RAS प्रश्न
'जाति का उन्मूलन' पुस्तक किसने लिखी?
सही उत्तर: (D) बी.आर. अम्बेडकर।
‘जाति का विनाश’ डॉ. बी.आर. अम्बेडकर की 1936 में लिखी गई कृति है, जिसे मूल रूप से लाहौर में जात-पात तोड़क मंडल के सम्मेलन के लिए भाषण के रूप में तैयार किया गया था।
व्याख्या
‘जाति का विनाश’ का लेखक डॉ. बी.आर. अम्बेडकर हैं। यह रचना 1936 में लिखी गई थी और पहले लाहौर के जात-पात तोड़क मंडल सम्मेलन के लिए भाषण के रूप में तैयार हुई थी। PIB ने भी डॉ. अम्बेडकर को लेखक और समाज-सुधारक बताते हुए उनकी पुस्तकों में ‘The Annihilation of Caste’ का नाम रखा है। यह पुस्तक भारतीय समाज की जाति-संबंधी वास्तविकताओं की उनकी गहरी समझ से जुड़ी है। इसलिए इस पुस्तक को गांधी, पेरियार या फुले से जोड़ना ठीक नहीं है; यह अम्बेडकर के जाति-व्यवस्था पर गंभीर वैचारिक हस्तक्षेप से जुड़ी कृति है।
बाक़ी विकल्प ग़लत क्यों हैं
- (A) महात्मा गांधी का जाति पर दृष्टिकोण अम्बेडकर से अलग था, लेकिन ‘जाति का विनाश’ गांधी की कृति नहीं है।
- (B) पेरियार ई.वी. रामासामी तमिलनाडु के समाज-सुधारक थे, पर यह पुस्तक उन्होंने नहीं, डॉ. बी.आर. अम्बेडकर ने लिखी थी।
- (C) ज्योतिबा फुले ने जाति-भेद के विरुद्ध काम किया, लेकिन ‘जाति का विनाश’ उनके नाम से नहीं, अम्बेडकर के नाम से जुड़ी है।
अवधारणा
आधुनिक भारतीय इतिहास में सामाजिक सुधार, जाति-व्यवस्था की आलोचना और अम्बेडकर का वैचारिक योगदान महत्वपूर्ण विषय हैं। RAS में ऐसी रचनाएं बार-बार पूछी जाती हैं, क्योंकि वे व्यक्ति, विचार और आंदोलन को एक साथ जोड़ती हैं।
