REET लेवल 1 अध्ययन सामग्री
रीट लेवल 1 के लिए प्राथमिक स्तर पर अधिगम
कक्षा एक से पाँच के प्राथमिक स्तर पर अधिगम व्यवहार या क्षमता में अपेक्षाकृत स्थायी परिवर्तन है, जो अनुभव या अभ्यास से आता है, न कि आयु-केंद्रित परिपक्वता, सहज क्रिया या प्रतिवर्त से। यह ध्यान, कूटन, संग्रह और पुनर्स्मरण के चार चरणों में उघड़ता है, और अभ्यास तथा प्रतिपुष्टि से सुदृढ़ होता है। आंतरिक कारकों में अभिप्रेरणा, तत्परता, पूर्व ज्ञान और ध्यान आते हैं। बाहरी कारकों में घर और विद्यालय वातावरण, भाषा पृष्ठभूमि, सहपाठी संवाद और शिक्षक की भूमिका आती है। रीट लेवल 1 का उम्मीदवार इसी एक-सही-विकल्प परिभाषा, चार-चरण प्रक्रिया और कारक सूची से छोटी कक्षा-स्थिति को पढ़कर सबसे सम्मानजनक तथा साक्ष्य-आधारित शिक्षक-प्रतिक्रिया चुनता है।
मुख्य बिंदु
- प्राथमिक स्तर पर अधिगम व्यवहार या क्षमता में अपेक्षाकृत स्थायी परिवर्तन है, जो अनुभव या अभ्यास से आता है — आयु-केंद्रित परिपक्वता, सहज क्रिया या प्रतिवर्त से नहीं।
- अधिगम प्रक्रिया चार चरणों — ध्यान, कूटन, संग्रह और पुनर्स्मरण — में उघड़ती है और अनेक छोटे पाठ-सत्रों में अभ्यास तथा प्रतिपुष्टि से सुदृढ़ होती है।
- अधिगम के आंतरिक कारकों में अभिप्रेरणा, तत्परता, पूर्व ज्ञान और ध्यान आते हैं, जिन्हें शिक्षक कक्षा एक से पाँच की दैनिक पाठ-गतिविधि में पढ़ और सहारा दे सकता है।
- बाहरी कारकों में घर और विद्यालय का वातावरण, शिक्षण की भाषा, शिक्षक की भूमिका और सहपाठी संवाद आते हैं, जो चार-चरण प्रक्रिया को खोल या रोक सकते हैं।
- रीट लेवल 1 कक्षा एक से पाँच को प्राथमिक स्तर के रूप में कवर करता है; उम्मीदवार को परिभाषा, चार-चरण प्रक्रिया और कारक सूची को छोटी कक्षा-स्थिति पर लागू करना है।
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सार्वजनिक प्रीव्यू पाठ्यक्रम दृष्टि, कक्षा उपयोग, मुख्य बिंदु और स्रोत पथ दिखाता है। REET अध्ययन पैक पूरा नोट और संबंधित अभ्यास खोलता है।
अध्ययन सामग्री
मुख्य बिंदु
कक्षा एक से पाँच के प्राथमिक स्तर पर अधिगम व्यवहार या क्षमता में अपेक्षाकृत स्थायी परिवर्तन है, जो अनुभव या अभ्यास से आता है, न कि आयु-केंद्रित परिपक्वता, सहज क्रिया या प्रतिवर्त से। यह ध्यान, कूटन, संग्रह और पुनर्स्मरण के चार चरणों में उघड़ता है, और अभ्यास तथा प्रतिपुष्टि से सुदृढ़ होता है। आंतरिक कारकों में अभिप्रेरणा, तत्परता, पूर्व ज्ञान और ध्यान आते हैं। बाहरी कारकों में घर और विद्यालय वातावरण, भाषा पृष्ठभूमि, सहपाठी...
कक्षा में उपयोग
- शिक्षार्थी स्तर: कक्षा 1-5
- सामान्य भ्रम: कई उम्मीदवार मान लेते हैं कि विद्यालय अधिगम केवल परिपक्वता से बनता है, कि अभिप्रेरणा केवल पुरस्कारों से जुड़ी है, और चार-चरण प्रक्रिया हर बच्चे के लिए एक ही गति से चलती है।
- शिक्षक कार्य: अधिगम को मार्गदर्शित प्रक्रिया मानें — ध्यान-संकेत नियोजित करें, नई सामग्री को पूर्व ज्ञान से जोड़ें, प्रतिपुष्टि के साथ छोटा अभ्यास बनाएँ, और छोटे दैनिक प्रश्न से पुनर्स्मरण जाँचें।
- अधिगम गतिविधि: ध्यान, कूटन, संग्रह और पुनर्स्मरण के सरल चित्रों वाला चार-चरण पोस्टर बनाएँ और गिनती या अक्षर-जोड़ पाठ में संदर्भ दें ताकि बच्चा बता सके कि वह प्रक्रिया के किस चरण पर है।
- आकलन जांच: छोटे कार्य के बाद हर बच्चे से पोस्टर पर चरण दिखाने को कहें और कक्षा को एक बात बताने को कहें जो उसने उस चरण पर की, फिर जाँचें कि उत्तर अवलोकित कार्य से मेल खाए।
सामान्य प्रश्न जाल
- परिपक्वता को अकेले अधिगम का प्रकरण मानना, जबकि पाठ्यपुस्तक परिभाषा को अनुभव या अभ्यास तथा अपेक्षाकृत स्थायी परिवर्तन चाहिए।
- अचानक चमक पर पलक झपकने जैसे प्रतिवर्त को अधिगम मानना, जबकि प्रतिवर्त बिना कूटन या संग्रह वाली स्वचालित शरीर प्रतिक्रिया है।
- प्राथमिक स्तर पर अभिप्रेरणा को कोई भूमिका न देना, जबकि अभिप्रेरणा कक्षा-अधिगम के सबसे सिद्ध आंतरिक कारकों में से है।
- लेवल 1 की कक्षा एक से पाँच की प्राथमिक सीमा को लेवल 2 की कक्षा छह से आठ की उच्च-प्राथमिक सीमा से मिलाना, विशेष रूप से संख्यात्मक स्मरण प्रश्न में।
- प्रक्रिया के चार चरणों को गलत क्रम में रखना, जैसे ध्यान से पहले संग्रह, जबकि ध्यान प्रवेश-चरण के रूप में सबसे पहले होना चाहिए।
पाठ्यक्रम सीमा
RBSE रीट लेवल 1 बाल विकास एवं शिक्षाशास्त्र पाठ्यक्रम कक्षा एक से पाँच के प्रत्येक प्राथमिक शिक्षक से अधिगम के अर्थ, संकल्पना, प्रक्रिया और कारकों को जानने की अपेक्षा करता है। इस नोट का उद्देश्य उसी सीमा को स्पष्ट रखना है। नोट अधिगम को कक्षा-विषय की तरह पढ़ता है, पूर्ण अधिगम-सिद्धांत अध्याय की तरह नहीं। पावलोव, स्किनर, पियाजे, ब्रूनर और बंदूरा जैसे नामित सिद्धांतकारों की सूची अधिगम सिद्धांतों के अलग प्रकरण की है और इस नोट का...
