को भेजें।