MCQ
संस्कृत भाषा, साहित्य और शिक्षण-विधियाँ MCQ - उत्तर सहित अभ्यास प्रश्न
RAS/RPSC तैयारी के लिए संस्कृत भाषा, साहित्य और शिक्षण-विधियाँ के 141 प्रश्न हल करें।
अभ्यास प्रश्न
प्र.1आर्याछन्दः सन्दर्भे अनुचितं कथनमस्ति –
सही उत्तर C है क्योंकि आर्या मात्रिक छन्द है, वर्णिक छन्द नहीं। इसके प्रथम और तृतीय चरण में द्वादश मात्राएँ मानी जाती हैं तथा द्वितीय चरण में अष्टादश मात्राएँ, इसलिए तृतीय चरण में द्वादश वर्ण कहना गलत है।
प्र.2बिम्बस्य प्रतिबिम्बं भवति
सही उत्तर A है क्योंकि दृष्टान्त अलंकार में उपमेय और उपमान का सम्बन्ध बिम्ब-प्रतिबिम्ब के रूप में समझाया जाता है। इसी समानान्तरता से कथ्य बात स्पष्ट होती है। दीपक, सन्देह और रूपक में यह बिम्ब-प्रतिबिम्ब प्रधान लक्षण नहीं है।
प्र.3सुकरातविधिः वर्तते –
सही उत्तर A है क्योंकि सुकरातविधि का आधार प्रश्नोत्तर है। इसमें शिक्षक क्रमबद्ध प्रश्नों से विद्यार्थी को स्वयं निष्कर्ष तक पहुँचाता है। प्रायोजना, अन्वेषण और व्याख्या विधियाँ इससे भिन्न शिक्षण-विधियाँ हैं।
प्र.4‘प्रणन्तु, श्रोष्यन्ति, प्रणमति’ इत्यत्र लकार क्रमः वर्तते
सही उत्तर A है क्योंकि प्रणन्तु में न्तु प्रत्यय आदेश या आज्ञा का बोध कराता है, अतः यह लोट्लकार है। श्रोष्यन्ति भविष्यत्काल का रूप है, इसलिए लृट्लकार है, और प्रणमति वर्तमानकाल का लट्लकार रूप है।
प्र.5‘नदी’ शब्दस्य तृतीया, ‘धेनु’ शब्दस्य सप्तमी, ‘मति’ शब्दस्य च पञ्चमी विभक्तौ एकवचनान्तं वर्तते :
सही उत्तर C है क्योंकि नदी शब्द की तृतीया एकवचन रूप नद्या है। धेनु शब्द की सप्तमी एकवचन धेन्वाम् और मति शब्द की पञ्चमी एकवचन मत्याः होती है। अन्य विकल्पों में कहीं वचन बदल गया है और कहीं विभक्ति ठीक नहीं है।
आपने 141 में से 5 नमूना प्रश्न देख लिए हैं
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और प्रश्न
6मानवस्य प्रथमं शिक्षाप्रतिष्ठानम् –
7यदोलोके सूक्ष्मं व्रजति सहसा तद् विपुलताम्, यदर्धे विच्छिन्नं भवति कृत्संधानमिव तत्। प्रकृत्या यद् वक्रं तदपि समरेखं नयनयोः न मे दूरे किंचित् क्षणमपि न पार्श्वे रथजवात्।। इत्यत्र कोऽलंकारः?
8“परः सन्निकर्षः ______” इति रिक्तस्थान - पूरणं कुरुत –
9“अधिहरि” इति समस्त पदस्य लौकिकं विग्रहम् –
10ऋवर्णान्तात् हलन्तात् च धातोः कः प्रत्ययः स्यात् -
11ब्राह्मणकुमारस्य मेखला स्यात् –
12समुचितं मेलन कर्तव्यम् : क. पित्रा i. षष्ठी विभक्ति ख. आत्मनि ii. चतुर्थी विभक्ति ग. हरये iii. तृतीया विभक्ति घ. भूभृताम् iv. सप्तमी विभक्ति क ख ग घ
13छात्राणां पूर्वज्ञानेन सह नूतनज्ञानं योजयति –
14केषु कौशलं योगः कथ्यते?
15“तोर्लिः” इति सूत्रेण तवर्गस्य लकारे परे सति तवर्गमपि किं स्यात् –
