मुख्य तथ्य

  • समय-सीमा 1 अप्रैल 2025 से 31 मार्च 2026 है और यह इकाई केवल राजस्थान तथा केंद्र के कार्यक्रमों व नीतियों को पढ़ाती है;
  • प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना 100 जिलों के लिए अभिसरण पर आधारित है; उत्पादकता, फ़सल विविधीकरण, भंडारण, सिंचाई और ऋण इसके जुड़े उद्देश्य हैं।
  • 6 वर्ष का दलहन मिशन अरहर, उड़द और मसूर पर केंद्रित है, जबकि 5 वर्ष का कपास मिशन उत्पादकता, टिकाऊ खेती, लंबे रेशे की किस्म और तकनीकी सहायता पर।
  • किसान क्रेडिट कार्ड प्रस्ताव में संशोधित ब्याज सहायता योजना के तहत पात्र ऋण सीमा ₹3 लाख से ₹5 लाख की गई; यह सभी को मिलने वाला नकद अनुदान नहीं।
  • सक्षम आंगनवाड़ी और पोषण 2.0 पोषण से जुड़ा है, अटल टिंकरिंग लैब स्कूल नवाचार से और भारतनेट इंटरनेट संपर्क के ढांचे से।

मुख्य बिंदु

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    समय-सीमा 1 अप्रैल 2025 से 31 मार्च 2026 है और यह इकाई केवल राजस्थान तथा केंद्र के कार्यक्रमों व नीतियों को पढ़ाती है; घटनाएं, व्यक्तित्व, नागरिक कर्तव्य और परीक्षा कानून अलग हैं।

  2. 2

    प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना 100 जिलों के लिए अभिसरण पर आधारित है; उत्पादकता, फ़सल विविधीकरण, भंडारण, सिंचाई और ऋण इसके जुड़े उद्देश्य हैं।

  3. 3

    6 वर्ष का दलहन मिशन अरहर, उड़द और मसूर पर केंद्रित है, जबकि 5 वर्ष का कपास मिशन उत्पादकता, टिकाऊ खेती, लंबे रेशे की किस्म और तकनीकी सहायता पर।

  4. 4

    किसान क्रेडिट कार्ड प्रस्ताव में संशोधित ब्याज सहायता योजना के तहत पात्र ऋण सीमा ₹3 लाख से ₹5 लाख की गई; यह सभी को मिलने वाला नकद अनुदान नहीं।

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    सक्षम आंगनवाड़ी और पोषण 2.0 पोषण से जुड़ा है, अटल टिंकरिंग लैब स्कूल नवाचार से और भारतनेट इंटरनेट संपर्क के ढांचे से।

  6. 6

    पीएम स्वनिधि रेहड़ी-पटरी विक्रेताओं के आजीविका ऋण के लिए है; प्लेटफ़ॉर्म कामगार प्रस्ताव में पहचान, ई-श्रम पंजीकरण और पीएम जन आरोग्य योजना की स्वास्थ्य सुविधा है।

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    राष्ट्रीय विनिर्माण मिशन में स्वच्छ तकनीक का निर्माण शामिल है, जबकि निर्यात सहायता और भारत ट्रेडनेट ऋण, दस्तावेज़ और वित्त के अलग साधन हैं।

  8. 8

    राजस्थान की 2025–26 पहल में रोजगार, व्यापार, क्षमता केंद्र, स्वास्थ्य, जल, ऊर्जा, हरित बजट और चक्रीय अर्थव्यवस्था के अलग लाभार्थी व अलग अवस्थाएं हैं।

अलग दायरा और 2025–26 की समय-सीमा

यह इकाई 2025–26 की समय-सीमा, यानी 1 अप्रैल 2025 से 31 मार्च 2026 तक लागू, बजट में शामिल या प्रमुख रूप से अमल में आए राजस्थान और केंद्र सरकार के कार्यक्रमों व नीतियों तक सीमित है। किसी कार्यक्रम को उसके उद्देश्य, लाभार्थी, लाभ पहुंचाने के तरीके, जिम्मेदार सरकार और अमल की स्थिति से समझें। किसी नीति को उस समस्या, सुझाए गए उपाय और जिम्मेदार संस्था से जोड़ें। प्रमुख घटनाएं, प्रसिद्ध व्यक्तित्व, मौलिक कर्तव्य, नैतिक मूल्य और राजस्थान का सार्वजनिक परीक्षा कानून अलग इकाइयों में आते हैं।

केंद्र की पहल के लिए केंद्रीय बजट भाषण 2025–26 और संबंधित मंत्रालय की आधिकारिक सूचना भरोसेमंद आधार हैं। राजस्थान की पहल के लिए वित्त विभाग का बजट भाषण या बजट प्रेस सूचना देखें। बजट प्रस्ताव अपने-आप पूरी हुई योजना नहीं बन जाता। प्रस्तावित, घोषित, बनाई जाने वाली, बढ़ाई गई और लागू की गई—ये अलग-अलग अवस्थाएं हैं। आधिकारिक अमल रिपोर्ट के बिना लक्ष्य को उपलब्धि न मानें।

हर पहल को 5 बातों से पहचानें: सरकार का स्तर, क्षेत्र, लाभार्थी, तरीका और अवस्था। इससे राजस्थान की पहल को केंद्र से जोड़ने, प्रस्तावित नीति को शुरू हुई योजना मानने और लक्ष्य को हासिल नतीजा समझने जैसी गलतियां बचती हैं।

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यह उत्पादकता, फ़सल सघनता और ऋण के आधार पर चुने 100 जिलों में विविधीकरण, भंडारण, सिंचाई और ऋण के उपाय जोड़ती है। इसलिए यह किसी एक फ़सल का समान लाभ नहीं, जिले की कई कमियों पर साथ काम करने वाली योजना है।

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