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राजस्थान सरकार

मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना

राजस्थान सरकार

स्वरूप और उद्देश्य: • मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना (MAAY) राजस्थान की प्रमुख राज्य स्वास्थ्य आश्वासन योजना है। इसमें सूचीबद्ध सरकारी और निजी अस्पतालों में द्वितीयक और तृतीयक स्तर का भर्ती इलाज नकदरहित मिलता है तथा पूरे परिवार को एक इकाई मानकर कवर दिया जाता है। • इसका लक्ष्य राज्यवासियों को सार्वभौमिक स्वास्थ्य कवरेज देना और इलाज पर जेब से होने वाला खर्च काफी घटाना है। • यह मुख्यमंत्री चिरंजीवी स्वास्थ्य बीमा योजना का नया और विस्तारित रूप है। राजस्थान राज्य स्वास्थ्य आश्वासन एजेंसी ने 19 फरवरी 2024 को इसका नाम बदलकर मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना कर दिया। शुरुआत और नोडल एजेंसी: • योजना 1 मई 2021 को चिरंजीवी नाम से शुरू हुई। इसे चिकित्सा, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के अधीन राजस्थान राज्य स्वास्थ्य आश्वासन एजेंसी (RSHAA) चलाती है। • बीमा वाले दावों का निपटारा न्यू इंडिया एश्योरेंस के ज़रिए होता है। योजना सामाजिक-आर्थिक एवं जाति जनगणना (SECC) वाले परिवारों के लिए केंद्र की आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (PM-JAY) से और राज्य-प्रायोजित परिवारों के लिए जन आधार डेटाबेस से जुड़ी है। लाभ और कवर का ढांचा: • वार्षिक कवर प्रति परिवार ₹25 लाख है। यह पूरे परिवार के लिए साझा है और परिवार के सदस्यों की संख्या या आयु की कोई सीमा नहीं है। • कवर चरणों में बढ़ा। शुरुआत में यह ₹5 लाख था, फिर ₹10 लाख हुआ और 2023-24 के राजस्थान बजट में इसे बढ़ाकर ₹25 लाख कर दिया गया। • इलाज में द्वितीयक और तृतीयक स्तर की भर्ती देखभाल, 2024-25 के बजट में जोड़े गए निर्धारित डे-केयर इलाज, भर्ती से 5 दिन पहले और छुट्टी के 15 दिन बाद तक का कवर तथा योजना-पैकेज के अनुसार चुनी हुई निःशुल्क ओपीडी (बाह्य रोगी) सेवाएं शामिल हैं। • 1,700 से अधिक इलाज प्रक्रियाएं शामिल हैं। इनमें हृदय रोग, कैंसर, न्यूरो सर्जरी, घुटना प्रत्यारोपण, कॉक्लियर इम्प्लांट, ब्लैक फंगस तथा लिवर, किडनी, हृदय और बोन मैरो प्रत्यारोपण जैसे महंगे इलाज आते हैं। • इससे जुड़ी, लेकिन अलग, मुख्यमंत्री आयुष्मान दुर्घटना बीमा योजना अधिकतम ₹10 लाख तक दुर्घटना कवर देती है। पात्रता और श्रेणियां: • निःशुल्क श्रेणी में पूरा प्रीमियम राज्य भरता है। इसमें आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (AB-PMJAY) के सामाजिक-आर्थिक एवं जाति जनगणना (SECC) 2011 वाले परिवार, राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (NFSA) के राशन-कार्डधारी परिवार, लघु और सीमांत किसान, संविदा और अल्पकालिक राज्यकर्मी, EWS परिवार तथा कोविड अनुग्रह-राशि पाने वाले परिवार शामिल हैं। • राजस्थान का कोई भी अन्य परिवार प्रति वर्ष ₹850 देकर भुगतान श्रेणी में जुड़ सकता है। यह राशि प्रीमियम का सब्सिडी वाला आधा हिस्सा है और शेष 50 प्रतिशत राज्य वहन करता है। • राजस्थान सरकार स्वास्थ्य योजना (RGHS) और केंद्र सरकार स्वास्थ्य योजना (CGHS) से जुड़े परिवार आमतौर पर MAAY के पात्र नहीं होते, जब तक राज्य अलग निर्णय न ले। दुर्घटना बीमा योजना में MAAY और RGHS, दोनों के परिवार शामिल हैं। क्रियान्वयन: • इलाज पूरी तरह नकदरहित है। पूर्व-अनुमोदन, इलाज और दावा पेश करने की सारी प्रक्रिया सूचीबद्ध अस्पताल पूरा करता है; लाभार्थी को प्रतिपूर्ति का दावा नहीं भरना पड़ता। • पहचान जन आधार कार्ड और आयुष्मान या MAAY कार्ड से होती है। भुगतान श्रेणी के परिवार जन आधार संख्या के साथ नज़दीकी ई-मित्र केंद्र या एसएसओ राजस्थान पोर्टल से पंजीकरण कराते हैं। • राजस्थान में लगभग 778 राज्य-सरकारी, 8 केंद्र-सरकारी और 521 निजी सूचीबद्ध अस्पताल हैं, यानी कुल करीब 1,307। 19 दिसंबर 2025 से लाभार्थी तमिलनाडु और कर्नाटक को छोड़कर दूसरे राज्यों के 30,000 से अधिक सूचीबद्ध अस्पतालों में भी नकदरहित इलाज करा सकते हैं। कवरेज के आंकड़े: • राजस्थान आर्थिक समीक्षा 2025-26 के अनुसार योजना करीब 1.36 करोड़ परिवारों को कवर करती है। करीब 1.41 करोड़ परिवार पंजीकृत हैं, जिनमें लगभग 1.13 करोड़ NFSA परिवार और करीब 7.07 लाख भुगतान-श्रेणी परिवार शामिल हैं। हाल के बदलाव: • 2023-24 के बजट में परिवार कवर बढ़ाकर ₹25 लाख और दुर्घटना कवर बढ़ाकर ₹10 लाख किया गया। • 19 फरवरी 2024 को चिरंजीवी योजना का नाम बदलकर मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना किया गया और डे-केयर इलाज जोड़ा गया। • केंद्र की PM-JAY से जुड़ने के बाद 19 दिसंबर 2025 से तमिलनाडु और कर्नाटक को छोड़कर दूसरे राज्यों के 30,000 से अधिक सूचीबद्ध अस्पतालों में नकदरहित इलाज की सुविधा शुरू हुई। • राजस्थान आर्थिक समीक्षा 2025-26 के अनुसार दिसंबर 2025 तक योजना के अंतर्गत करीब 15.33 लाख रोगियों का इलाज हो चुका था।

मास्टर रिकॉर्ड

फ़ील्डविवरण
नाममुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना
प्रकार / श्रेणीराजस्थान सरकार
स्तरराजस्थान सरकार
उद्देश्यस्वरूप और उद्देश्य: • मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना (MAAY) राजस्थान की प्रमुख राज्य स्वास्थ्य आश्वासन योजना है। इसमें सूचीबद्ध सरकारी और निजी अस्पतालों में द्वितीयक और तृतीयक स्तर का भर्ती इलाज नकदरहित मिलता है तथा पूरे परिवार को एक इकाई मानकर कवर दिया जाता है। • इसका लक्ष्य राज्यवासियों को सार्वभौमिक स्वास्थ्य कवरेज देना और इलाज पर जेब से होने वाला खर्च काफी घटाना है। • यह मुख्यमंत्री चिरंजीवी स्वास्थ्य बीमा योजना का नया और विस्तारित रूप है। राजस्थान राज्य स्वास्थ्य आश्वासन एजेंसी ने 19 फरवरी 2024 को इसका नाम बदलकर मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना कर दिया। शुरुआत और नोडल एजेंसी: • योजना 1 मई 2021 को चिरंजीवी नाम से शुरू हुई। इसे चिकित्सा, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के अधीन राजस्थान राज्य स्वास्थ्य आश्वासन एजेंसी (RSHAA) चलाती है। • बीमा वाले दावों का निपटारा न्यू इंडिया एश्योरेंस के ज़रिए होता है। योजना सामाजिक-आर्थिक एवं जाति जनगणना (SECC) वाले परिवारों के लिए केंद्र की आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (PM-JAY) से और राज्य-प्रायोजित परिवारों के लिए जन आधार डेटाबेस से जुड़ी है। लाभ और कवर का ढांचा: • वार्षिक कवर प्रति परिवार ₹25 लाख है। यह पूरे परिवार के लिए साझा है और परिवार के सदस्यों की संख्या या आयु की कोई सीमा नहीं है। • कवर चरणों में बढ़ा। शुरुआत में यह ₹5 लाख था, फिर ₹10 लाख हुआ और 2023-24 के राजस्थान बजट में इसे बढ़ाकर ₹25 लाख कर दिया गया। • इलाज में द्वितीयक और तृतीयक स्तर की भर्ती देखभाल, 2024-25 के बजट में जोड़े गए निर्धारित डे-केयर इलाज, भर्ती से 5 दिन पहले और छुट्टी के 15 दिन बाद तक का कवर तथा योजना-पैकेज के अनुसार चुनी हुई निःशुल्क ओपीडी (बाह्य रोगी) सेवाएं शामिल हैं। • 1,700 से अधिक इलाज प्रक्रियाएं शामिल हैं। इनमें हृदय रोग, कैंसर, न्यूरो सर्जरी, घुटना प्रत्यारोपण, कॉक्लियर इम्प्लांट, ब्लैक फंगस तथा लिवर, किडनी, हृदय और बोन मैरो प्रत्यारोपण जैसे महंगे इलाज आते हैं। • इससे जुड़ी, लेकिन अलग, मुख्यमंत्री आयुष्मान दुर्घटना बीमा योजना अधिकतम ₹10 लाख तक दुर्घटना कवर देती है। पात्रता और श्रेणियां: • निःशुल्क श्रेणी में पूरा प्रीमियम राज्य भरता है। इसमें आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (AB-PMJAY) के सामाजिक-आर्थिक एवं जाति जनगणना (SECC) 2011 वाले परिवार, राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (NFSA) के राशन-कार्डधारी परिवार, लघु और सीमांत किसान, संविदा और अल्पकालिक राज्यकर्मी, EWS परिवार तथा कोविड अनुग्रह-राशि पाने वाले परिवार शामिल हैं। • राजस्थान का कोई भी अन्य परिवार प्रति वर्ष ₹850 देकर भुगतान श्रेणी में जुड़ सकता है। यह राशि प्रीमियम का सब्सिडी वाला आधा हिस्सा है और शेष 50 प्रतिशत राज्य वहन करता है। • राजस्थान सरकार स्वास्थ्य योजना (RGHS) और केंद्र सरकार स्वास्थ्य योजना (CGHS) से जुड़े परिवार आमतौर पर MAAY के पात्र नहीं होते, जब तक राज्य अलग निर्णय न ले। दुर्घटना बीमा योजना में MAAY और RGHS, दोनों के परिवार शामिल हैं। क्रियान्वयन: • इलाज पूरी तरह नकदरहित है। पूर्व-अनुमोदन, इलाज और दावा पेश करने की सारी प्रक्रिया सूचीबद्ध अस्पताल पूरा करता है; लाभार्थी को प्रतिपूर्ति का दावा नहीं भरना पड़ता। • पहचान जन आधार कार्ड और आयुष्मान या MAAY कार्ड से होती है। भुगतान श्रेणी के परिवार जन आधार संख्या के साथ नज़दीकी ई-मित्र केंद्र या एसएसओ राजस्थान पोर्टल से पंजीकरण कराते हैं। • राजस्थान में लगभग 778 राज्य-सरकारी, 8 केंद्र-सरकारी और 521 निजी सूचीबद्ध अस्पताल हैं, यानी कुल करीब 1,307। 19 दिसंबर 2025 से लाभार्थी तमिलनाडु और कर्नाटक को छोड़कर दूसरे राज्यों के 30,000 से अधिक सूचीबद्ध अस्पतालों में भी नकदरहित इलाज करा सकते हैं। कवरेज के आंकड़े: • राजस्थान आर्थिक समीक्षा 2025-26 के अनुसार योजना करीब 1.36 करोड़ परिवारों को कवर करती है। करीब 1.41 करोड़ परिवार पंजीकृत हैं, जिनमें लगभग 1.13 करोड़ NFSA परिवार और करीब 7.07 लाख भुगतान-श्रेणी परिवार शामिल हैं। हाल के बदलाव: • 2023-24 के बजट में परिवार कवर बढ़ाकर ₹25 लाख और दुर्घटना कवर बढ़ाकर ₹10 लाख किया गया। • 19 फरवरी 2024 को चिरंजीवी योजना का नाम बदलकर मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना किया गया और डे-केयर इलाज जोड़ा गया। • केंद्र की PM-JAY से जुड़ने के बाद 19 दिसंबर 2025 से तमिलनाडु और कर्नाटक को छोड़कर दूसरे राज्यों के 30,000 से अधिक सूचीबद्ध अस्पतालों में नकदरहित इलाज की सुविधा शुरू हुई। • राजस्थान आर्थिक समीक्षा 2025-26 के अनुसार दिसंबर 2025 तक योजना के अंतर्गत करीब 15.33 लाख रोगियों का इलाज हो चुका था।
मुख्य बिंदुमुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना (MAAY) राजस्थान की राज्य स्वास्थ्य आश्वासन योजना है, जिसमें सूचीबद्ध सरकारी और निजी अस्पतालों में द्वितीयक और तृतीयक स्तर का भर्ती इलाज नकदरहित मिलता है। · यह 1 मई 2021 को मुख्यमंत्री चिरंजीवी स्वास्थ्य बीमा योजना के नाम से शुरू हुई और राजस्थान राज्य स्वास्थ्य आश्वासन एजेंसी (RSHAA) ने 19 फरवरी 2024 को इसका नाम बदलकर MAAY कर दिया। · नोडल क्रियान्वयन संस्था राजस्थान राज्य स्वास्थ्य आश्वासन एजेंसी (RSHAA) है, जो चिकित्सा, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के अधीन है। बीमा वाले दावों का निपटारा न्यू इंडिया एश्योरेंस के ज़रिए होता है।
शुभारंभ तिथि2021
स्रोतआधिकारिक स्रोत

मेन्स में कहाँ उपयोग

पेपर II: कल्याण, शासन और सामाजिक न्याय के उत्तरों में उदाहरण के रूप में उपयोग करें।
निबंध: स्वरूप और उद्देश्य: • मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना (MAAY) राजस्थान की प्रमुख राज्य स्वास्थ्य आश्वासन योजना है। इसमें सूचीबद्ध सरकारी और निजी अस्पतालों में द्वितीयक और तृतीयक स्तर का भर्ती इलाज नकदरहित मिलता है तथा पूरे परिवार को एक इकाई मानकर कवर दिया जाता है। • इसका लक्ष्य राज्यवासियों को सार्वभौमिक स्वास्थ्य कवरेज देना और इलाज पर जेब से होने वाला खर्च काफी घटाना है। • यह मुख्यमंत्री चिरंजीवी स्वास्थ्य बीमा योजना का नया और विस्तारित रूप है। राजस्थान राज्य स्वास्थ्य आश्वासन एजेंसी ने 19 फरवरी 2024 को इसका नाम बदलकर मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना कर दिया। शुरुआत और नोडल एजेंसी: • योजना 1 मई 2021 को चिरंजीवी नाम से शुरू हुई। इसे चिकित्सा, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के अधीन राजस्थान राज्य स्वास्थ्य आश्वासन एजेंसी (RSHAA) चलाती है। • बीमा वाले दावों का निपटारा न्यू इंडिया एश्योरेंस के ज़रिए होता है। योजना सामाजिक-आर्थिक एवं जाति जनगणना (SECC) वाले परिवारों के लिए केंद्र की आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (PM-JAY) से और राज्य-प्रायोजित परिवारों के लिए जन आधार डेटाबेस से जुड़ी है। लाभ और कवर का ढांचा: • वार्षिक कवर प्रति परिवार ₹25 लाख है। यह पूरे परिवार के लिए साझा है और परिवार के सदस्यों की संख्या या आयु की कोई सीमा नहीं है। • कवर चरणों में बढ़ा। शुरुआत में यह ₹5 लाख था, फिर ₹10 लाख हुआ और 2023-24 के राजस्थान बजट में इसे बढ़ाकर ₹25 लाख कर दिया गया। • इलाज में द्वितीयक और तृतीयक स्तर की भर्ती देखभाल, 2024-25 के बजट में जोड़े गए निर्धारित डे-केयर इलाज, भर्ती से 5 दिन पहले और छुट्टी के 15 दिन बाद तक का कवर तथा योजना-पैकेज के अनुसार चुनी हुई निःशुल्क ओपीडी (बाह्य रोगी) सेवाएं शामिल हैं। • 1,700 से अधिक इलाज प्रक्रियाएं शामिल हैं। इनमें हृदय रोग, कैंसर, न्यूरो सर्जरी, घुटना प्रत्यारोपण, कॉक्लियर इम्प्लांट, ब्लैक फंगस तथा लिवर, किडनी, हृदय और बोन मैरो प्रत्यारोपण जैसे महंगे इलाज आते हैं। • इससे जुड़ी, लेकिन अलग, मुख्यमंत्री आयुष्मान दुर्घटना बीमा योजना अधिकतम ₹10 लाख तक दुर्घटना कवर देती है। पात्रता और श्रेणियां: • निःशुल्क श्रेणी में पूरा प्रीमियम राज्य भरता है। इसमें आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (AB-PMJAY) के सामाजिक-आर्थिक एवं जाति जनगणना (SECC) 2011 वाले परिवार, राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (NFSA) के राशन-कार्डधारी परिवार, लघु और सीमांत किसान, संविदा और अल्पकालिक राज्यकर्मी, EWS परिवार तथा कोविड अनुग्रह-राशि पाने वाले परिवार शामिल हैं। • राजस्थान का कोई भी अन्य परिवार प्रति वर्ष ₹850 देकर भुगतान श्रेणी में जुड़ सकता है। यह राशि प्रीमियम का सब्सिडी वाला आधा हिस्सा है और शेष 50 प्रतिशत राज्य वहन करता है। • राजस्थान सरकार स्वास्थ्य योजना (RGHS) और केंद्र सरकार स्वास्थ्य योजना (CGHS) से जुड़े परिवार आमतौर पर MAAY के पात्र नहीं होते, जब तक राज्य अलग निर्णय न ले। दुर्घटना बीमा योजना में MAAY और RGHS, दोनों के परिवार शामिल हैं। क्रियान्वयन: • इलाज पूरी तरह नकदरहित है। पूर्व-अनुमोदन, इलाज और दावा पेश करने की सारी प्रक्रिया सूचीबद्ध अस्पताल पूरा करता है; लाभार्थी को प्रतिपूर्ति का दावा नहीं भरना पड़ता। • पहचान जन आधार कार्ड और आयुष्मान या MAAY कार्ड से होती है। भुगतान श्रेणी के परिवार जन आधार संख्या के साथ नज़दीकी ई-मित्र केंद्र या एसएसओ राजस्थान पोर्टल से पंजीकरण कराते हैं। • राजस्थान में लगभग 778 राज्य-सरकारी, 8 केंद्र-सरकारी और 521 निजी सूचीबद्ध अस्पताल हैं, यानी कुल करीब 1,307। 19 दिसंबर 2025 से लाभार्थी तमिलनाडु और कर्नाटक को छोड़कर दूसरे राज्यों के 30,000 से अधिक सूचीबद्ध अस्पतालों में भी नकदरहित इलाज करा सकते हैं। कवरेज के आंकड़े: • राजस्थान आर्थिक समीक्षा 2025-26 के अनुसार योजना करीब 1.36 करोड़ परिवारों को कवर करती है। करीब 1.41 करोड़ परिवार पंजीकृत हैं, जिनमें लगभग 1.13 करोड़ NFSA परिवार और करीब 7.07 लाख भुगतान-श्रेणी परिवार शामिल हैं। हाल के बदलाव: • 2023-24 के बजट में परिवार कवर बढ़ाकर ₹25 लाख और दुर्घटना कवर बढ़ाकर ₹10 लाख किया गया। • 19 फरवरी 2024 को चिरंजीवी योजना का नाम बदलकर मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना किया गया और डे-केयर इलाज जोड़ा गया। • केंद्र की PM-JAY से जुड़ने के बाद 19 दिसंबर 2025 से तमिलनाडु और कर्नाटक को छोड़कर दूसरे राज्यों के 30,000 से अधिक सूचीबद्ध अस्पतालों में नकदरहित इलाज की सुविधा शुरू हुई। • राजस्थान आर्थिक समीक्षा 2025-26 के अनुसार दिसंबर 2025 तक योजना के अंतर्गत करीब 15.33 लाख रोगियों का इलाज हो चुका था।

सारांश

स्वरूप और उद्देश्य

  • मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना (MAAY) राजस्थान की प्रमुख राज्य स्वास्थ्य आश्वासन योजना है। इसमें सूचीबद्ध सरकारी और निजी अस्पतालों में द्वितीयक और तृतीयक स्तर का भर्ती इलाज नकदरहित मिलता है तथा पूरे परिवार को एक इकाई मानकर कवर दिया जाता है।
  • इसका लक्ष्य राज्यवासियों को सार्वभौमिक स्वास्थ्य कवरेज देना और इलाज पर जेब से होने वाला खर्च काफी घटाना है।
  • यह मुख्यमंत्री चिरंजीवी स्वास्थ्य बीमा योजना का नया और विस्तारित रूप है। राजस्थान राज्य स्वास्थ्य आश्वासन एजेंसी ने 19 फरवरी 2024 को इसका नाम बदलकर मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना कर दिया।

शुरुआत और नोडल एजेंसी

  • योजना 1 मई 2021 को चिरंजीवी नाम से शुरू हुई। इसे चिकित्सा, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के अधीन राजस्थान राज्य स्वास्थ्य आश्वासन एजेंसी (RSHAA) चलाती है।
  • बीमा वाले दावों का निपटारा न्यू इंडिया एश्योरेंस के ज़रिए होता है। योजना सामाजिक-आर्थिक एवं जाति जनगणना (SECC) वाले परिवारों के लिए केंद्र की आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (PM-JAY) से और राज्य-प्रायोजित परिवारों के लिए जन आधार डेटाबेस से जुड़ी है।

लाभ और कवर का ढांचा

  • वार्षिक कवर प्रति परिवार ₹25 लाख है। यह पूरे परिवार के लिए साझा है और परिवार के सदस्यों की संख्या या आयु की कोई सीमा नहीं है।
  • कवर चरणों में बढ़ा। शुरुआत में यह ₹5 लाख था, फिर ₹10 लाख हुआ और 2023-24 के राजस्थान बजट में इसे बढ़ाकर ₹25 लाख कर दिया गया।
  • इलाज में द्वितीयक और तृतीयक स्तर की भर्ती देखभाल, 2024-25 के बजट में जोड़े गए निर्धारित डे-केयर इलाज, भर्ती से 5 दिन पहले और छुट्टी के 15 दिन बाद तक का कवर तथा योजना-पैकेज के अनुसार चुनी हुई निःशुल्क ओपीडी (बाह्य रोगी) सेवाएं शामिल हैं।
  • 1,700 से अधिक इलाज प्रक्रियाएं शामिल हैं। इनमें हृदय रोग, कैंसर, न्यूरो सर्जरी, घुटना प्रत्यारोपण, कॉक्लियर इम्प्लांट, ब्लैक फंगस तथा लिवर, किडनी, हृदय और बोन मैरो प्रत्यारोपण जैसे महंगे इलाज आते हैं।
  • इससे जुड़ी, लेकिन अलग, मुख्यमंत्री आयुष्मान दुर्घटना बीमा योजना अधिकतम ₹10 लाख तक दुर्घटना कवर देती है।

पात्रता और श्रेणियां

  • निःशुल्क श्रेणी में पूरा प्रीमियम राज्य भरता है। इसमें आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (AB-PMJAY) के सामाजिक-आर्थिक एवं जाति जनगणना (SECC) 2011 वाले परिवार, राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (NFSA) के राशन-कार्डधारी परिवार, लघु और सीमांत किसान, संविदा और अल्पकालिक राज्यकर्मी, EWS परिवार तथा कोविड अनुग्रह-राशि पाने वाले परिवार शामिल हैं।
  • राजस्थान का कोई भी अन्य परिवार प्रति वर्ष ₹850 देकर भुगतान श्रेणी में जुड़ सकता है। यह राशि प्रीमियम का सब्सिडी वाला आधा हिस्सा है और शेष 50 प्रतिशत राज्य वहन करता है।
  • राजस्थान सरकार स्वास्थ्य योजना (RGHS) और केंद्र सरकार स्वास्थ्य योजना (CGHS) से जुड़े परिवार आमतौर पर MAAY के पात्र नहीं होते, जब तक राज्य अलग निर्णय न ले। दुर्घटना बीमा योजना में MAAY और RGHS, दोनों के परिवार शामिल हैं।

क्रियान्वयन

  • इलाज पूरी तरह नकदरहित है। पूर्व-अनुमोदन, इलाज और दावा पेश करने की सारी प्रक्रिया सूचीबद्ध अस्पताल पूरा करता है; लाभार्थी को प्रतिपूर्ति का दावा नहीं भरना पड़ता।
  • पहचान जन आधार कार्ड और आयुष्मान या MAAY कार्ड से होती है। भुगतान श्रेणी के परिवार जन आधार संख्या के साथ नज़दीकी ई-मित्र केंद्र या एसएसओ राजस्थान पोर्टल से पंजीकरण कराते हैं।
  • राजस्थान में लगभग 778 राज्य-सरकारी, 8 केंद्र-सरकारी और 521 निजी सूचीबद्ध अस्पताल हैं, यानी कुल करीब 1,307। 19 दिसंबर 2025 से लाभार्थी तमिलनाडु और कर्नाटक को छोड़कर दूसरे राज्यों के 30,000 से अधिक सूचीबद्ध अस्पतालों में भी नकदरहित इलाज करा सकते हैं।

कवरेज के आंकड़े

  • राजस्थान आर्थिक समीक्षा 2025-26 के अनुसार योजना करीब 1.36 करोड़ परिवारों को कवर करती है। करीब 1.41 करोड़ परिवार पंजीकृत हैं, जिनमें लगभग 1.13 करोड़ NFSA परिवार और करीब 7.07 लाख भुगतान-श्रेणी परिवार शामिल हैं।

हाल के बदलाव

  • 2023-24 के बजट में परिवार कवर बढ़ाकर ₹25 लाख और दुर्घटना कवर बढ़ाकर ₹10 लाख किया गया।
  • 19 फरवरी 2024 को चिरंजीवी योजना का नाम बदलकर मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना किया गया और डे-केयर इलाज जोड़ा गया।
  • केंद्र की PM-JAY से जुड़ने के बाद 19 दिसंबर 2025 से तमिलनाडु और कर्नाटक को छोड़कर दूसरे राज्यों के 30,000 से अधिक सूचीबद्ध अस्पतालों में नकदरहित इलाज की सुविधा शुरू हुई।
  • राजस्थान आर्थिक समीक्षा 2025-26 के अनुसार दिसंबर 2025 तक योजना के अंतर्गत करीब 15.33 लाख रोगियों का इलाज हो चुका था।

मुख्य बिंदु

  • मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना (MAAY) राजस्थान की राज्य स्वास्थ्य आश्वासन योजना है, जिसमें सूचीबद्ध सरकारी और निजी अस्पतालों में द्वितीयक और तृतीयक स्तर का भर्ती इलाज नकदरहित मिलता है।
  • यह 1 मई 2021 को मुख्यमंत्री चिरंजीवी स्वास्थ्य बीमा योजना के नाम से शुरू हुई और राजस्थान राज्य स्वास्थ्य आश्वासन एजेंसी (RSHAA) ने 19 फरवरी 2024 को इसका नाम बदलकर MAAY कर दिया।
  • नोडल क्रियान्वयन संस्था राजस्थान राज्य स्वास्थ्य आश्वासन एजेंसी (RSHAA) है, जो चिकित्सा, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के अधीन है। बीमा वाले दावों का निपटारा न्यू इंडिया एश्योरेंस के ज़रिए होता है।
  • मुख्य वार्षिक लाभ प्रति परिवार ₹25 लाख है। यह पूरे परिवार के लिए साझा है और परिवार के सदस्यों की संख्या या आयु की कोई सीमा नहीं है।
  • कवर चरणों में बढ़ा। शुरुआत में यह ₹5 लाख था, फिर ₹10 लाख हुआ और 2023-24 के बजट में ₹25 लाख कर दिया गया।
  • 1,700 से अधिक इलाज प्रक्रियाएं शामिल हैं, जिनमें हृदय रोग, कैंसर, न्यूरो सर्जरी, घुटना प्रत्यारोपण, कॉक्लियर इम्प्लांट तथा लिवर, किडनी, हृदय और बोन मैरो प्रत्यारोपण शामिल हैं।
  • लाभों में निर्धारित डे-केयर इलाज, भर्ती से 5 दिन पहले और छुट्टी के 15 दिन बाद तक का कवर तथा चुनी हुई निःशुल्क ओपीडी (बाह्य रोगी) सेवाएं शामिल हैं।
  • निःशुल्क श्रेणी का प्रीमियम राज्य भरता है। इसमें आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (AB-PMJAY) के सामाजिक-आर्थिक एवं जाति जनगणना (SECC) वाले परिवार, राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (NFSA) के परिवार, लघु और सीमांत किसान, संविदा राज्यकर्मी, EWS परिवार तथा कोविड अनुग्रह-राशि पाने वाले परिवार शामिल हैं।
  • राजस्थान का कोई भी अन्य परिवार प्रति वर्ष ₹850 देकर भुगतान श्रेणी में जुड़ सकता है। यह प्रीमियम का सब्सिडी वाला आधा हिस्सा है और शेष राशि राज्य वहन करता है।
  • भुगतान श्रेणी का पंजीकरण जन आधार संख्या के साथ नज़दीकी ई-मित्र केंद्र या एसएसओ राजस्थान पोर्टल से होता है।
  • राजस्थान में लगभग 778 राज्य-सरकारी, 8 केंद्र-सरकारी और 521 निजी सूचीबद्ध अस्पताल हैं, यानी कुल करीब 1,307। 19 दिसंबर 2025 से तमिलनाडु और कर्नाटक को छोड़कर दूसरे राज्यों के 30,000 से अधिक सूचीबद्ध अस्पतालों में भी नकदरहित इलाज मिलता है।
  • इससे जुड़ी, लेकिन अलग, मुख्यमंत्री आयुष्मान दुर्घटना बीमा योजना अधिकतम ₹10 लाख तक दुर्घटना कवर देती है और इसे राज्य बीमा एवं प्रावधायी निधि विभाग चलाता है।
  • दुर्घटना योजना में सदस्य की दुर्घटना-मृत्यु पर ₹5 लाख, एक ही दुर्घटना में एक से अधिक सदस्यों की मृत्यु पर ₹10 लाख, पूर्ण स्थायी दिव्यांगता पर ₹3 लाख और आंशिक दिव्यांगता पर ₹1.5 लाख मिलते हैं।
  • आर्थिक समीक्षा 2025-26 के अनुसार योजना करीब 1.36 करोड़ परिवारों को कवर करती है और PM-JAY तथा राजस्थान के जन आधार डेटाबेस से जुड़ी है। यह केंद्र की नहीं, राजस्थान राज्य की योजना है।

आधिकारिक स्रोत

आधिकारिक वेबसाइट देखें

इन्फ़ोग्राफ़िक

MAAY एक नज़र में

कवर की वृद्धि और लाभ ढांचा

दुर्घटना बीमा योजना की देय स्लैब

पात्र कौन है

सूचीबद्ध अस्पताल नेटवर्क

इलाज कैसे होता है (नकदरहित)

अक्सर पूछे गए

मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना क्या है?

यह राजस्थान की राज्य स्वास्थ्य आश्वासन योजना है, जिसमें सूचीबद्ध सरकारी और निजी अस्पतालों में द्वितीयक और तृतीयक स्तर का भर्ती इलाज नकदरहित मिलता है। यह चिरंजीवी योजना का नया और विस्तारित रूप है। इसका लक्ष्य सार्वभौमिक स्वास्थ्य कवरेज देना और इलाज पर जेब से होने वाला खर्च घटाना है।

योजना कब शुरू हुई और नाम कब बदला गया?

यह 1 मई 2021 को मुख्यमंत्री चिरंजीवी स्वास्थ्य बीमा योजना के नाम से शुरू हुई। राजस्थान राज्य स्वास्थ्य आश्वासन एजेंसी (RSHAA) ने 19 फरवरी 2024 को इसका नाम बदलकर मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना कर दिया।

योजना कौन लागू करता है और बीमाकर्ता कौन है?

योजना का क्रियान्वयन राजस्थान राज्य स्वास्थ्य आश्वासन एजेंसी (RSHAA) करती है, जो चिकित्सा, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के अधीन है। बीमा वाले दावों का निपटारा न्यू इंडिया एश्योरेंस के ज़रिए होता है।

₹25 लाख कवर में क्या शामिल है और कितनी इलाज प्रक्रियाएं शामिल हैं?

इसमें प्रति परिवार प्रति वर्ष ₹25 लाख का साझा कवर मिलता है। भर्ती से 5 दिन पहले, छुट्टी के 15 दिन बाद तक और डे-केयर इलाज का खर्च इसमें शामिल है। 1,700 से अधिक इलाज प्रक्रियाएं शामिल हैं, जिनमें हृदय रोग, कैंसर, न्यूरो सर्जरी तथा लिवर, किडनी, हृदय और बोन मैरो प्रत्यारोपण आते हैं।

निःशुल्क कवर किसे मिलता है, प्रीमियम कौन देता है और भुगतान श्रेणी का परिवार कैसे जुड़ता है?

आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (AB-PMJAY) के सामाजिक-आर्थिक एवं जाति जनगणना (SECC) वाले परिवार, राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (NFSA) के परिवार, लघु और सीमांत किसान, संविदाकर्मी, EWS परिवार तथा कोविड अनुग्रह-राशि पाने वाले परिवार निःशुल्क कवर पाते हैं। कोई भी अन्य परिवार प्रति वर्ष ₹850 देकर जुड़ सकता है। यह प्रीमियम का सब्सिडी वाला आधा हिस्सा है और शेष राज्य वहन करता है। भुगतान श्रेणी के परिवार जन आधार संख्या के साथ ई-मित्र केंद्र या एसएसओ राजस्थान पोर्टल से पंजीकरण कराते हैं।

इससे जुड़ी दुर्घटना बीमा योजना क्या देती है?

अलग मुख्यमंत्री आयुष्मान दुर्घटना बीमा योजना को राज्य बीमा एवं प्रावधायी निधि विभाग चलाता है। इसमें सदस्य की दुर्घटना-मृत्यु पर ₹5 लाख, एक ही दुर्घटना में एक से अधिक सदस्यों की मृत्यु पर ₹10 लाख, पूर्ण स्थायी दिव्यांगता पर ₹3 लाख और आंशिक दिव्यांगता पर ₹1.5 लाख मिलते हैं।

अस्पताल नेटवर्क और लाभार्थी आधार कितना बड़ा है?

राजस्थान में लगभग 778 राज्य-सरकारी, 8 केंद्र-सरकारी और 521 निजी सूचीबद्ध अस्पताल हैं, यानी कुल करीब 1,307। 19 दिसंबर 2025 से तमिलनाडु और कर्नाटक को छोड़कर दूसरे राज्यों के 30,000 से अधिक सूचीबद्ध अस्पतालों में भी नकदरहित इलाज मिलता है। आर्थिक समीक्षा 2025-26 के अनुसार योजना राजस्थान के करीब 1.36 करोड़ परिवारों को कवर करती है।