अंतरिक्ष, जैव प्रौद्योगिकी और विज्ञान की नई दिशाएँ
मुख्य तथ्य
- ISRO 15 अगस्त 1969 को INCOSPAR के बाद बना, और 1972 में अंतरिक्ष विभाग तथा अंतरिक्ष आयोग स्थापित हुए;
- चंद्रयान-3 ने 23 अगस्त 2023 को विक्रम की सुरक्षित सॉफ्ट लैंडिंग कराई;
- आदित्य-L1 को 6 जनवरी 2024 को सूर्य-पृथ्वी L1 के चारों ओर हैलो कक्षा में स्थापित किया गया;
- XPoSat को 1 जनवरी 2024 को PSLV-C58 से प्रक्षेपित किया गया और यह तेज खगोलीय X-ray स्रोतों के अध्ययन के लिए भारत का पहला समर्पित X-ray polarimetry मिशन...
- बीटी कपास को GEAC ने 2002 में मंजूरी दी और भारत में व्यावसायिक खेती के लिए स्वीकृत यह एकमात्र GM फसल है;
मुख्य बिंदु
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वरिष्ठ माध्यमिक CET में यह विषय दैनिक विज्ञान के भीतर है: अंतरिक्ष और सूचना तकनीक, भारत का अंतरिक्ष अनुसंधान कार्यक्रम, आनुवंशिकी, गुणसूत्र, न्यूक्लिक अम्ल, केंद्रीय सिद्धांत, मानव लिंग-निर्धारण, जैव प्रौद्योगिकी, जैव-पेटेंट, नई पौध किस्में और परजनी जीव।
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ISRO 15 अगस्त 1969 को INCOSPAR के बाद बना, और 1972 में अंतरिक्ष विभाग तथा अंतरिक्ष आयोग स्थापित हुए; आर्यभट भारत का पहला उपग्रह था, जिसे 19 अप्रैल 1975 को प्रक्षेपित किया गया।
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चंद्रयान-3 ने 23 अगस्त 2023 को विक्रम की सुरक्षित सॉफ्ट लैंडिंग कराई; भारत चंद्रमा पर उतरने वाला चौथा देश और चंद्र दक्षिणी ध्रुवीय क्षेत्र के पास उतरने वाला पहला देश बना। प्रज्ञान इसका रोवर था।
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आदित्य-L1 को 6 जनवरी 2024 को सूर्य-पृथ्वी L1 के चारों ओर हैलो कक्षा में स्थापित किया गया; L1 पृथ्वी से लगभग 15 लाख km दूर है और लगातार सूर्य-अवलोकन में मदद करता है।
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XPoSat को 1 जनवरी 2024 को PSLV-C58 से प्रक्षेपित किया गया और यह तेज खगोलीय X-ray स्रोतों के अध्ययन के लिए भारत का पहला समर्पित X-ray polarimetry मिशन है।
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आनुवंशिकी के प्रश्नों में जीन, गुणसूत्र, DNA, RNA, मेंडल के नियम, न्यूक्लिक अम्ल, DNA से RNA से प्रोटीन वाला प्रवाह और XX/XY मानव लिंग-निर्धारण मुख्य आधार हैं।
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बीटी कपास को GEAC ने 2002 में मंजूरी दी और भारत में व्यावसायिक खेती के लिए स्वीकृत यह एकमात्र GM फसल है; परजनी फसल के लिए यही सबसे सुरक्षित भारतीय उदाहरण है।
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GenomeIndia और BioE3 को केवल पाठ्यक्रम से जोड़कर पढ़ें: जीनोम डेटा, IBDC, high-performance biomanufacturing, सुरक्षा, नियमन और सार्वजनिक उपयोग।
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वरिष्ठ माध्यमिक की सही सीमा
यह विषय वरिष्ठ माध्यमिक CET के दैनिक विज्ञान खंड में आता है। इस पाठ के लिए आधिकारिक पाठ्यक्रम-बिंदु हैं: अंतरिक्ष और सूचना तकनीक; भारत का अंतरिक्ष अनुसंधान कार्यक्रम; आनुवंशिकी की सामान्य शब्दावली; मेंडल के वंशागति-नियम; गुणसूत्रों की रचना; न्यूक्लिक अम्ल; प्रोटीन निर्माण का केंद्रीय सिद्धांत; मानव लिंग-निर्धारण; जैव प्रौद्योगिकी; जैव-पेटेंट; नई पौध किस्मों का विकास; और परजनी जीव।
यह सीमा सामान्य विज्ञान-तकनीक करंट अफेयर्स अध्याय से संकरी है। इसे कृत्रिम बुद्धिमत्ता नीति, क्वांटम मिशन के बजट, सेमीकंडक्टर कारखानों या शोध-वित्तपोषण कानूनों की स्नातक-स्तर वाली सूची न बनाएं। वे बातें दूसरे संदर्भ में उपयोगी हो सकती हैं, पर यहाँ मूल आधार विद्यालय-स्तर का विज्ञान और उससे जुड़े भारतीय उदाहरण हैं।
दोहराव के लिए चार संकेत रखें: वर्ग, संस्था, उद्देश्य और रोजमर्रा का उपयोग। अंतरिक्ष में प्रक्षेपण यान, उपग्रह, मिशन और उपयोग अलग करें। आनुवंशिकी में जीन, गुणसूत्र, DNA, RNA, एलील, जीनोटाइप और फीनोटाइप अलग करें। जैव प्रौद्योगिकी में ऊतक संवर्धन, पुनर्संयोजित DNA, जैव उर्वरक, जैव कीटनाशक, जैव-पेटेंट और परजनी जीव अलग करें।
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