RAS प्रश्न
अरावली पहाड़ियों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. अरावली श्रृंखला लगभग 800 किमी लंबी है, जो राजस्थान, हरियाणा, दिल्ली और गुजरात में फैली है। 2. यह विश्व की सबसे पुरानी पर्वत शृंखलाओं में से एक मानी जाती है और लगभग 150 करोड़ वर्ष पुरानी है। 3. सर्वोच्च न्यायालय के नवंबर 2025 के निर्णय ने अरावली पहाड़ियों को न्यूनतम 100 मीटर ऊँचाई वाली भू-संरचनाओं के रूप में परिभाषित किया। 4. इस परिभाषा के तहत दर्ज अरावली पहाड़ियों में से 50% से अधिक संरक्षण के योग्य थीं। उपरोक्त में से कौन-से कथन सही हैं?
सही उत्तर: (A) केवल 1, 2 और 3।
अरावली श्रृंखला लगभग 800 किमी लंबी और करीब 150 करोड़ वर्ष पुरानी मानी जाती है, तथा नवंबर 2025 में सर्वोच्च न्यायालय ने 100 मीटर ऊँचाई वाली परिभाषा स्वीकार की थी, लेकिन इससे 12,081 दर्ज पहाड़ियों में केवल 1,048 ही संरक्षण के दायरे में आती थीं।
व्याख्या
अरावली की मूल भौगोलिक पहचान में लगभग 800 किमी लंबी पर्वत श्रृंखला शामिल है, जो राजस्थान, हरियाणा, दिल्ली और गुजरात में फैली है। इसे विश्व की सबसे पुरानी पर्वत शृंखलाओं में भी गिना जाता है। नवंबर 2025 में सर्वोच्च न्यायालय ने अरावली पहाड़ियों के लिए 100 मीटर ऊँचाई वाली परिभाषा स्वीकार की थी। The Indian Express के अनुसार 100 मीटर मानदंड लगाने पर 20 मीटर या उससे अधिक ऊँचाई वाली 12,081 दर्ज अरावली पहाड़ियों में केवल 1,048, यानी लगभग 8.7%, ही इस सीमा में आती थीं। इसलिए 50% से अधिक संरक्षण का दावा उलटा है।
बाक़ी विकल्प ग़लत क्यों हैं
- (B) B में कथन 3 छूट जाता है, जबकि नवंबर 2025 में सर्वोच्च न्यायालय द्वारा 100 मीटर ऊँचाई वाली परिभाषा स्वीकार किए जाने की बात सही है।
- (C) C में कथन 1 नहीं है, जबकि अरावली श्रृंखला के लगभग 800 किमी लंबे होकर राजस्थान, हरियाणा, दिल्ली और गुजरात में फैलने वाला कथन सही है; साथ ही कथन 4 भी गलत है।
- (D) D चौथे कथन को भी सही मानता है, जबकि 100 मीटर मानदंड के तहत 12,081 में केवल 1,048 पहाड़ियां, लगभग 8.7%, ही संरक्षण-योग्य थीं, 50% से अधिक नहीं।
अवधारणा
राजस्थान के भौतिक भूगोल में अरावली की स्थिति और पर्यावरणीय संरक्षण की न्यायिक परिभाषा, दोनों महत्वपूर्ण हैं। RAS में अरावली इसलिए बार-बार आती है क्योंकि यह राजस्थान की स्थलाकृति, मरुस्थलीकरण-नियंत्रण और खनन-विवादों से सीधा जुड़ा विषय है।
