MCQ
संस्कृत वर्णमाला एवं सन्धि MCQ - उत्तर सहित अभ्यास प्रश्न
RAS/RPSC तैयारी के लिए संस्कृत वर्णमाला एवं सन्धि के 10 प्रश्न हल करें।
अभ्यास प्रश्न
प्र.1कक्षा 5 के एक विद्यार्थी को सत् + आचार का योग-रूप लिखने को कहा जाता है। सही सन्धि-निष्पन्न शब्द कौन-सा है?
सत् + आचार व्यंजन-सन्धि का उदाहरण है। सत् के अन्त में अघोष त् है, आचार के आरम्भ में घोष स्वर आ है। नियम के अनुसार (अष्टाध्यायी 'झलां जश् अन्ते' का प्राथमिक रूप — अघोष + घोष का योग घोष को जन्म देता है) त् बदलकर द् हो जाता है। अतः सत् + आचार = सद् + आचार = सदाचार। विकल्प A यही पाठ्यपुस्तक-स्वीकृत परिणाम देता है। प्राथमिक कक्षा में इसका अभ्यास उत् + हार = उद्धार तथा वाक् + ईश = वागीश जैसे जोड़ी-उदाहरणों से कराया जाता है।
प्र.2कक्षा 5 की संस्कृत शिक्षिका श्यामपट्ट पर स्वरों के उच्चारण-काल से जुड़े दो कथन लिखती है। कथन (1): अ ह्रस्व स्वर है और उसके उच्चारण में एक मात्रा का समय लगता है। कथन (2): आ दीर्घ स्वर है और उसके उच्चारण में दो मात्राओं का समय लगता है। कौन-सा विकल्प सही है?
दोनों कथन सही हैं। संस्कृत वर्णमाला में स्वरों का वर्गीकरण उनके उच्चारण-काल, यानी मात्रा, के आधार पर किया जाता है। ह्रस्व स्वर (अ, इ, उ, ऋ, ऌ) एक मात्रा में बोले जाते हैं। दीर्घ स्वर (आ, ई, ऊ, ॠ तथा संध्यक्षर ए, ऐ, ओ, औ) दो मात्राओं में बोले जाते हैं। प्लुत स्वर के उच्चारण में तीन मात्राएँ लगती हैं और स्वर के बाद अंक 3 लगाकर इसे दर्शाया जाता है। इसलिए अ ह्रस्व स्वर है और उसके उच्चारण में 1 मात्रा लगती है, जबकि आ दीर्घ स्वर है और उसके उच्चारण में 2 मात्राएँ लगती हैं। आगे के संधि-नियम, विशेषकर दीर्घ संधि, भी उच्चारण-काल के इसी वर्गीकरण पर आधारित हैं।
प्र.3कक्षा 5 के संस्कृत पाठ से कथन (A) और कारण (R) पढ़िए। कथन (A): नर + इन्द्र = नरेन्द्र गुण सन्धि का उदाहरण है। कारण (R): जब ह्रस्व स्वर अ के बाद इ आता है, तो गुण-सन्धि के नियम से ए बनता है। सही विकल्प चुनिए।
कथन और कारण दोनों सही हैं। नर का अन्त अ से होता है और इन्द्र इ से आरम्भ होता है; गुण-सन्धि के अनुसार अ + इ मिलकर ए बनाते हैं, अतः नरेन्द्र। कारण इसी नियम को बताता है और इसलिए कथन का सही स्पष्टीकरण है। प्राथमिक स्तर पर पढ़ाए जाने वाले गुण-सन्धि के तीन सूत्र हैं — अ/आ + इ/ई = ए, अ/आ + उ/ऊ = ओ, अ/आ + ऋ = अर्। अतः नरेन्द्र कक्षा का स्वच्छ उदाहरण है तथा विकल्प A वही पंक्ति है जहाँ नियम सीधे उदाहरण की व्याख्या करता है।
प्र.4कक्षा 5 की शिक्षिका एक विद्यार्थी की पुस्तिका में चार सन्धि-विच्छेद देखती है। (1) सूर्योदय = सूर्य + उदय; (2) महर्षि = महा + ऋषि; (3) सदाचार = सत् + आचार; (4) विद्यालय = विद्या + लय। इनमें कौन-सा सन्धि-विच्छेद गलत है?
प्रविष्टि (4) गलत है। विद्यालय का सही सन्धि-विच्छेद विद्या + आलय है, विद्या + लय नहीं। यह दीर्घ-सन्धि है जिसमें आ (विद्या का अन्त) और आ (आलय का आरम्भ) मिलकर एक आ बनते हैं। विद्या + लय लिखने पर दूसरा आ पूरी तरह छूट जाता है और आलय के स्थान पर अशब्द 'लय' बन जाता है। प्रविष्टियाँ (1), (2), (3) पाठ्यपुस्तक-सम्मत हैं: सूर्योदय गुण-सन्धि (अ + उ = ओ), महर्षि गुण-सन्धि (अ + ऋ = अर्), तथा सदाचार व्यंजन-सन्धि जिसमें त् + आ मिलकर द् + आ बनता है।
प्र.5कक्षा 5 की शिक्षिका सन्धि के प्रकारों का उनसे बने रूपों के साथ मिलान करने के लिए एक सारणी तैयार करती है। सूची I — सन्धि का प्रकार: (1) दीर्घ (2) गुण (3) यण् (4) विसर्ग। सूची II — सन्धि से बना रूप: (P) इति + आदि से इत्यादि; (Q) महा + इन्द्र से महेन्द्र; (R) विद्या + आलय से विद्यालय; (S) निः + आदर से निरादर। सही मिलान कौन-सा है?
प्रत्येक उदाहरण अलग सन्धि-प्रकार का है। विद्या + आलय = विद्यालय में आ + आ मिलकर आ बनता है; यह दीर्घ सन्धि है (1 → R)। महा + इन्द्र = महेन्द्र में अ + इ मिलकर ए बनता है; यह गुण सन्धि है (2 → Q)। इति + आदि = इत्यादि में अगले स्वर से पहले इ का य् हो जाता है; यह यण् सन्धि है (3 → P)। निः + आदर = निरादर में घोष ध्वनि से पहले विसर्ग (ः) का र् हो जाता है; यह विसर्ग सन्धि है (4 → S)। इसलिए सही मिलान 1 → R; 2 → Q; 3 → P; 4 → S है, जो विकल्प A में दिया गया है।
आपने 10 में से 5 नमूना प्रश्न देख लिए हैं
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और प्रश्न
6कक्षा 4 की एक शिक्षिका विद्यार्थियों को संस्कृत वर्णमाला से परिचित कराती है और श्यामपट्ट पर स्वर लिखती है। मानक संस्कृत वर्णमाला के अनुसार वह कितने स्वर लिखती है?
7कक्षा 5 की शिक्षिका स्पर्श व्यंजनों के पाँच वर्गों में उच्चारण-स्थान समझाती है। मानक संस्कृत वर्णमाला इन पाँच स्पर्श वर्गों के कितने उच्चारण-स्थान मानती है?
8कक्षा 5 की शिक्षिका संस्कृत वर्णमाला का व्यंजन-वर्ग चार्ट बनाती है — स्पर्श व्यंजनों के पाँच वर्ग, अन्तस्थ और ऊष्म पंक्तियाँ। विसर्ग और अनुस्वार को छोड़कर, मानक संस्कृत वर्णमाला में कितने व्यंजन गिने जाते हैं?
9कक्षा 5 की शिक्षिका संधि-प्रक्रिया के चरणों वाले कार्ड बनाती है: (पी) पहले शब्द का अंतिम वर्ण देखें, (क्यू) उपयुक्त संधि-नियम लगाकर संयुक्त शब्द बनाएँ, (आर) दूसरे शब्द का प्रथम वर्ण देखें, (एस) तय करें कि दोनों वर्णों का मेल किस संधि-वर्ग में आता है। इन चरणों को सही शिक्षण क्रम में व्यवस्थित कीजिए।
10कक्षा 5 की एक शिक्षिका श्यामपट्ट पर विद्या + आलय का योग लिखती है और विद्यार्थियों से उचित सन्धि नियम लगाने को कहती है। कथनों पर विचार करें: (1) यह योग दो सजातीय स्वरों के मिलने का उदाहरण है। (2) इस योग का परिणाम विद्यालय है। कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
