RBI की 100 आधार अंकों की CRR कटौती की पहली किस्त 6 सितंबर 2025 से शुरू होने वाले रिपोर्टिंग पखवाड़े से प्रभावी हुई। अब बैंकों को NDTL का 3.75% CRR रखना होगा, जो पहले 4% था। जून 2025 की मौद्रिक नीति में रेपो दर में 50 bps कटौती के साथ CRR कटौती की घोषणा की गई थी। यह कटौती 6 सितंबर, 4 अक्टूबर, 1 नवंबर और 29 नवंबर को 25-25 bps की चार किस्तों में होगी, जिससे CRR 4% से घटकर 3% हो जाएगा। इससे दिसंबर 2025 तक बैंकिंग प्रणाली में लगभग ₹2.5 लाख करोड़ की प्राथमिक तरलता आएगी।
RBI की चरणबद्ध CRR कटौती शुरू: पहली 25 bps कटौती 6 सितंबर से प्रभावी
RBI की चरणबद्ध CRR कटौती 6 सितंबर से शुरू; पहली 25 bps की किस्त से CRR 3.75% हुआ, दिसंबर 2025 तक ₹2.5 लाख करोड़ की तरलता।
मुख्य तथ्य
- RBI की 100 bps CRR कटौती की पहली किश्त 6 सितंबर 2025 से प्रभावी हुई, जिससे CRR 4% से घटकर 3.75% हो गई।
- CRR में कटौती 6 सितंबर, 4 अक्टूबर, 1 नवंबर और 29 नवंबर 2025 को 25 bps की चार बराबर किश्तों में की गई।
- नवंबर 2025 के अंत तक CRR 4% से घटकर 3% हो जाएगी।
- चरणबद्ध कटौती से बैंकिंग प्रणाली में लगभग ₹2.5 लाख करोड़ की प्राथमिक तरलता आएगी।
- जून 2025 की मौद्रिक नीति में रेपो दर में 50 bps की कटौती कर उसे 5.5% करने की घोषणा की गई थी।
मेन्स दृष्टिकोण
प्रश्न: जून 2025 में घोषित भारतीय रिज़र्व बैंक की चरणबद्ध नकद आरक्षित अनुपात कटौती की व्याख्या कीजिए, जिसमें इसकी समय-सारणी, तरलता पर प्रभाव और उसी मौद्रिक समीक्षा में रेपो दर से इसका संबंध शामिल हो।
उत्तर (50 शब्द):
भारतीय रिज़र्व बैंक ने जून 2025 में नकद आरक्षित अनुपात में सौ आधार अंकों की कटौती घोषित की। यह कटौती 6 सितंबर, 4 अक्टूबर, 1 नवंबर एवं 29 नवंबर 2025 को पच्चीस आधार अंकों की चार किश्तों में लागू होगी। इससे सीआरआर चार प्रतिशत से तीन प्रतिशत होगा और 2.5 लाख करोड़ की तरलता उपलब्ध होगी।
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गिफ्ट आईएफएससी के लिए लॉन्च FCSS का पूर्ण रूप क्या है?
एफसीएसएस यानी विदेशी मुद्रा निपटान प्रणाली, जिसे गिफ्ट आईएफएससी में स्थानीय स्तर पर विदेशी मुद्रा निपटान संभव बनाने के उद्देश्य से शुरू किया गया।
स्रोत: बिज़नेस स्टैंडर्ड
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
RBI की CRR कटौती क्या है और 6 सितंबर से पहली कटौती कितनी थी?
**RBI** ने **चरणबद्ध CRR (नकद आरक्षित अनुपात) कटौती** की घोषणा की। **6 सितंबर, 2025 से 25 आधार अंक (bps) की पहली कटौती** लागू हुई।
नकद आरक्षित अनुपात (CRR) क्या है और यह अर्थव्यवस्था को कैसे प्रभावित करता है?
**CRR** बैंक की कुल जमा राशि का वह प्रतिशत है जो उसे **RBI** के पास तरल नकदी के रूप में रखना होता है। CRR में कमी से बैंकिंग प्रणाली में **तरलता बढ़ती** है।
भारत के मौद्रिक नीति उपकरणों में CRR, SLR और रेपो दर में क्या अंतर है?
**CRR**: जमा राशि का वह प्रतिशत जो RBI के पास रखना होता है (बिना ब्याज)। **SLR**: जमा राशि का वह प्रतिशत जो सरकारी प्रतिभूतियों में निवेश किया जाता है। **रेपो दर**: वह दर जिस पर RBI बैंकों को उधार देता है।
RBI की मौद्रिक नीति समिति (MPC) क्या है?
**MPC** में **6 सदस्य** हैं: **3 RBI अधिकारी** (गवर्नर अध्यक्ष) और **3 सरकार द्वारा नियुक्त बाहरी सदस्य**। यह द्विमासिक **नीति रेपो दर** निर्धारित करती है।
CRR कटौती का बैंकों और व्यापक अर्थव्यवस्था पर क्या प्रभाव पड़ता है?
**CRR कटौती** से बैंकों के पास **अतिरिक्त फंड** उपलब्ध हो जाते हैं (पूरी 100 bps कटौती से लगभग ₹2.5 लाख करोड़ की तरलता आती है), **ऋण दरें** घटती हैं और **EMI** कम होने से उपभोग बढ़ता है।
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