प्राकृतिक संसाधन आधार और परीक्षा दृष्टि

राजस्थान की अर्थव्यवस्था कमी और विविधता दोनों से बनी है। पश्चिमी जिलों में मरुस्थलीय जलवायु, रेतीली मिट्टी, कम सतही जल, पशुपालन, जिप्सम, लिग्नाइट और पेट्रोलियम के क्षेत्र मिलते हैं। अरावली पट्टी धात्विक खनिजों, वन खंडों, पहाड़ी अभयारण्यों और जलागम आधारित खेती से जुड़ती है। पूर्वी मैदान और नहर कमान गेहूँ, सरसों, कपास और डेयरी को सहारा देते हैं, जबकि हाड़ौती तथा दक्षिण-पूर्वी भाग काली मिट्टी, चम्बल सिंचाई, सोयाबीन, धनिया और वन्यजीव आवासों के लिए याद रखे जाते हैं। LDC जैसी वस्तुनिष्ठ परीक्षा में हर तथ्य को क्षेत्र, जिला और संसाधन प्रकार के साथ पढ़ना सबसे सुरक्षित तरीका है।

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