मुख्य तथ्य

  • समेकित बाल विकास सेवाएँ 2 अक्तूबर 1975 को शुरू हुईं; राजस्थान में 63,064 कार्यरत आँगनवाड़ी केंद्रों से 2025-26 में दिसंबर तक 27.64 लाख बच्चों को पूरक...
  • बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ 22 जनवरी 2015 को पानीपत से शुरू हुई; इसका केंद्र बाल लिंगानुपात, बालिका शिक्षा और जन-जागरूकता है।
  • प्रधानमंत्री पोषण शक्ति निर्माण सरकारी और सहायता प्राप्त विद्यालयों में कक्षा 1–8 के बच्चों को पका भोजन देता है;
  • प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना पहले बच्चे के लिए ₹5,000 मातृत्व सहायता देती है;
  • मुख्यमंत्री राजश्री योजना जून 2016 से जन्म से कक्षा 12 तक बालिका को 6 किस्तों में कुल ₹50,000 देती है।

मुख्य बिंदु

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    समेकित बाल विकास सेवाएँ 2 अक्तूबर 1975 को शुरू हुईं; राजस्थान में 63,064 कार्यरत आँगनवाड़ी केंद्रों से 2025-26 में दिसंबर तक 27.64 लाख बच्चों को पूरक पोषण मिला।

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    बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ 22 जनवरी 2015 को पानीपत से शुरू हुई; इसका केंद्र बाल लिंगानुपात, बालिका शिक्षा और जन-जागरूकता है।

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    प्रधानमंत्री पोषण शक्ति निर्माण सरकारी और सहायता प्राप्त विद्यालयों में कक्षा 1–8 के बच्चों को पका भोजन देता है; इसे पहले मध्याह्न भोजन योजना कहा जाता था।

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    प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना पहले बच्चे के लिए ₹5,000 मातृत्व सहायता देती है; राजस्थान की मुख्यमंत्री मातृत्व पोषण योजना दूसरे बच्चे के लिए 5 किस्तों में ₹6,000 देती है।

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    मुख्यमंत्री राजश्री योजना जून 2016 से जन्म से कक्षा 12 तक बालिका को 6 किस्तों में कुल ₹50,000 देती है।

  6. 6

    लाड़ो प्रोत्साहन योजना 1 अगस्त 2024 से राजस्थान की पात्र बालिकाओं को जन्म से स्नातक तक 7 किस्तों में ₹1,50,000 देती है।

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    पालनहार योजना अनाथ और निराश्रित बच्चों को संस्थागत देखभाल के बजाय परिवार-आधारित सहायता देती है; अनाथ बच्चों के लिए दर ₹1,500 से ₹2,500 प्रति माह तक है।

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    जन आधार राजस्थान में 2.06 करोड़ परिवारों और 7.95 करोड़ व्यक्तियों को 199 से अधिक योजनाओं व सेवाओं के प्रत्यक्ष लाभ अंतरण से जोड़ने वाला परिवार-स्तरीय पहचान तंत्र है।

महिला पर्यवेक्षक परीक्षा में महिला और बाल कल्याण योजनाओं से क्या पूछा जाता है?

महिला पर्यवेक्षक परीक्षा में महिला और बाल कल्याण योजनाओं से योजना-नाम, लाभार्थी, राशि, सेवा-पैकेज और क्रियान्वयन संस्था की पहचान पूछी जाती है। इसलिए उत्तर का केंद्र लंबे नीति-विश्लेषण पर नहीं, बल्कि यह याद रखने पर है कि कौन-सी योजना गर्भवती महिला, धात्री माता, 0–6 वर्ष के बच्चे, किशोरी, स्कूली बालिका या संकटग्रस्त महिला को शामिल करती है। केंद्रीय योजनाओं में समेकित बाल विकास सेवाएँ, प्रधानमंत्री पोषण, बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ, प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना, वन स्टॉप सेंटर और मिशन शक्ति प्रमुख हैं। राजस्थान-विशिष्ट योजनाओं में मुख्यमंत्री राजश्री, लाड़ो प्रोत्साहन, पालनहार, मुख्यमंत्री मातृत्व पोषण, कालीबाई भील मेधावी छात्रा स्कूटी और मुख्यमंत्री नारी शक्ति उद्यम प्रोत्साहन याद रखनी चाहिए।

इस विषय की पढ़ाई जीवन-चक्र पद्धति से करें। गर्भावस्था और मातृत्व के लिए पीएमएमवीवाई तथा मुख्यमंत्री मातृत्व पोषण; शैशव और पूर्व-विद्यालय के लिए आँगनवाड़ी तथा समेकित बाल विकास सेवाएँ; स्कूली उम्र के लिए प्रधानमंत्री पोषण, कस्तूरबा गाँधी बालिका विद्यालय और बालिका प्रोत्साहन; उच्च शिक्षा और उद्यम के लिए कालीबाई स्कूटी तथा नारी शक्ति उद्यम योजना। जन आधार और प्रत्यक्ष लाभ अंतरण इन योजनाओं के भुगतान पक्ष को जोड़ते हैं।

याद रखने लायक बात: यह नोट योजना की पहचान, पात्रता और राशि पर केंद्रित है; लंबी संवैधानिक बहस या नीति-समीक्षा यहाँ जरूरी नहीं है। परीक्षा में ऐसे प्रश्न अक्सर सीधे मिलान, सही कथन, लाभार्थी-समूह और राशि-क्रम के रूप में आते हैं, इसलिए हर योजना को “किसके लिए, कितना, किस शर्त पर और किस विभाग से” के चार खाने में रखकर पढ़ें।

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