अक्टूबर 2025 में महाराष्ट्र के 5 समुद्र तटों को अंतरराष्ट्रीय ब्लू फ्लैग प्रमाणन मिला। ये समुद्र तट हैं: रायगढ़ जिले के श्रीवर्धन और नागांव, पालघर का पर्णाका, तथा रत्नागिरी जिले के गुहागर और लाडघर। इस उपलब्धि के बाद भारत में ब्लू फ्लैग समुद्र तटों की कुल संख्या 18 हो गई। महाराष्ट्र की महिला एवं बाल विकास मंत्री अदिति तटकरे ने इसकी घोषणा की थी।

ब्लू फ्लैग प्रमाणन डेनमार्क की संस्था फाउंडेशन फॉर एनवायरनमेंटल एजुकेशन देती है। यह प्रमाणन उन समुद्र तटों को मिलता है जो 33 मानदंडों पर खरे उतरते हैं। इन मानदंडों में पर्यावरण शिक्षा, पानी की गुणवत्ता, सुरक्षा, पर्यावरण प्रबंधन, सार्वजनिक सुविधाएं, स्वच्छता, सुंदरता और पर्यावरणीय स्थिरता जैसे पहलू शामिल हैं। इसलिए यह केवल पर्यटन की ब्रांडिंग नहीं है, बल्कि समुद्र तटों के रखरखाव, प्रदूषण नियंत्रण और पर्यटक सुरक्षा से जुड़ा संकेतक भी है।

RAS और UPSC जैसी परीक्षाओं में इससे प्रारंभिक परीक्षा में तथ्यात्मक प्रश्न बन सकते हैं, जैसे प्रमाणित समुद्र तटों के नाम, जिले, कुल संख्या और प्रमाणन संस्था। मुख्य परीक्षा में इसे टिकाऊ तटीय पर्यटन, पर्यावरण प्रबंधन और सार्वजनिक सुविधाओं के संदर्भ में जोड़ा जा सकता है। स्टैटिक जीके के लिए पश्चिमी तट, महाराष्ट्र के तटीय जिले और पर्यावरणीय मानक याद रखने योग्य बिंदु हैं। मैप-आधारित तैयारी में रायगढ़, पालघर और रत्नागिरी को महाराष्ट्र के तटीय जिलों के रूप में अलग-अलग याद रखना उपयोगी रहेगा, क्योंकि इसी सूची में 5 प्रमाणित समुद्र तट 3 जिलों में बंटे हुए हैं।