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वरिष्ठ अध्यापक भाग 2: स्नातक स्तर का गणित एवं विज्ञान MCQ - उत्तर सहित अभ्यास प्रश्न

RAS/RPSC तैयारी के लिए वरिष्ठ अध्यापक भाग 2: स्नातक स्तर का गणित एवं विज्ञान के 399 प्रश्न हल करें।

अभ्यास प्रश्न

प्र.1पुष्पी पौधे में अनिषेकफलन किसके विकास को कहा जाता है?

A भ्रूण बनने से पहले प्राथमिक भ्रूणपोष केंद्रक से भ्रूणपोष बनना
B निषेचित अंड से भ्रूण बनना और फिर सामान्य बीज-परिपक्वता होना
C एक बीज में बीजांडकायी और युग्मनजी ऊतकों से कई भ्रूण बनना
D निषेचन के बिना अंडाशय से फल बनना, जिससे सामान्यतः बीजरहितता मिलती है
व्याख्या

अनिषेकफलन में निषेचन के बिना फल का विकास होता है। क्योंकि निषेचन और बीज-निर्माण नहीं होता, इसलिए अनिषेकफलित फल सामान्यतः बीजरहित होते हैं; यह गुण प्राकृतिक रूप से भी मिल सकता है और वृद्धि-नियामकों से प्रेरित भी किया जा सकता है।

प्र.2कक्षा-स्तर की वर्गिकी के प्रश्न में एनेलिडा को नेमेटोडा से अलग करने के लिए कौन-सा लक्षण-संयोजन सबसे अच्छा है?

A वास्तविक मेटामेरिक खंडीकरण के साथ देहगुही देह-योजना
B नलिका-पादों वाला पंच-अरीय वयस्क शरीर
C कोएनोसाइट सहित कोशिकीय-स्तर का संगठन
D छद्मदेहगुहा वाला अखंडित बेलनाकार शरीर
व्याख्या

एनेलिडा खंडित कृमि हैं; इनके शरीर में वास्तविक मेटामेरिज्म और देहगुही योजना मिलती है। नेमेटोडा कृमि जैसे दिख सकते हैं, पर वे अखंडित और छद्मगुही होते हैं। यही अंतर सामान्य भ्रम पैदा करता है, क्योंकि दोनों समूहों में लंबे कृमि-आकार के रूप मिलते हैं, लेकिन वे अलग संरचनात्मक स्तरों से संबंधित हैं।

प्र.3यदि रंध्र खुले रहें, तो सामान्यतः कौन-सी पर्यावरणीय दशा वाष्पोत्सर्जन की दर बढ़ाएगी?

A ऑक्सीजन की कमी वाली जलभरित मिट्टी
B जल-तनाव से रंध्रों का बंद होना
C अधिक तेज प्रकाश, जो रंध्रों के खुलने में सहायक हो
D पत्ती के चारों ओर बहुत अधिक सापेक्ष आर्द्रता
व्याख्या

वाष्पोत्सर्जन की दर जल-वाष्प ढाल और रंध्र-छिद्र के खुलाव पर बहुत निर्भर करती है। प्रकाश प्रकाशसंश्लेषी गैस-विनिमय के लिए रंध्रों को खोलने की प्रवृत्ति रखता है, इसलिए अंधेरे की तुलना में जल-वाष्प तेजी से बाहर निकलती है; अधिक आर्द्रता और रंध्रों का बंद होना इसका उलटा प्रभाव डालते हैं।

प्र.4पुष्प-आरेख आधारित प्रश्न में एस्टरेसी की पहचान सबसे भरोसेमंद रूप से कौन-सा लक्षण-समूह कराएगा?

A पैपिलियोनेसी दलपुंज, सीमांत बीजांडन्यास और लेग्यूम फल
B निवेष्टक सहपत्रों वाला मुंडक पुष्पक्रम, संघपरागकोशी परागकोश और सिप्सेला फल
C एकसंघी पुंकेसर-नली, उपबाह्यदल और मरोड़ा हुआ दलपुंज
D सायथियम, दूधिया क्षीर और त्रिकोक्की विदलित फल
व्याख्या

एस्टरेसी को कंपोजिटी भी कहा जाता है, क्योंकि अनेक छोटे पुष्पक मुंडक में सघन रूप से लगे होते हैं और सामान्यतः निवेष्टक सहपत्रों से घिरे रहते हैं। इसका पुमंग संघपरागकोशी होता है और फल सिप्सेला होता है, जो अक्सर पैपस से जुड़ा मिलता है। ये लक्षण इसे फैबेसी, मालवेसी और यूफोर्बिएसी से साफ अलग करते हैं।

प्र.5प्राचीन भारत में जस्ते के उत्पादन की दक्षता की पहचान किस तकनीकी विशेषता से सबसे अच्छी होती है?

A पिघले हुए जिंक क्लोराइड का विद्युत-अपघटनी परिष्करण
B जस्ता समस्थानिकों का क्रायोजेनिक पृथक्करण
C रिटॉर्टों में अपचयन-आसवन द्वारा उड़नशील जस्ता-वाष्प को धातु के रूप में संघनित करना
D पेट्रोलियम का प्रभाजी आसवन कर ईंधन बनाना
व्याख्या

जस्ता धातु के रूप में प्राप्त करना कठिन है, क्योंकि भट्ठी के तापमान पर यह वाष्पित हो जाता है और दोबारा ऑक्सीकृत भी हो सकता है। भारतीय जस्ता धातुकर्म में रिटॉर्ट और संघनक वाली अपचयन-आसवन व्यवस्था का उपयोग उल्लेखनीय है। यही व्यावहारिक रासायनिक समाधान उसे आधुनिक विद्युत-अपघटन या पेट्रोलियम प्रक्रियाओं से अलग करता है।

आपने 399 में से 5 नमूना प्रश्न देख लिए हैं

वरिष्ठ अध्यापक भाग 2: स्नातक स्तर का गणित एवं विज्ञान पर अनलिमिटेड अभ्यास RAS टेस्ट सीरीज़ + प्रैक्टिस पैक या गेट पास में मिलता है।

और प्रश्न

6DNA प्रतिकृति के दौरान DNA पॉलिमरेज नई श्रृंखला को बढ़ाने से पहले RNA प्राइमर क्यों चाहता है?

ADNA पॉलिमरेज को न्यूक्लियोटाइड जोड़ने के लिए पहले से मौजूद मुक्त तीन-प्राइम हाइड्रॉक्सिल समूह चाहिए।
Bप्राइमर अंतिम DNA अणु में थाइमिन को स्थायी रूप से यूरैसिल से बदल देता है।
CDNA पॉलिमरेज DNA का संश्लेषण केवल तीन-प्राइम से पाँच-प्राइम दिशा में कर सकता है।
Dप्राइमर जनक DNA श्रृंखलाओं के खुलने को रोकता है।

7औषधियों के वर्गीकरण में एंटीहिस्टामिन के लिए कौन-सा कथन सबसे उपयुक्त है?

Aवे चेतना को प्रभावित किए बिना दर्द कम करते हैं।
Bवे हिस्टामिन की क्रिया को उसके ग्राहियों पर रोकते हैं।
Cवे धुलाई के समय पृष्ठ तनाव कम करते हैं।
Dवे जीवाणु कोशिका-भित्ति को फाड़कर सूक्ष्मजीवों को मारते हैं।

8त्रिज्या आर और कुल आवेश क्यू वाले समान रूप से आवेशित ठोस गोले के लिए अनंत पर वैद्युत विभव शून्य माना गया है। आर से कम दूरी आर-लघु पर स्थित किसी बिंदु पर विभव कितना होगा?

Aक्यू/(4 पाई एप्सिलन-शून्य आर-लघु)
Bक्यू(3 आर-वर्ग - आर-लघु-वर्ग)/(8 पाई एप्सिलन-शून्य आर-घन)
Cक्यू आर-लघु/(4 पाई एप्सिलन-शून्य आर-वर्ग)
Dक्यू(आर-वर्ग - आर-लघु-वर्ग)/(8 पाई एप्सिलन-शून्य आर-घन)

9जड़ के अनुप्रस्थ काट में कई जाइलम समूह, स्पष्ट बड़ा पिथ और कैम्बियम सक्रियता या द्वितीयक ऊतकों का कोई प्रमाण नहीं दिखता। सबसे समर्थ निष्कर्ष कौन-सा है?

Aयह द्विबीजपत्री तना है, क्योंकि तनों में हमेशा अराभिमुख संवहनी समूह होते हैं और युवा अवस्था में पिथ नहीं होता।
Bयह एकबीजपत्री जड़ है, क्योंकि बहुअर्ची जाइलम, बड़ा पिथ और सामान्य द्वितीयक वृद्धि का अभाव एकबीजपत्री जड़ की रचना से मेल खाते हैं।
Cयह द्वितीयक वृद्धि से पहले की द्विबीजपत्री जड़ है, क्योंकि द्विबीजपत्री जड़ें सामान्यतः बहुअर्ची होती हैं और बहुत बड़ा पिथ रखती हैं।
Dयह एकबीजपत्री तना है, क्योंकि एकबीजपत्री तनों में अराभिमुख संवहनी समूह केंद्रीय पिथ के चारों ओर सजे होते हैं।

10अनुभवजन्य संघटन कोबाल्ट क्लोराइड-पाँच अमोनिया वाले कोबाल्ट(3) अमीन क्लोराइड यौगिक की एक मोल मात्रा, अधिक सिल्वर नाइट्रेट से दो मोल सिल्वर क्लोराइड देती है। इस अवलोकन से कौन-सा वर्नर सूत्र मेल खाता है?

A[को(अमोनिया)₅क्ल]क्ल₂
B[को(अमोनिया)₄क्ल₂]क्ल·अमोनिया
C[को(अमोनिया)₅]क्ल₃
D[को(अमोनिया)₃क्ल₃]·2अमोनिया

11ड्रोसोफिला में एक्स-से-ऑटोसोम अनुपात के आधार पर कौन-सा जीनोटाइप स्त्री विकास-पथ का अनुसरण करेगा?

Aएक्सएक्सवाई, ऑटोसोमों के दो सेट के साथ
Bएक्सएक्सवाई, ऑटोसोमों के तीन सेट के साथ
Cएक्सएक्सवाई, ऑटोसोमों के चार सेट के साथ
Dएक्सवाईवाई, ऑटोसोमों के दो सेट के साथ

12कई फॉस्फोरिल-स्थानांतरण एंजाइमों में जैविक रूप से सक्रिय सब्सट्रेट को मुक्त एटीपी के बजाय मैग्नीशियम-एटीपी मानना अधिक ठीक है। इस जरूरत को मैग्नीशियम आयन की कौन-सी भूमिका सबसे अच्छी तरह समझाती है?

Aयह एंजाइम से जुड़ने से पहले एटीपी को हीम-जैसे पोर्फिरिन संकुल में बदल देता है।
Bयह एडेनिन वलय से इलेक्ट्रॉन लेकर एटीपी को एडीपी में ऑक्सीकृत करता है।
Cयह एटीपी के फॉस्फेट ऑक्सीजनों से समन्वय बनाकर फॉस्फोरिल स्थानांतरण के दौरान ऋण आवेश को संतुलित करने में मदद करता है।
Dयह एटीपी की राइबोज शर्करा की जगह लेकर धातु-न्यूक्लियोटाइड ढाँचा बनाता है।

13इलास्टोमर, तापसुघट्य और रेशा वाली सामान्य परीक्षा-स्तरीय श्रेणियों के आधार पर, दिए गए बहुलकों को अंतराअणुक बलों की बढ़ती शक्ति के क्रम में कौन-सा विकल्प रखता है?

Aब्यूना-एस < नायलॉन 6,6 < पॉलीथीन
Bनायलॉन 6,6 < पॉलीथीन < ब्यूना-एस
Cपॉलीथीन < नायलॉन 6,6 < ब्यूना-एस
Dब्यूना-एस < पॉलीथीन < नायलॉन 6,6

14केंचुए की प्रजनन-स्थिति के बारे में कौन-सा कथन सही है?

Aयह पृथकलिंगी होता है, इसलिए नर और मादा अंग हमेशा अलग-अलग व्यक्तियों में पाए जाते हैं
Bयह केवल शरीर-भित्ति से मुकुलन द्वारा प्रजनन करता है
Cयह केवल मेडूसा अवस्था में युग्मक बनाता है
Dयह उभयलिंगी होता है, लेकिन दो व्यक्तियों के बीच पर-निषेचन सामान्यतः होता है

15एक समानांतर-प्लेट संधारित्र को बैटरी से वी तक आवेशित करके अलग कर दिया गया। सापेक्ष विद्युतशीलता के वाली परावैद्युत पट्टी उसके बीच का पूरा अंतराल भर देती है। अंतिम विभवांतर और संचित ऊर्जा के लिए सही युग्म कौन-सा है?

Aविभवांतर के वी; ऊर्जा के यू-शून्य
Bविभवांतर वी; ऊर्जा के यू-शून्य
Cविभवांतर वी/के; ऊर्जा के यू-शून्य
Dविभवांतर वी/के; ऊर्जा यू-शून्य/के

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