RAS प्रश्न
1932 में रैमसे मैकडोनाल्ड द्वारा सांप्रदायिक पंचाट की घोषणा के समय भारत के वायसराय कौन थे?
सही उत्तर: (C) लॉर्ड विलिंगडन।
1932 में रैमसे मैकडोनाल्ड के सांप्रदायिक पंचाट की घोषणा के समय भारत के वायसराय लॉर्ड विलिंगडन थे।
व्याख्या
लॉर्ड विलिंगडन 18 अप्रैल 1931 से 18 अप्रैल 1936 तक भारत के वायसराय और गवर्नर-जनरल रहे। इसी कार्यकाल में रैमसे मैकडोनाल्ड ने 16 अगस्त 1932 को सांप्रदायिक पंचाट घोषित किया और 1932 में पूना पैक्ट हुआ। पंचाट ने अल्पसंख्यक प्रतिनिधित्व का प्रस्ताव रखा और दलितों को अल्पसंख्यक मानते हुए उनके लिए पृथक निर्वाचन की व्यवस्था की। इसी प्रावधान पर गांधी ने यरवदा जेल से विरोध किया, आमरण अनशन किया, और गांधी-अंबेडकर समझौते के रूप में पूना पैक्ट सामने आया। इसलिए 1932 की इस घटना का संबंध विलिंगडन के कार्यकाल से है।
बाक़ी विकल्प ग़लत क्यों हैं
- (A) लॉर्ड लिनलिथगो सही नहीं हैं, क्योंकि 1932 का सांप्रदायिक पंचाट लॉर्ड विलिंगडन के 1931–1936 कार्यकाल में हुआ था।
- (B) लॉर्ड रीडिंग सही नहीं हैं, क्योंकि वे इस घटना से पहले के वायसराय थे और 1932 का सांप्रदायिक पंचाट विलिंगडन काल की घटना थी।
- (D) लॉर्ड इरविन सही नहीं हैं, क्योंकि वे 1932 से पहले पद छोड़ चुके थे और 1932 का सांप्रदायिक पंचाट विलिंगडन के कार्यकाल की प्रमुख घटना थी।
अवधारणा
आधुनिक भारत में संवैधानिक सुधारों, पृथक निर्वाचन और पूना पैक्ट की कड़ी सीधे वायसराय के कार्यकाल से जुड़ती है। RAS में ऐसी घटनाएं बार-बार पूछी जाती हैं क्योंकि तारीख, वायसराय और राजनीतिक परिणाम को साथ समझना पड़ता है।
