केंद्रीय मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने चेन्नई में समुद्री सिमुलेशन सेंटर और विशाखापत्तनम में भारतीय जहाज प्रौद्योगिकी केंद्र का वर्चुअल उद्घाटन किया। परीक्षा की दृष्टि से इसे विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, अर्थव्यवस्था, अवसंरचना और समुद्री गवर्नेंस से जोड़कर पढ़ना चाहिए। समुद्री सिमुलेशन सेंटर चेन्नई के पास समुद्री शिक्षा और प्रशिक्षण अकादमी नॉलेज पार्क में स्थापित है। इसका उद्देश्य भावी नाविकों को नियंत्रित शैक्षणिक माहौल में वास्तविक समुद्री स्थितियों जैसा प्रशिक्षण देना है। इससे समुद्री शिक्षा, नौवहन प्रशिक्षण और शिपिंग क्षेत्र में कौशल विकास से जुड़े प्रश्नों के लिए यह केंद्र प्रासंगिक हो जाता है।

विशाखापत्तनम का भारतीय जहाज प्रौद्योगिकी केंद्र जहाज डिजाइन, अनुसंधान और विकास, इंजीनियरिंग तथा कौशल विकास का केंद्र बनेगा। इससे भारत की जहाज निर्माण क्षमता को मजबूत करने और आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को आगे बढ़ाने में मदद मिलने की उम्मीद है। सरकारी जानकारी के अनुसार इस केंद्र से जुड़ा निवेश ₹305 करोड़ है। इसलिए यह सिर्फ एक परिसर-स्तरीय सुविधा की खबर नहीं है, बल्कि घरेलू डिज़ाइन क्षमता बढ़ाने और विदेशी जहाज-निर्माण तकनीक पर निर्भरता घटाने की भारत की व्यापक कोशिश का हिस्सा है।

RAS और UPSC प्रारंभिक परीक्षा में इससे स्थान और कार्य दोनों पर आधारित प्रश्न पूछे जा सकते हैं: समुद्री सिमुलेशन सेंटर चेन्नई में, और भारतीय जहाज प्रौद्योगिकी केंद्र विशाखापत्तनम में। मुख्य परीक्षा के लिए यह विकास आत्मनिर्भर भारत, कौशल विकास, समुद्री अर्थव्यवस्था, बंदरगाह और जहाज निर्माण नीति से जोड़ा जा सकता है। स्टैटिक जीके में भारत के प्रमुख बंदरगाहों, पूर्वी तट, समुद्री प्रशिक्षण संस्थानों और जहाज निर्माण उद्योग के साथ इसका संबंध बनता है। तथ्य याद रखते समय केंद्रों की भूमिका अलग-अलग रखें: चेन्नई का समुद्री सिमुलेशन सेंटर प्रशिक्षण और सिमुलेशन पर केंद्रित है, जबकि विशाखापत्तनम वाला भारतीय जहाज प्रौद्योगिकी केंद्र जहाज डिजाइन और अनुसंधान पर।