शारीरिक शिक्षा का संगठन और प्रशासन
मुख्य तथ्य
- ओलंपिक चार्टर 1894 में गठित अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति को ओलंपिक आंदोलन का सर्वोच्च प्राधिकरण मानता है;
- मद्रास में वाईएमसीए कॉलेज ऑफ फिजिकल एजुकेशन की स्थापना 1920 में हुई; भारत में शारीरिक शिक्षा अध्यापकों के पेशेवर प्रशिक्षण में यह बड़ा पड़ाव है।
- लक्ष्मीबाई नेशनल कॉलेज ऑफ फिजिकल एजुकेशन 1957 में ग्वालियर में शुरू हुआ और आगे चलकर लक्ष्मीबाई नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ फिजिकल एजुकेशन बना;
- युवा कार्यक्रम और खेल मंत्रालय 1982 में अलग खेल विभाग के रूप में शुरू हुआ और बाद में मंत्रालय बना;
- भारतीय खेल प्राधिकरण की स्थापना 1984 में हुई; इसका काम खेल-प्रशिक्षण, कोचिंग, अवसंरचना-उपयोग और प्रतिभा-विकास को बढ़ाना है।
मुख्य बिंदु
- 1
ओलंपिक चार्टर 1894 में गठित अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति को ओलंपिक आंदोलन का सर्वोच्च प्राधिकरण मानता है; संगठित खेल-प्रशासन में यह अक्सर आदर्श उदाहरण माना जाता है।
- 2
मद्रास में वाईएमसीए कॉलेज ऑफ फिजिकल एजुकेशन की स्थापना 1920 में हुई; भारत में शारीरिक शिक्षा अध्यापकों के पेशेवर प्रशिक्षण में यह बड़ा पड़ाव है।
- 3
लक्ष्मीबाई नेशनल कॉलेज ऑफ फिजिकल एजुकेशन 1957 में ग्वालियर में शुरू हुआ और आगे चलकर लक्ष्मीबाई नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ फिजिकल एजुकेशन बना; यह इस क्षेत्र की प्रमुख राष्ट्रीय संस्था है।
- 4
युवा कार्यक्रम और खेल मंत्रालय 1982 में अलग खेल विभाग के रूप में शुरू हुआ और बाद में मंत्रालय बना; यह खेल और युवा कार्यक्रमों का संघ-स्तरीय प्रशासनिक प्राधिकरण है।
- 5
भारतीय खेल प्राधिकरण की स्थापना 1984 में हुई; इसका काम खेल-प्रशिक्षण, कोचिंग, अवसंरचना-उपयोग और प्रतिभा-विकास को बढ़ाना है।
- 6
भारत में राष्ट्रीय खेल दिवस 29 अगस्त को मेजर ध्यानचंद की जयंती पर मनाया जाता है; विद्यालय इसे संगठित खेल-भागीदारी बढ़ाने के अवसर के रूप में लेते हैं।
- 7
खेलो इंडिया कार्यक्रम 2016-17 में शुरू हुआ; यह खेल-संस्कृति, विद्यालयी खेल, प्रतिभा-पहचान और अवसंरचना-विकास को संरचित राष्ट्रीय ढांचे से सहारा देता है।
आगे पढ़ें
शारीरिक शिक्षा में संगठन और प्रशासन का अर्थ क्या है?
शारीरिक शिक्षा में संगठन का अर्थ संसाधनों को लक्ष्य के अनुसार व्यवस्थित करना और प्रशासन का अर्थ योजना, निर्णय, क्रियान्वयन, निगरानी तथा मूल्यांकन की पूरी प्रक्रिया चलाना है। शारीरिक शिक्षा में संगठन का अर्थ है उपलब्ध मनुष्य-बल, समय, स्थान, साधन, धन और गतिविधियों को उद्देश्यपूर्ण ढंग से व्यवस्थित करना। प्रशासन उससे जुड़ी निर्णय-प्रक्रिया है, जिसमें योजना बनाना, काम बांटना, निर्देश देना, समन्वय रखना, रिकॉर्ड रखना, निगरानी करना और मूल्यांकन करना शामिल है। विद्यालय में पीटीआई का काम केवल खेल सिखाना नहीं होता; उसे मैदान, सामग्री, समय-सारणी, टीम चयन, अभ्यास, प्रतियोगिता, सुरक्षा, बजट और अभिलेख सबको संभालना पड़ता है। राजस्थान लोक सेवा आयोग के शारीरिक शिक्षा व्याख्याता पाठ्यक्रम में विषय-सम्बन्धी द्वितीय प्रश्नपत्र अधिकतम 260 अंकों का रखा गया है, इसलिए संगठन और प्रशासन जैसे आधारभूत भाग को हल्का विषय मानना परीक्षा-दृष्टि से गलत होगा।
संगठन अधिकतर संरचना से जुड़ा है, जबकि प्रशासन उस संरचना को चलाने की प्रक्रिया है। उदाहरण के लिए सदन प्रणाली बनाना संगठन है; सदन-वार अभ्यास, अंक, जिम्मेदार शिक्षक और प्रतियोगिता-तिथि तय करना प्रशासन है। अच्छे प्रशासन में लिखित योजना, स्पष्ट उत्तरदायित्व, समय पर सूचना, पारदर्शी चयन, सामग्री की देखरेख और विद्यार्थी-सुरक्षा प्रमुख रहती है। भर्ती परीक्षा में संगठन और प्रशासन को अलग-अलग रटने के बजाय इन्हें “योजना से क्रियान्वयन और मूल्यांकन तक” की सतत प्रक्रिया के रूप में समझना उपयोगी है।
मूल पकड़ यह है कि शारीरिक शिक्षा का प्रशासन मैदान को अनुशासन में रखने भर का काम नहीं, पूरे कार्यक्रम को शैक्षिक लक्ष्य से जोड़ने की व्यवस्था है।
पूरा नोट खोलें
यह सार्वजनिक पृष्ठ पहला उपलब्ध खंड दिखाता है। स्टडी पैक पूरा विषय और सभी पुनरावलोकन सामग्री खोलता है।
7 और खंड पूरे नोट में हैं
स्टडी पैक खोलें