REET लेवल 2 अध्ययन सामग्री
राजस्थान का भूगोल एवं संसाधन
राजस्थान 342,239 वर्ग किमी क्षेत्रफल के साथ भारत का सबसे बड़ा राज्य है, लेकिन इसका मानचित्र एक जैसा नहीं है; यहाँ मरुस्थल, प्राचीन पर्वत श्रेणी, मैदान और दक्षिण-पूर्वी पठार सभी मिलते हैं।
मुख्य बिंदु
- राजस्थान 342,239 वर्ग किमी क्षेत्रफल के साथ भारत का सबसे बड़ा राज्य है, लेकिन इसका मानचित्र एक जैसा नहीं है; यहाँ मरुस्थल, प्राचीन पर्वत श्रेणी, मैदान और दक्षिण-पूर्वी पठार सभी मिलते हैं।
- अरावली मोटे तौर पर उत्तर-पूर्व से दक्षिण-पश्चिम दिशा में चलती है और सूखे पश्चिम तथा नदियों से अधिक जुड़े पूर्व व दक्षिण-पूर्व के बीच प्रमुख स्थलाकृतिक व जल-विभाजक का काम करती है।
- पश्चिमी राजस्थान में रेतीली मिट्टी, टिब्बे, सतही जल की कमी और व्यापक आंतरिक अपवाह मिलता है, जबकि बनास-चम्बल क्षेत्र में नदी तंत्र अधिक व्यवस्थित हैं और हाडौती में पठारी धरातल तथा काली मिट्टी मिलती है।
- पानी की उपलब्धता कई क्षेत्रीय अंतर समझाती है: बड़े हिस्से में वर्षा-आधारित सूखी खेती होती है, जबकि कुएँ, तालाब, बाँध और इंदिरा गांधी नहर पानी उपलब्ध होने पर अधिक गहन खेती और भूमि-उपयोग को सहारा देते हैं।
- राजस्थान के संसाधनों में भूमि, जल, वन, वन्यजीव, पशुधन, खनिज, धूप, हवा और मानवीय ज्ञान शामिल हैं; उपयोगिता और जिम्मेदार इस्तेमाल इन्हें विकास का आधार बनाते हैं।
- राज्य में धात्विक, अधात्विक, इमारती पत्थर और ऊर्जा संसाधन महत्त्वपूर्ण हैं, लेकिन खनिज की मौजूदगी, खदान और औद्योगिक केंद्र एक ही बात नहीं हैं।
- संरक्षण कक्षा के भूगोल को रोज़मर्रा के जीवन से जोड़ता है: पानी बचाना, मिट्टी और वनस्पति की रक्षा करना, खनन के बाद भूमि सुधारना और किसी भी संसाधन को असीमित माने बिना नवीकरणीय ऊर्जा का समझदारी से उपयोग करना जरूरी है।
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