मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना
राजस्थान सरकार
स्वरूप और उद्देश्य: • मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना (MAAY) राजस्थान की प्रमुख राज्य स्वास्थ्य आश्वासन योजना है, जो सूचीबद्ध सरकारी और निजी अस्पतालों में द्वितीयक व तृतीयक स्तर का भर्ती इलाज नकदरहित देती है; कवर की इकाई पूरा परिवार है। • इसका लक्ष्य राज्यवासियों को सार्वभौमिक स्वास्थ्य कवरेज देना और इलाज के समय जेब से होने वाले खर्च को बहुत घटाना है। • यह मुख्यमंत्री चिरंजीवी स्वास्थ्य बीमा योजना का ही नया और विस्तारित रूप है; राजस्थान राज्य स्वास्थ्य आश्वासन एजेंसी ने 19 फरवरी 2024 को इसका नाम बदलकर मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना कर दिया। शुरुआत और नोडल एजेंसी: • योजना 1 मई 2021 को (चिरंजीवी नाम से) शुरू हुई; इसे चिकित्सा, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के अधीन राजस्थान राज्य स्वास्थ्य आश्वासन एजेंसी (RSHAA) चलाती है। • बीमा-पद्धति के दावे न्यू इंडिया एश्योरेंस के जरिए निपटाए जाते हैं; योजना SECC परिवारों के लिए केंद्र की आयुष्मान भारत PM-JAY से और राज्य-प्रायोजित परिवारों के लिए जन आधार डाटाबेस से जुड़ी है। लाभ और कवर का ढांचा: • वार्षिक कवर: प्रति परिवार प्रति वर्ष ₹25 लाख, परिवार-फ्लोटर आधार पर, बिना सदस्य-संख्या या आयु की सीमा के। • कवर चरणों में बढ़ा: शुरुआत में ₹5 लाख, फिर ₹10 लाख, और वर्ष 2023-24 के राजस्थान बजट में बढ़ाकर ₹25 लाख कर दिया गया। • इलाज के दायरे में भर्ती आधारित द्वितीयक व तृतीयक देखभाल, निर्धारित डे-केयर इलाज (वर्ष 2024-25 बजट में जोड़ा गया), भर्ती से 5 दिन पहले और छुट्टी के 15 दिन बाद तक का कवर तथा योजना-पैकेज के अनुसार चुनी हुई निःशुल्क OPD सेवाएं शामिल हैं। • करीब 1,700 से अधिक इलाज पैकेज महंगी विशेषज्ञताओं में आते हैं — हृदय रोग, कैंसर, न्यूरो सर्जरी, घुटना प्रत्यारोपण, कॉक्लियर इम्प्लांट, ब्लैक फंगस तथा लिवर, किडनी, हृदय व बोन-मैरो प्रत्यारोपण। • इससे जुड़ी, पर अलग, मुख्यमंत्री आयुष्मान दुर्घटना बीमा योजना अधिकतम ₹10 लाख तक दुर्घटना कवर देती है। पात्रता और श्रेणियां: • निःशुल्क श्रेणी (पूरा प्रीमियम राज्य भरता है): AB-PMJAY (SECC 2011) परिवार, NFSA राशन-कार्डधारी परिवार, लघु व सीमांत किसान, संविदा/अल्पकालिक राज्यकर्मी, EWS परिवार और कोविड अनुग्रह-राशि लाभार्थी परिवार। • भुगतान श्रेणी: कोई भी अन्य राजस्थानी परिवार प्रति वर्ष ₹850 देकर जुड़ सकता है; यह ₹850 प्रीमियम का सब्सिडी वाला आधा हिस्सा है, शेष 50 प्रतिशत राज्य वहन करता है। • RGHS और CGHS से जुड़े परिवार सामान्यतः MAAY में पात्र नहीं हैं, जब तक राज्य अलग निर्णय न ले; पर दुर्घटना बीमा योजना MAAY और RGHS दोनों के परिवारों को कवर करती है। क्रियान्वयन: • प्रक्रिया पूरी तरह नकदरहित और अस्पताल-संचालित है: सूचीबद्ध अस्पताल ही पूर्व-अनुमोदन, इलाज और दावा प्रस्तुत करता है; लाभार्थी को कोई प्रतिपूर्ति दावा नहीं भरना पड़ता। • पहचान जन आधार कार्ड और आयुष्मान/MAAY कार्ड से होती है; भुगतान श्रेणी के परिवार जन आधार संख्या के साथ नजदीकी e-Mitra केंद्र या SSO राजस्थान पोर्टल से पंजीकरण कराते हैं। • नेटवर्क: राजस्थान में लगभग 778 राज्य-सरकारी, 8 केंद्र-सरकारी और 521 निजी सूचीबद्ध अस्पताल (कुल करीब 1,307); 19 दिसंबर 2025 से आउटबाउंड पोर्टेबिलिटी के तहत लाभार्थी अन्य राज्यों के 30,000 से अधिक सूचीबद्ध अस्पतालों में भी नकदरहित इलाज पा सकते हैं (तमिलनाडु व कर्नाटक को छोड़कर)। कवरेज आंकड़े: • योजना करीब 1.36 करोड़ परिवारों को कवर करती है (राजस्थान आर्थिक समीक्षा 2025-26); पंजीकृत परिवार करीब 1.41 करोड़ हैं (लगभग 1.13 करोड़ NFSA और करीब 7.07 लाख भुगतान-श्रेणी परिवार)। हाल के अपडेट: • बजट 2023-24: परिवार कवर बढ़ाकर ₹25 लाख और दुर्घटना कवर बढ़ाकर ₹10 लाख किया गया। • वर्ष 2024: योजना का नाम चिरंजीवी से बदलकर मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना (19 फरवरी 2024) किया गया और डे-केयर इलाज जोड़ा गया। • दिसंबर 2025: केंद्र की PM-JAY से एकीकरण के बाद 19 दिसंबर 2025 से आउटबाउंड पोर्टेबिलिटी शुरू हुई, जिससे राज्य के बाहर 30,000 से अधिक सूचीबद्ध अस्पतालों तक नकदरहित कवर बढ़ा (तमिलनाडु व कर्नाटक को छोड़कर)। • प्रदर्शन: दिसंबर 2025 तक योजना के अंतर्गत करीब 15.33 लाख रोगियों का इलाज हो चुका था (राजस्थान आर्थिक समीक्षा 2025-26)।
मास्टर रिकॉर्ड
| फ़ील्ड | विवरण |
|---|---|
| नाम | मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना |
| प्रकार / श्रेणी | राजस्थान सरकार |
| स्तर | राजस्थान सरकार |
| उद्देश्य | स्वरूप और उद्देश्य: • मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना (MAAY) राजस्थान की प्रमुख राज्य स्वास्थ्य आश्वासन योजना है, जो सूचीबद्ध सरकारी और निजी अस्पतालों में द्वितीयक व तृतीयक स्तर का भर्ती इलाज नकदरहित देती है; कवर की इकाई पूरा परिवार है। • इसका लक्ष्य राज्यवासियों को सार्वभौमिक स्वास्थ्य कवरेज देना और इलाज के समय जेब से होने वाले खर्च को बहुत घटाना है। • यह मुख्यमंत्री चिरंजीवी स्वास्थ्य बीमा योजना का ही नया और विस्तारित रूप है; राजस्थान राज्य स्वास्थ्य आश्वासन एजेंसी ने 19 फरवरी 2024 को इसका नाम बदलकर मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना कर दिया। शुरुआत और नोडल एजेंसी: • योजना 1 मई 2021 को (चिरंजीवी नाम से) शुरू हुई; इसे चिकित्सा, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के अधीन राजस्थान राज्य स्वास्थ्य आश्वासन एजेंसी (RSHAA) चलाती है। • बीमा-पद्धति के दावे न्यू इंडिया एश्योरेंस के जरिए निपटाए जाते हैं; योजना SECC परिवारों के लिए केंद्र की आयुष्मान भारत PM-JAY से और राज्य-प्रायोजित परिवारों के लिए जन आधार डाटाबेस से जुड़ी है। लाभ और कवर का ढांचा: • वार्षिक कवर: प्रति परिवार प्रति वर्ष ₹25 लाख, परिवार-फ्लोटर आधार पर, बिना सदस्य-संख्या या आयु की सीमा के। • कवर चरणों में बढ़ा: शुरुआत में ₹5 लाख, फिर ₹10 लाख, और वर्ष 2023-24 के राजस्थान बजट में बढ़ाकर ₹25 लाख कर दिया गया। • इलाज के दायरे में भर्ती आधारित द्वितीयक व तृतीयक देखभाल, निर्धारित डे-केयर इलाज (वर्ष 2024-25 बजट में जोड़ा गया), भर्ती से 5 दिन पहले और छुट्टी के 15 दिन बाद तक का कवर तथा योजना-पैकेज के अनुसार चुनी हुई निःशुल्क OPD सेवाएं शामिल हैं। • करीब 1,700 से अधिक इलाज पैकेज महंगी विशेषज्ञताओं में आते हैं — हृदय रोग, कैंसर, न्यूरो सर्जरी, घुटना प्रत्यारोपण, कॉक्लियर इम्प्लांट, ब्लैक फंगस तथा लिवर, किडनी, हृदय व बोन-मैरो प्रत्यारोपण। • इससे जुड़ी, पर अलग, मुख्यमंत्री आयुष्मान दुर्घटना बीमा योजना अधिकतम ₹10 लाख तक दुर्घटना कवर देती है। पात्रता और श्रेणियां: • निःशुल्क श्रेणी (पूरा प्रीमियम राज्य भरता है): AB-PMJAY (SECC 2011) परिवार, NFSA राशन-कार्डधारी परिवार, लघु व सीमांत किसान, संविदा/अल्पकालिक राज्यकर्मी, EWS परिवार और कोविड अनुग्रह-राशि लाभार्थी परिवार। • भुगतान श्रेणी: कोई भी अन्य राजस्थानी परिवार प्रति वर्ष ₹850 देकर जुड़ सकता है; यह ₹850 प्रीमियम का सब्सिडी वाला आधा हिस्सा है, शेष 50 प्रतिशत राज्य वहन करता है। • RGHS और CGHS से जुड़े परिवार सामान्यतः MAAY में पात्र नहीं हैं, जब तक राज्य अलग निर्णय न ले; पर दुर्घटना बीमा योजना MAAY और RGHS दोनों के परिवारों को कवर करती है। क्रियान्वयन: • प्रक्रिया पूरी तरह नकदरहित और अस्पताल-संचालित है: सूचीबद्ध अस्पताल ही पूर्व-अनुमोदन, इलाज और दावा प्रस्तुत करता है; लाभार्थी को कोई प्रतिपूर्ति दावा नहीं भरना पड़ता। • पहचान जन आधार कार्ड और आयुष्मान/MAAY कार्ड से होती है; भुगतान श्रेणी के परिवार जन आधार संख्या के साथ नजदीकी e-Mitra केंद्र या SSO राजस्थान पोर्टल से पंजीकरण कराते हैं। • नेटवर्क: राजस्थान में लगभग 778 राज्य-सरकारी, 8 केंद्र-सरकारी और 521 निजी सूचीबद्ध अस्पताल (कुल करीब 1,307); 19 दिसंबर 2025 से आउटबाउंड पोर्टेबिलिटी के तहत लाभार्थी अन्य राज्यों के 30,000 से अधिक सूचीबद्ध अस्पतालों में भी नकदरहित इलाज पा सकते हैं (तमिलनाडु व कर्नाटक को छोड़कर)। कवरेज आंकड़े: • योजना करीब 1.36 करोड़ परिवारों को कवर करती है (राजस्थान आर्थिक समीक्षा 2025-26); पंजीकृत परिवार करीब 1.41 करोड़ हैं (लगभग 1.13 करोड़ NFSA और करीब 7.07 लाख भुगतान-श्रेणी परिवार)। हाल के अपडेट: • बजट 2023-24: परिवार कवर बढ़ाकर ₹25 लाख और दुर्घटना कवर बढ़ाकर ₹10 लाख किया गया। • वर्ष 2024: योजना का नाम चिरंजीवी से बदलकर मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना (19 फरवरी 2024) किया गया और डे-केयर इलाज जोड़ा गया। • दिसंबर 2025: केंद्र की PM-JAY से एकीकरण के बाद 19 दिसंबर 2025 से आउटबाउंड पोर्टेबिलिटी शुरू हुई, जिससे राज्य के बाहर 30,000 से अधिक सूचीबद्ध अस्पतालों तक नकदरहित कवर बढ़ा (तमिलनाडु व कर्नाटक को छोड़कर)। • प्रदर्शन: दिसंबर 2025 तक योजना के अंतर्गत करीब 15.33 लाख रोगियों का इलाज हो चुका था (राजस्थान आर्थिक समीक्षा 2025-26)। |
| मुख्य बिंदु | मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना (MAAY) राजस्थान की राज्य स्वास्थ्य आश्वासन योजना है, जिसमें सूचीबद्ध सरकारी और निजी अस्पतालों में द्वितीयक व तृतीयक भर्ती इलाज नकदरहित मिलता है। · यह 1 मई 2021 को मुख्यमंत्री चिरंजीवी स्वास्थ्य बीमा योजना के नाम से शुरू हुई और 19 फरवरी 2024 को RSHAA ने इसका नाम बदलकर MAAY कर दिया। · नोडल क्रियान्वयन एजेंसी राजस्थान राज्य स्वास्थ्य आश्वासन एजेंसी (RSHAA) है, जो चिकित्सा, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के अधीन है; बीमा-पद्धति के दावे न्यू इंडिया एश्योरेंस से निपटते हैं। |
| शुभारंभ तिथि | 2021 |
| स्रोत | आधिकारिक स्रोत |
मेन्स में कहाँ उपयोग
सारांश
स्वरूप और उद्देश्य
- मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना (MAAY) राजस्थान की प्रमुख राज्य स्वास्थ्य आश्वासन योजना है, जो सूचीबद्ध सरकारी और निजी अस्पतालों में द्वितीयक व तृतीयक स्तर का भर्ती इलाज नकदरहित देती है; कवर की इकाई पूरा परिवार है।
- इसका लक्ष्य राज्यवासियों को सार्वभौमिक स्वास्थ्य कवरेज देना और इलाज के समय जेब से होने वाले खर्च को बहुत घटाना है।
- यह मुख्यमंत्री चिरंजीवी स्वास्थ्य बीमा योजना का ही नया और विस्तारित रूप है; राजस्थान राज्य स्वास्थ्य आश्वासन एजेंसी ने 19 फरवरी 2024 को इसका नाम बदलकर मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना कर दिया।
शुरुआत और नोडल एजेंसी
- योजना 1 मई 2021 को (चिरंजीवी नाम से) शुरू हुई; इसे चिकित्सा, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के अधीन राजस्थान राज्य स्वास्थ्य आश्वासन एजेंसी (RSHAA) चलाती है।
- बीमा-पद्धति के दावे न्यू इंडिया एश्योरेंस के जरिए निपटाए जाते हैं; योजना SECC परिवारों के लिए केंद्र की आयुष्मान भारत PM-JAY से और राज्य-प्रायोजित परिवारों के लिए जन आधार डाटाबेस से जुड़ी है।
लाभ और कवर का ढांचा
- वार्षिक कवर: प्रति परिवार प्रति वर्ष ₹25 लाख, परिवार-फ्लोटर आधार पर, बिना सदस्य-संख्या या आयु की सीमा के।
- कवर चरणों में बढ़ा: शुरुआत में ₹5 लाख, फिर ₹10 लाख, और वर्ष 2023-24 के राजस्थान बजट में बढ़ाकर ₹25 लाख कर दिया गया।
- इलाज के दायरे में भर्ती आधारित द्वितीयक व तृतीयक देखभाल, निर्धारित डे-केयर इलाज (वर्ष 2024-25 बजट में जोड़ा गया), भर्ती से 5 दिन पहले और छुट्टी के 15 दिन बाद तक का कवर तथा योजना-पैकेज के अनुसार चुनी हुई निःशुल्क OPD सेवाएं शामिल हैं।
- करीब 1,700 से अधिक इलाज पैकेज महंगी विशेषज्ञताओं में आते हैं — हृदय रोग, कैंसर, न्यूरो सर्जरी, घुटना प्रत्यारोपण, कॉक्लियर इम्प्लांट, ब्लैक फंगस तथा लिवर, किडनी, हृदय व बोन-मैरो प्रत्यारोपण।
- इससे जुड़ी, पर अलग, मुख्यमंत्री आयुष्मान दुर्घटना बीमा योजना अधिकतम ₹10 लाख तक दुर्घटना कवर देती है।
पात्रता और श्रेणियां
- निःशुल्क श्रेणी (पूरा प्रीमियम राज्य भरता है): AB-PMJAY (SECC 2011) परिवार, NFSA राशन-कार्डधारी परिवार, लघु व सीमांत किसान, संविदा/अल्पकालिक राज्यकर्मी, EWS परिवार और कोविड अनुग्रह-राशि लाभार्थी परिवार।
- भुगतान श्रेणी: कोई भी अन्य राजस्थानी परिवार प्रति वर्ष ₹850 देकर जुड़ सकता है; यह ₹850 प्रीमियम का सब्सिडी वाला आधा हिस्सा है, शेष 50 प्रतिशत राज्य वहन करता है।
- RGHS और CGHS से जुड़े परिवार सामान्यतः MAAY में पात्र नहीं हैं, जब तक राज्य अलग निर्णय न ले; पर दुर्घटना बीमा योजना MAAY और RGHS दोनों के परिवारों को कवर करती है।
क्रियान्वयन
- प्रक्रिया पूरी तरह नकदरहित और अस्पताल-संचालित है: सूचीबद्ध अस्पताल ही पूर्व-अनुमोदन, इलाज और दावा प्रस्तुत करता है; लाभार्थी को कोई प्रतिपूर्ति दावा नहीं भरना पड़ता।
- पहचान जन आधार कार्ड और आयुष्मान/MAAY कार्ड से होती है; भुगतान श्रेणी के परिवार जन आधार संख्या के साथ नजदीकी e-Mitra केंद्र या SSO राजस्थान पोर्टल से पंजीकरण कराते हैं।
- नेटवर्क: राजस्थान में लगभग 778 राज्य-सरकारी, 8 केंद्र-सरकारी और 521 निजी सूचीबद्ध अस्पताल (कुल करीब 1,307); 19 दिसंबर 2025 से आउटबाउंड पोर्टेबिलिटी के तहत लाभार्थी अन्य राज्यों के 30,000 से अधिक सूचीबद्ध अस्पतालों में भी नकदरहित इलाज पा सकते हैं (तमिलनाडु व कर्नाटक को छोड़कर)।
कवरेज आंकड़े
- योजना करीब 1.36 करोड़ परिवारों को कवर करती है (राजस्थान आर्थिक समीक्षा 2025-26); पंजीकृत परिवार करीब 1.41 करोड़ हैं (लगभग 1.13 करोड़ NFSA और करीब 7.07 लाख भुगतान-श्रेणी परिवार)।
हाल के अपडेट
- बजट 2023-24: परिवार कवर बढ़ाकर ₹25 लाख और दुर्घटना कवर बढ़ाकर ₹10 लाख किया गया।
- वर्ष 2024: योजना का नाम चिरंजीवी से बदलकर मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना (19 फरवरी 2024) किया गया और डे-केयर इलाज जोड़ा गया।
- दिसंबर 2025: केंद्र की PM-JAY से एकीकरण के बाद 19 दिसंबर 2025 से आउटबाउंड पोर्टेबिलिटी शुरू हुई, जिससे राज्य के बाहर 30,000 से अधिक सूचीबद्ध अस्पतालों तक नकदरहित कवर बढ़ा (तमिलनाडु व कर्नाटक को छोड़कर)।
- प्रदर्शन: दिसंबर 2025 तक योजना के अंतर्गत करीब 15.33 लाख रोगियों का इलाज हो चुका था (राजस्थान आर्थिक समीक्षा 2025-26)।
मुख्य बिंदु
- मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना (MAAY) राजस्थान की राज्य स्वास्थ्य आश्वासन योजना है, जिसमें सूचीबद्ध सरकारी और निजी अस्पतालों में द्वितीयक व तृतीयक भर्ती इलाज नकदरहित मिलता है।
- यह 1 मई 2021 को मुख्यमंत्री चिरंजीवी स्वास्थ्य बीमा योजना के नाम से शुरू हुई और 19 फरवरी 2024 को RSHAA ने इसका नाम बदलकर MAAY कर दिया।
- नोडल क्रियान्वयन एजेंसी राजस्थान राज्य स्वास्थ्य आश्वासन एजेंसी (RSHAA) है, जो चिकित्सा, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के अधीन है; बीमा-पद्धति के दावे न्यू इंडिया एश्योरेंस से निपटते हैं।
- मुख्य वार्षिक लाभ प्रति परिवार प्रति वर्ष ₹25 लाख है, परिवार-फ्लोटर आधार पर, बिना सदस्य-संख्या या आयु की सीमा के।
- कवर चरणों में बढ़ा: शुरुआत में ₹5 लाख, फिर ₹10 लाख और वर्ष 2023-24 के बजट में ₹25 लाख।
- करीब 1,700 से अधिक इलाज पैकेज शामिल हैं — हृदय रोग, कैंसर, न्यूरो सर्जरी, घुटना प्रत्यारोपण, कॉक्लियर इम्प्लांट तथा लिवर, किडनी, हृदय व बोन-मैरो प्रत्यारोपण।
- लाभ में निर्धारित डे-केयर इलाज, भर्ती से 5 दिन पहले और छुट्टी के 15 दिन बाद तक का कवर तथा चुनी हुई निःशुल्क OPD सेवाएं शामिल हैं।
- निःशुल्क श्रेणी (प्रीमियम राज्य भरता है) में AB-PMJAY के SECC, NFSA, लघु-सीमांत किसान, संविदा राज्यकर्मी, EWS और कोविड अनुग्रह-राशि परिवार आते हैं।
- कोई भी अन्य राजस्थानी परिवार प्रति वर्ष ₹850 देकर भुगतान श्रेणी में जुड़ सकता है; यह ₹850 प्रीमियम का सब्सिडी वाला आधा हिस्सा है, शेष 50 प्रतिशत राज्य वहन करता है।
- भुगतान श्रेणी का पंजीकरण जन आधार संख्या के साथ नजदीकी e-Mitra केंद्र या SSO राजस्थान पोर्टल से होता है।
- नेटवर्क में राजस्थान के लगभग 778 राज्य-सरकारी, 8 केंद्र-सरकारी और 521 निजी सूचीबद्ध अस्पताल (कुल करीब 1,307) हैं; 19 दिसंबर 2025 से आउटबाउंड पोर्टेबिलिटी के तहत अन्य राज्यों के 30,000 से अधिक सूचीबद्ध अस्पतालों में भी नकदरहित इलाज मिलता है (तमिलनाडु व कर्नाटक को छोड़कर)।
- इससे जुड़ी, पर अलग, मुख्यमंत्री आयुष्मान दुर्घटना बीमा योजना अधिकतम ₹10 लाख तक दुर्घटना कवर देती है और इसे राज्य बीमा एवं प्रावधायी निधि विभाग चलाता है।
- दुर्घटना योजना की स्लैब: सदस्य की दुर्घटना-मृत्यु पर ₹5 लाख (एक ही दुर्घटना में एक से अधिक सदस्यों की मृत्यु पर ₹10 लाख), पूर्ण स्थायी अपंगता पर ₹3 लाख और आंशिक अपंगता पर ₹1.5 लाख।
- योजना करीब 1.36 करोड़ परिवारों को कवर करती है (आर्थिक समीक्षा 2025-26) और PM-JAY व जन आधार से जुड़ी है; इसे केंद्रीय नहीं, राजस्थान राज्य योजना के रूप में लिखें।
आधिकारिक स्रोत
इन्फ़ोग्राफ़िक
MAAY एक नज़र में
कवर की वृद्धि और लाभ ढांचा
दुर्घटना बीमा योजना की देय स्लैब
पात्र कौन है
सूचीबद्ध अस्पताल नेटवर्क
इलाज कैसे होता है (नकदरहित)
अक्सर पूछे गए
मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना क्या है?
यह राजस्थान की राज्य स्वास्थ्य आश्वासन योजना है, जिसमें सूचीबद्ध सरकारी और निजी अस्पतालों में द्वितीयक व तृतीयक भर्ती इलाज नकदरहित मिलता है। यह चिरंजीवी योजना का ही नया और विस्तारित रूप है और इसका लक्ष्य सार्वभौमिक स्वास्थ्य कवरेज तथा जेब-खर्च में कमी है।
योजना कब शुरू हुई और नाम कब बदला गया?
यह 1 मई 2021 को मुख्यमंत्री चिरंजीवी स्वास्थ्य बीमा योजना के नाम से शुरू हुई, और RSHAA ने 19 फरवरी 2024 को इसका नाम बदलकर मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना कर दिया।
योजना कौन लागू करता है और बीमाकर्ता कौन है?
योजना का क्रियान्वयन राजस्थान राज्य स्वास्थ्य आश्वासन एजेंसी (RSHAA) करती है, जो चिकित्सा, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के अधीन है; बीमा-पद्धति के दावे न्यू इंडिया एश्योरेंस के जरिए निपटाए जाते हैं।
₹25 लाख कवर में क्या शामिल है और कितने इलाज पैकेज आते हैं?
यह प्रति परिवार प्रति वर्ष ₹25 लाख है, परिवार-फ्लोटर आधार पर, भर्ती से 5 दिन पहले व छुट्टी के 15 दिन बाद तक के कवर और डे-केयर इलाज के साथ। करीब 1,700 से अधिक इलाज पैकेज आते हैं, जिनमें हृदय रोग, कैंसर, न्यूरो सर्जरी तथा लिवर, किडनी, हृदय व बोन-मैरो प्रत्यारोपण शामिल हैं।
निःशुल्क कवर किसे मिलता है, प्रीमियम कौन देता है और भुगतान-श्रेणी परिवार कैसे जुड़ता है?
AB-PMJAY के SECC, NFSA, लघु-सीमांत किसान, संविदाकर्मी, EWS और कोविड अनुग्रह-राशि परिवारों को निःशुल्क कवर मिलता है। कोई भी अन्य परिवार प्रति वर्ष ₹850 देकर जुड़ता है (यह ₹850 प्रीमियम का सब्सिडी वाला आधा हिस्सा है, शेष राज्य वहन करता है) और जन आधार संख्या के साथ e-Mitra केंद्र या SSO राजस्थान पोर्टल से पंजीकरण कराता है।
इससे जुड़ी दुर्घटना बीमा योजना क्या देती है?
अलग मुख्यमंत्री आयुष्मान दुर्घटना बीमा योजना, जिसे राज्य बीमा एवं प्रावधायी निधि विभाग चलाता है, अधिकतम ₹10 लाख तक कवर देती है: सदस्य की दुर्घटना-मृत्यु पर ₹5 लाख (एक ही दुर्घटना में एक से अधिक सदस्यों की मृत्यु पर ₹10 लाख), पूर्ण स्थायी अपंगता पर ₹3 लाख और आंशिक अपंगता पर ₹1.5 लाख।
अस्पताल नेटवर्क और लाभार्थी आधार कितना बड़ा है?
नेटवर्क में राजस्थान के लगभग 778 राज्य-सरकारी, 8 केंद्र-सरकारी और 521 निजी सूचीबद्ध अस्पताल (कुल करीब 1,307) हैं; 19 दिसंबर 2025 से आउटबाउंड पोर्टेबिलिटी के तहत अन्य राज्यों के 30,000 से अधिक अस्पताल भी शामिल हैं (तमिलनाडु व कर्नाटक को छोड़कर)। योजना राजस्थान में करीब 1.36 करोड़ परिवारों को कवर करती है (आर्थिक समीक्षा 2025-26)।
