RAS प्रश्न
जलियांवाला बाग हत्याकांड (1919) के विरोध में किसने अपनी नाइटहुड उपाधि त्याग दी?
सही उत्तर: (A) रवींद्रनाथ टैगोर।
जलियांवाला बाग हत्याकांड के विरोध में रवींद्रनाथ टैगोर ने अपनी नाइटहुड उपाधि त्याग दी थी।
व्याख्या
जलियांवाला बाग हत्याकांड 13 अप्रैल 1919 को हुआ और इसके विरोध में रवींद्रनाथ टैगोर ने 30 मई 1919 को अपनी नाइटहुड उपाधि छोड़ दी। प्रेस सूचना ब्यूरो के अनुसार टैगोर ने विरोध में नाइटहुड त्यागी। इसलिए यह घटना केवल व्यक्तिगत असहमति नहीं थी, बल्कि ब्रिटिश शासन द्वारा भारतीयों के साथ किए गए व्यवहार के खिलाफ नैतिक विरोध का प्रतीक बनी। उनके वायसराय को लिखे पत्र में इसी पीड़ा की अभिव्यक्ति थी। यह क्रम याद रखना जरूरी है कि टैगोर का यह कदम असहयोग आंदोलन से पहले आया; असहयोग आंदोलन अगस्त 1920 में शुरू हुआ।
बाक़ी विकल्प गलत क्यों हैं
- (B) तेज बहादुर सप्रू ने जलियांवाला बाग हत्याकांड के विरोध में नाइटहुड त्यागी थी, ऐसा तथ्य नहीं मिलता; यह कार्रवाई रवींद्रनाथ टैगोर से जुड़ी है।
- (C) सुरेंद्रनाथ बनर्जी ने जलियांवाला बाग हत्याकांड के विरोध में नाइटहुड नहीं त्यागी थी; यह कदम रवींद्रनाथ टैगोर ने उठाया था।
- (D) फिरोजशाह मेहता के बारे में जलियांवाला बाग हत्याकांड के विरोध में नाइटहुड त्यागने का उल्लेख नहीं है; यह तथ्य रवींद्रनाथ टैगोर से संबंधित है।
अवधारणा
आधुनिक भारतीय इतिहास में जलियांवाला बाग हत्याकांड के बाद राष्ट्रीय प्रतिक्रिया और असहयोग-पूर्व विरोध की समय-रेखा महत्वपूर्ण है। RAS में इसी घटना से व्यक्ति, तारीख और आंदोलन-क्रम तीनों पूछे जा सकते हैं।
