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RAS प्रश्न

राजस्थान की मिट्टी में कार्बनिक कार्बन (OC) की मात्रा के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही है?

सही उत्तर: (B) पूर्वी राजस्थान की मिट्टी (हाड़ौती, मेवाड़) में अधिक वर्षा, घनी वनस्पति और अधिक जैविक सक्रियता के कारण शुष्क पश्चिमी मिट्टी की तुलना में सामान्यतः अधिक OC होता है।।

राजस्थान में पूर्वी क्षेत्र, खासकर हाड़ौती और मेवाड़ की मिट्टी में अधिक वर्षा, घनी वनस्पति और अधिक जैविक सक्रियता के कारण शुष्क पश्चिमी मिट्टी की तुलना में OC सामान्यतः अधिक होता है।

  1. (A)

    पश्चिमी राजस्थान की मिट्टी में पूर्वी राजस्थान की तुलना में आमतौर पर OC अधिक होता है, क्योंकि मरुस्थलीय झाड़ियों से अधिक जैवभार मिलता है।

  2. (B)

    पूर्वी राजस्थान की मिट्टी (हाड़ौती, मेवाड़) में अधिक वर्षा, घनी वनस्पति और अधिक जैविक सक्रियता के कारण शुष्क पश्चिमी मिट्टी की तुलना में सामान्यतः अधिक OC होता है।

  3. (C)

    राजस्थान में सभी मिट्टी के प्रकारों में OC की मात्रा एकसमान वितरित है।

  4. (D)

    सॉइल हेल्थ कार्ड के डेटा से पता चलता है कि OC की कमी केवल थार मरुस्थल की समस्या है, पूर्वी जिलों में नहीं।

व्याख्या

राजस्थान की मिट्टी में OC का मुख्य नियंत्रण जलवायु, वनस्पति और भूमि-उपयोग से जुड़ा है। पश्चिमी थार/मारुस्थलीय क्षेत्र में विरल वनस्पति, उच्च तापमान और कम वर्षा के कारण मिट्टी में कार्बनिक पदार्थ कम जुड़ता है और उसका अपघटन तेज होता है, इसलिए OC अक्सर 0.5% से नीचे रहता है। ICAR के Annals of Arid Zone में उत्तर-पूर्वी शुष्क राजस्थान के अध्ययन में भी सतही मिट्टी के नमूनों में OC का अंतर साफ दिखता है: बालू टीलों में सबसे कम OC 0.07 ग्राम प्रति किलोग्राम दर्ज हुआ, जबकि सिंचित फसल वाली मिट्टी में OC अधिक था। इसी तर्क से हाड़ौती, मेवाड़ और मेवात जैसे अपेक्षाकृत अधिक वर्षा और वनस्पति वाले पूर्वी क्षेत्र पश्चिमी शुष्क मिट्टी से बेहतर OC स्थिति रखते हैं।

बाक़ी विकल्प ग़लत क्यों हैं

  • (A) पश्चिमी राजस्थान में मरुस्थलीय झाड़ियों से अधिक जैव-भार मिलने का दावा उलटा है, क्योंकि गर्म-शुष्क दशाओं और विरल वनस्पति के कारण OC बहुत कम रहता है।
  • (C) OC सभी मिट्टी प्रकारों में एकसमान नहीं है; भूमि-उपयोग और शुष्कता बदलने पर OC में स्पष्ट अंतर रहता है।
  • (D) OC की कमी को केवल थार तक सीमित बताना गलत है, क्योंकि सॉइल हेल्थ कार्ड सर्वेक्षणों में यह कमी पूर्वी जिलों सहित व्यापक रूप से पाई गई है।

अवधारणा

राजस्थान की मृदा उर्वरता में कार्बनिक कार्बन, वर्षा और वनस्पति का संबंध महत्वपूर्ण है। राजस्थान प्रशासनिक सेवा में यह विषय इसलिए बार-बार आता है क्योंकि मरुस्थलीकरण, कृषि उत्पादकता और मृदा स्वास्थ्य सीधे राजस्थान भूगोल से जुड़े स्थायी विषय हैं।

स्रोत

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