लोक प्रशासन: अर्थ, प्रकृति, क्षेत्र, महत्त्व; विकास; नया लोक प्रशासन (NPA); नया लोक प्रबंधन (NPM); सुशासन; नई लोक सेवा (NPS)
मुख्य तथ्य
- लोक प्रशासन सरकारी नीति का क्रियान्वयन तथा सार्वजनिक कार्यों का प्रबंधन है।
- PA की प्रकृति विवादास्पद है: यह अंतर-अनुशासनिक है; कला और विज्ञान दोनों है;
- लोक प्रशासन का क्षेत्र: दो प्रमुख दृष्टिकोण हैं
- लोक प्रशासन का विकास 5 चरणों में: शास्त्रीय (विल्सन, टेलर, वेबर), मानवीय संबंध (मेयो, बार्नार्ड), व्यवहारवादी (साइमन), नया लोक प्रशासन (मिनोब्रुक, 196…
- NPA का उदय मिनोब्रुक सम्मेलन, 1968 (ड्वाइट वाल्डो) से। मुख्य माँगें: सामाजिक समता, प्रासंगिकता, मूल्य, परिवर्तन, सेवार्थी-केंद्रितता।
मुख्य बिंदु
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लोक प्रशासन सरकारी नीति का क्रियान्वयन तथा सार्वजनिक कार्यों का प्रबंधन है। वुडरो विल्सन का 1887 का निबंध "प्रशासन का अध्ययन" PA की शुरुआती आधारशिला है।
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PA की प्रकृति विवादास्पद है: यह अंतर-अनुशासनिक है; कला और विज्ञान दोनों है; राजनीति–प्रशासन द्विभाजन (विल्सन, गुडनाउ) को बाद में पॉल एप्लबी (1945) ने खारिज किया।
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लोक प्रशासन का क्षेत्र: दो प्रमुख दृष्टिकोण हैं — (1) पीओएसडीसीओआरबी (लूथर गुलिक, 1937): योजना, संगठन, कार्मिक, निर्देशन, समन्वय, रिपोर्टिंग और बजट; (2) विषय-वस्तु दृष्टिकोण (जे. एम. फिफ्नर): लोक प्रशासन सभी सार्वजनिक क्षेत्रीय गतिविधियों को समेटता है, जैसे नीति, वित्त, कार्मिक, सामग्री और कानून।
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PA का महत्त्व: कल्याण कार्यक्रमों का क्रियान्वयन, सेवा वितरण, कानून-व्यवस्था, आर्थिक नियमन तथा सरकार बदलने पर निरंतरता एवं विशेषज्ञता।
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लोक प्रशासन का विकास 5 चरणों में: शास्त्रीय (विल्सन, टेलर, वेबर), मानवीय संबंध (मेयो, बार्नार्ड), व्यवहारवादी (साइमन), नया लोक प्रशासन (मिनोब्रुक, 1968), और नया लोक प्रबंधन/सुशासन (1980 के दशक से वर्तमान)।
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NPA का उदय मिनोब्रुक सम्मेलन, 1968 (ड्वाइट वाल्डो) से। मुख्य माँगें: सामाजिक समता, प्रासंगिकता, मूल्य, परिवर्तन, सेवार्थी-केंद्रितता। फ्रैंक मरिनी संपादित नए लोक प्रशासन की ओर (1971)।
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NPM — UK, USA, ऑस्ट्रेलिया में 1980s में थैचर-रीगन युग में। क्रिस्टोफर हूड ने 1991 के लेख में "NPM" पद दिया। मुख्य विचार: बाजार तंत्र, निजीकरण, प्रदर्शन माप, प्रबंधनवाद, ग्राहक-उन्मुखता, पैसे का मूल्य।
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सुशासन — UNDP (1997) एवं विश्व बैंक: भागीदारी, कानून का शासन, पारदर्शिता, जवाबदेही, समता, प्रभावशीलता। भारत का द्वितीय ARC (2005–09); राजस्थान का जन सूचना पोर्टल एवं ई-मित्र उदाहरण।
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NPS — जेनेट एवं रॉबर्ट डेनहार्ट (2003): प्रशासक 'संचालन' नहीं बल्कि 'सेवा' करें। NPM के बाजार मॉडल को खारिज; नागरिक-केंद्रित, लोकतांत्रिक मूल्य, सामुदायिक निर्माण।
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पारंपरिक PA बनाम NPA बनाम NPM बनाम NPS: PA = नियम-बद्ध दक्षता; NPA = समता; NPM = बाजार; NPS = लोकतांत्रिक सेवा। प्रत्येक पूर्व की विफलताओं की प्रतिक्रिया।
लोक प्रशासन पढ़ना रास अभ्यर्थी के लिए क्यों ज़रूरी है?
लोक प्रशासन पढ़ना रास अभ्यर्थी के लिए इसलिए ज़रूरी है क्योंकि रास अधिकारी उसी प्रशासनिक तंत्र में काम करता है जो सरकारी नीति को जमीन पर सेवा, नियंत्रण, जवाबदेही और कल्याण में बदलता है। लोक प्रशासन सार्वजनिक मामलों के प्रबंधन और सरकारी नीति के क्रियान्वयन का व्यावहारिक विज्ञान है। प्रश्नपत्र तृतीय के विषयों में, विषय ११२ का पिछले वर्षों के प्रश्नों में रिकॉर्ड सबसे अधिक है — इसने २०१३ से २०२३ तक प्रत्येक परीक्षा में अंक दिए हैं, कुल ४१ अंक और औसत ८.२ अंक प्रति वर्ष। २०२६ में परीक्षक नया लोक प्रबंधन, सुशासन या नई लोक सेवा जैसे क्षेत्रों का परीक्षण कर सकते हैं, जो २०२१–२३ के पिछले वर्षों के प्रश्नों में अपेक्षाकृत हल्के रहे। राजस्थान लोक सेवा आयोग की मुख्य परीक्षा योजना के अनुसार मुख्य परीक्षा में चार वर्णनात्मक प्रश्नपत्र हैं और प्रत्येक प्रश्नपत्र २०० अंक का है।
लोक प्रशासन का अस्तित्व इसलिए है क्योंकि आधुनिक सरकार बिना प्रशासनिक तंत्र के नहीं चल सकती। प्राचीन भारत में भी कौटिल्य के अर्थशास्त्र ने लगभग ३०० ईसा पूर्व एक विस्तृत प्रशासनिक पदानुक्रम रेखांकित किया था। ब्रिटिश राज ने भारत को इंडियन सिविल सर्विस की परंपरा दी — सामान्यज्ञ प्रशासकों की एक प्रणाली, जो आज भारतीय प्रशासनिक सेवा और राजस्थान प्रशासनिक सेवा के रूप में जारी है।
लोक प्रशासन का अध्ययन क्यों करें? रास अधिकारी इसी प्रशासनिक प्रणाली का उत्पाद है जिसका वर्णन इस अध्याय में किया गया है। वेबर की नौकरशाही से नया लोक प्रबंधन की दक्षता तक और नई लोक सेवा की नागरिक सेवा तक लोक प्रशासन के विकास को समझना परीक्षा प्रदर्शन और व्यावसायिक अभ्यास दोनों के लिए आवश्यक है। यह अध्याय केवल सिद्धांत नहीं है; यही वह भाषा है जिससे परीक्षक प्रशासनिक सोच, नागरिक-सम्वेदनशीलता और नीति-क्रियान्वयन की समझ को परखता है।
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संभावित संभावित RAS प्रश्न
PYQ रुझान और 2026 पाठ्यक्रम विश्लेषण पर आधारित
1 5M POSDCORB क्या है? इसे किसने दिया और इसकी सीमाएँ क्या हैं?
आदर्श उत्तर
POSDCORB (योजना, संगठन, कार्मिक, निर्देशन, समन्वय, रिपोर्टिंग, बजट) लूथर गुलिक (1937) ने Papers on the Science of Administration में दिया। सीमाएँ: (1) अनौपचारिक संगठन की उपेक्षा; (2) अत्यधिक ऊपर से नीचे; (3) साइमन ने इसे 'कहावतें' कहा — अंतर्विरोधी सिद्धांत; (4) राजनीतिक परिवेश एवं नागरिकों की अनदेखी।
~50 शब्द • 5 अंक
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