RAS प्रश्न
'भारत के महान वृद्ध पुरुष' के रूप में किसे जाना जाता है?
सही उत्तर: (C) दादाभाई नौरोजी।
दादाभाई नौरोजी को भारत के वयोवृद्ध पुरुष के रूप में जाना जाता है।
व्याख्या
दादाभाई नौरोजी को भारत के वयोवृद्ध पुरुष कहा जाता है, क्योंकि उनका लंबा सार्वजनिक जीवन आरंभिक राष्ट्रवादी राजनीति, औपनिवेशिक शासन की आर्थिक आलोचना और संवैधानिक तरीकों से जुड़ा रहा। 1892 में वे फिन्सबरी से ब्रिटिश संसद के लिए चुने जाने वाले पहले भारतीय बने। उन्होंने ‘पॉवर्टी एंड अन-ब्रिटिश रूल इन इंडिया’ पुस्तक लिखी और धन-निकासी सिद्धांत प्रतिपादित किया। भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस भी उन्हें इसी उपाधि से संबोधित करती है और 1845 से 1917 तक का प्रमुख सार्वजनिक व्यक्तित्व बताती है। उसने यह भी बताया है कि नौरोजी ने कई संगठनों और सार्वजनिक मंचों के ज़रिए भारतीयों की शिकायतों, उद्देश्यों और आकांक्षाओं को सामने रखा। इन्हीं विशेषताओं के कारण यह उपाधि दादाभाई नौरोजी से जुड़ी है, न कि केवल किसी भी आरंभिक कांग्रेस नेता से।
बाक़ी विकल्प गलत क्यों हैं
- (A) गोपाल कृष्ण गोखले को गांधीजी का राजनीतिक गुरु माना जाता है, लेकिन भारत के वयोवृद्ध पुरुष की उपाधि उनसे नहीं जुड़ी है।
- (B) डब्ल्यू. सी. बनर्जी भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के पहले अध्यक्ष थे, लेकिन यह पहचान दादाभाई नौरोजी की उपाधि से अलग है।
- (D) सुरेंद्रनाथ बनर्जी को भारत का बर्क कहा जाता है, इसलिए उनकी प्रचलित उपाधि दादाभाई नौरोजी से जुड़ी उपाधि से अलग है।
अवधारणा
यह प्रश्न आधुनिक भारतीय इतिहास में राष्ट्रीय आंदोलन के उदारवादी दौर, उसके प्रमुख नेताओं और उनकी विशिष्ट उपाधियों पर आधारित है। RAS में ऐसी उपाधियों पर बार-बार प्रश्न पूछे जाते हैं; इनसे किसी व्यक्ति की राजनीतिक भूमिका, लेखन और संगठनात्मक योगदान की पहचान होती है।
