RBI की मौद्रिक नीति समिति ने 6 फरवरी 2026 को सर्वसम्मति से रेपो दर 5.25% पर अपरिवर्तित रखने का निर्णय लिया। इससे पहले वित्त वर्ष 2025-26 में कुल 125 आधार अंकों की कटौती हो चुकी थी। MPC ने 5:1 बहुमत से तटस्थ रुख बरकरार रखा; एक सदस्य ने समायोजी रुख के पक्ष में मतदान किया।

गवर्नर संजय मल्होत्रा ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए सकल घरेलू उत्पाद वृद्धि अनुमान 7.3% से बढ़ाकर 7.4% किया और खुदरा मुद्रास्फीति अनुमान 2.0% से बढ़ाकर 2.1% किया। दिसंबर 2025 में CPI मुद्रास्फीति 1.33% रही, जो 2-6% के लक्ष्य दायरे से काफी नीचे थी। RBI का संदेश है: दर कटौती चक्र अपना काम कर चुका है; अब ध्यान स्थिरता और दर कटौती के असर को आगे पहुँचाने पर है।