मुख्य तथ्य

  • राजस्थान आर्थिक समीक्षा 2025-26 में 2025-26 के लिए चालू कीमतों पर GSDP ₹18.75 लाख करोड़ अनुमानित है और GSVA में सेवाएं सबसे बड़ा हिस्सा हैं, फिर उद्यो...
  • खनिज और खनिज-आधारित उद्योग महत्वपूर्ण हैं; आर्थिक समीक्षा 2025-26 के अनुसार राजस्थान में लगभग 82 प्रकार के खनिज मिलते हैं और 57 का वाणिज्यिक उत्पादन ह...
  • CET के लिए MGNREGA को पुराने 100-दिवसीय कानूनी रोजगार ढांचे और VB-G RAM G Act को 2026-07-01 से लागू वर्तमान 125-दिवसीय ग्रामीण रोजगार-आजीविका कानून के...

मुख्य बिंदु

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    वरिष्ठ माध्यमिक CET के पाठ्यक्रम में राजस्थान की अर्थव्यवस्था को उद्योग, कृषि, पशुपालन और खनिज क्षेत्र की राज्य विकास में भूमिका के आधार पर पढ़ना है।

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    राज्य आय में GSDP, GSVA और प्रति व्यक्ति आय समझनी होती है; बजट में राजस्व, व्यय, पूंजीगत खर्च और राजकोषीय घाटे की बुनियादी समझ चाहिए।

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    राजस्थान आर्थिक समीक्षा 2025-26 में 2025-26 के लिए चालू कीमतों पर GSDP ₹18.75 लाख करोड़ अनुमानित है और GSVA में सेवाएं सबसे बड़ा हिस्सा हैं, फिर उद्योग और कृषि आते हैं।

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    कृषि और पशुपालन इसलिए केंद्रीय हैं क्योंकि राजस्थान में वर्षा, सिंचाई, फसल, पशुधन, डेयरी और चारे की स्थिति सीधे ग्रामीण आय को प्रभावित करती है।

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    खनिज और खनिज-आधारित उद्योग महत्वपूर्ण हैं; आर्थिक समीक्षा 2025-26 के अनुसार राजस्थान में लगभग 82 प्रकार के खनिज मिलते हैं और 57 का वाणिज्यिक उत्पादन होता है।

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    हस्तशिल्प, छोटे उद्यम, पर्यटन और MSME परंपरागत कौशल को आय, निर्यात, शहरी बाजार और स्थानीय रोजगार से जोड़ते हैं।

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    बेरोजगारी, सूखा और अकाल को वर्षा-जोखिम, कौशल की कमी, मौसमी पलायन, ग्रामीण काम, सार्वजनिक वितरण और कल्याणकारी सहायता से जोड़कर पढ़ें।

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    CET के लिए MGNREGA को पुराने 100-दिवसीय कानूनी रोजगार ढांचे और VB-G RAM G Act को 2026-07-01 से लागू वर्तमान 125-दिवसीय ग्रामीण रोजगार-आजीविका कानून के रूप में पढ़ें।

राजस्थान की अर्थव्यवस्था: मुख्य क्षेत्र

राजस्थान की अर्थव्यवस्था को राज्य की अपनी अर्थव्यवस्था की तरह पढ़ना चाहिए, भारत की अर्थव्यवस्था के छोटे रूप की तरह नहीं। वरिष्ठ माध्यमिक CET के आधिकारिक पाठ्यक्रम में बिंदु है: "Role of Industry, Agriculture, Animal Husbandry and Mineral Sector in the development of State." इसलिए उत्तर में हर क्षेत्र को आय, रोजगार, संसाधन और क्षेत्रीय समस्याओं से जोड़ना चाहिए।

कृषि खाद्य फसल, नकदी फसल, खेतिहर मजदूरी और ग्रामीण बाजार की मांग देती है। पशुपालन दूध, मांस, ऊन, खाद और नियमित नकद आय देता है, खासकर तब जब फसल आय अनिश्चित हो। उद्योग कच्चे माल, खनिज, कृषि उपज और कौशल को अधिक मूल्य वाली वस्तुओं में बदलता है। खनिज क्षेत्र खनन, सीमेंट, पत्थर, धातु, परिवहन और निर्माण से जुड़ता है। पर्यटन, व्यापार, परिवहन, शिक्षा, स्वास्थ्य, प्रशासन और वित्त जैसी सेवाएं राज्य आय को समझाने में काम आती हैं, लेकिन इस अध्याय का पाठ्यक्रम-केन्द्र उद्योग, कृषि, पशुपालन और खनिज ही है।

परीक्षा सूत्र यह है: कृषि और पशुधन ग्रामीण आजीविका से, खनिज और उद्योग उत्पादन व निवेश से, और सेवाएं राज्य आय की आधुनिक बनावट से जुड़ी हैं। विकास वाले प्रश्न में क्षेत्र, उदाहरण और समस्या तीनों लिखें।

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