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अध्ययन सामग्री

REET लेवल 1 अध्ययन सामग्री

रीट लेवल 1 के लिए आकलन, मापन, मूल्यांकन, सतत व्यापक मूल्यांकन एवं उपलब्धि परीक्षण

आकलन, मापन और मूल्यांकन रीट लेवल 1 के शिक्षकों के लिए संबंधित परंतु अलग कक्षा-प्रक्रियाएँ हैं। आकलन सीखने के साक्ष्य अवलोकन, मौखिक उत्तर, कार्य के नमूने और अनौपचारिक अभिलेखों से जुटाने की व्यापक प्रक्रिया है। मापन निष्पादन को अंक, स्तर या रूब्रिक स्कोर देने की सीमित क्रिया है। मूल्यांकन एकत्रित साक्ष्य की तय मानदंडों के आधार पर व्याख्या कर सीखने और अगले शिक्षण-कदम का निर्णय करता है। आरटीई अधिनियम 2009 की धारा 29 कक्षा 1 से 5 के लिए सतत व्यापक मूल्यांकन अनिवार्य करती है, जिसमें साक्ष्य वर्ष भर निरंतर तथा शैक्षणिक एवं सह-शैक्षणिक दोनों आयामों में व्यापक हों। उपलब्धि परीक्षण पढ़ाई गई पाठ्यवस्तु की निपुणता का नमूना लेता है तथा प्राथमिक कक्षाओं में रचनात्मक जाँच और योगात्मक रिपोर्टिंग दोनों में सहायक होता है।

मुख्य बिंदु

  • आकलन सीखने के साक्ष्य जुटाता है; मापन अंक या स्तर देता है; मूल्यांकन शिक्षक-निर्णय हेतु मानदंडों पर साक्ष्य की व्याख्या करता है।
  • आरटीई अधिनियम 2009 की धारा 29 सतत व्यापक मूल्यांकन अनिवार्य करती है, जिसमें वर्ष भर निरंतर साक्ष्य तथा शैक्षणिक एवं सह-शैक्षणिक व्यापक कवरेज हो।
  • रचनात्मक आकलन सीखने के दौरान चलता है तथा अगले शिक्षण-कदम में लौटता है; योगात्मक आकलन सत्रांत पर चलता है तथा सीखने का प्रमाणन देता है।
  • उपलब्धि परीक्षण पढ़ाई गई पाठ्यवस्तु की निपुणता का नमूना लेता है तथा उद्देश्य-विषयवस्तु की ब्लूप्रिंट से बनता है; यह भावी बुद्धि का पूर्वानुमान नहीं देता।
  • प्राथमिक सतत व्यापक मूल्यांकन कक्षा 1 से 5 के लिए कक्षा-क्रम के बजाय मानदंड-संदर्भित रिपोर्टिंग तथा वर्णनात्मक प्रतिक्रिया को प्राथमिकता देता है।

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अध्ययन सामग्री

मुख्य बिंदु

आकलन, मापन और मूल्यांकन रीट लेवल 1 के शिक्षकों के लिए संबंधित परंतु अलग कक्षा-प्रक्रियाएँ हैं। आकलन सीखने के साक्ष्य अवलोकन, मौखिक उत्तर, कार्य के नमूने और अनौपचारिक अभिलेखों से जुटाने की व्यापक प्रक्रिया है। मापन निष्पादन को अंक, स्तर या रूब्रिक स्कोर देने की सीमित क्रिया है। मूल्यांकन एकत्रित साक्ष्य की तय मानदंडों के आधार पर व्याख्या कर सीखने और अगले शिक्षण-कदम का निर्णय करता है। आरटीई अधिनियम 2009 की धारा 29 कक्षा 1 से 5...

कक्षा में उपयोग

  • शिक्षार्थी स्तर: कक्षा 1 से 5
  • सामान्य भ्रम: सामान्य भ्रांति यह है कि आकलन, मापन तथा मूल्यांकन एक ही शब्द हैं तथा सतत व्यापक मूल्यांकन का अर्थ अधिक बार लिखित परीक्षाएँ है।
  • शिक्षक कार्य: प्रत्येक पाठ-उद्देश्य को मेल खाते साक्ष्य-रूप से जोड़ें तथा वर्ष भर विविध साधनों का उपयोग करें, फिर किसी क्रम या लेबल से पहले साक्ष्य को वर्णनात्मक प्रतिक्रिया में बदलें।
  • अधिगम गतिविधि: एक-सप्ताह का अवलोकन-लॉग बनाएँ: सोमवार किस्सावार नोट, मंगलवार मौखिक जाँच, बुधवार कार्यपत्रक, गुरुवार समूह कार्य, शुक्रवार शिक्षार्थी स्व-मूल्यांकन।
  • आकलन जांच: जाँचें कि शिक्षार्थी साक्ष्य संग्रहण, अंक-निर्धारण तथा निर्णय को अलग चरण कह सकता है तथा प्राथमिक कक्षा-स्थिति में सहायक शिक्षक प्रतिक्रिया चुन सकता है।

सामान्य प्रश्न जाल

  • आकलन, मापन तथा मूल्यांकन को समानार्थी शब्द मान लेना
  • सतत व्यापक मूल्यांकन को वर्ष भर अधिक लिखित परीक्षाओं तक सीमित कर देना
  • उपलब्धि परीक्षण को असंबंधित विषयों में भावी बुद्धि का पूर्वानुमान बता देना
  • प्राथमिक कक्षाओं के लिए मानदंड-संदर्भित रिपोर्टिंग के बजाय क्रम-निर्धारण को प्राथमिकता देना
  • प्राथमिक स्तर पर वर्णनात्मक प्रतिक्रिया छोड़कर केवल अंक रिपोर्ट करना

पाठ्यक्रम सीमा

इस अध्ययन-नोट का आधिकारिक आधार रीट लेवल 1 बाल विकास एवं शिक्षाशास्त्र पाठ्यक्रम है, जो आकलन, मूल्यांकन और मापन की संकल्पना, सतत व्यापक मूल्यांकन तथा उपलब्धि परीक्षण निर्माण को एक जुड़े हुए खंड के रूप में सूचीबद्ध करता है। लेवल 1 के अभ्यर्थी के लिए उपयोग-योग्य सीमा इन्हीं विचारों का प्राथमिक-स्तर पर कक्षा-अनुप्रयोग है: कक्षा 1 से 5 की शिक्षिका विभिन्न साक्ष्य-रूपों का उपयोग करके शिक्षण योजना बनाती है, हर बच्चे को सहारा देती...

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